राहुल गांधी के निशाने पर वित्त मंत्री, बोले- सरकार के 3 कदमों से बर्बाद हुई भारतीय अर्थव्यवस्था

New Delhi: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के ‘दैवीय घटना’ (ऐक्ट ऑफ गॉड) वाले बयान को लेकर शुक्रवार को उन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार के तीन कदमों से भारत की अर्थव्यवस्था बर्बाद हुई।

उन्होंने (Rahul Gandhi) आरोप लगाया कि नोटबंदी, ‘त्रुटिपूर्ण जीएसटी’ और ‘विफल लॉकडाउन’ के कारण अर्थव्यवस्था तबाह हो गई। उन्होंने वित्त मंत्री (Nirmala Sitharaman) के बयान का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘भारत की अर्थव्यस्था तीन कदमों- नोटबंदी, त्रूटिपूर्ण जीएसटी और विफल लॉकडाउन के कारण तबाह हो गई। इसके अलावा दूसरी बातें झूठ हैं।’

वित्त मंत्री (Nirmala Sitharaman) ने गुरुवार को कहा था कि अर्थव्यवस्था कोविड-19 महामारी से प्रभावित हुई है, जो कि एक दैवीय घटना है और इससे चालू वित्त वर्ष में इसमें संकुचन आएगा। चालू वित्त वर्ष में जीएसटी राजस्व प्राप्ति में 2.35 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान लगाया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने जीएसटी परिषद की 41वीं बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि स्पष्ट रूप से जीएसटी क्रियान्वयन के कारण जो क्षतिपूर्ति बनती है, केंद्र उसका भुतान करेगा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शुक्रवार को ट्वीट कर राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे जीएसटी के मुआवजे के मुद्दे पर केंद्र की ओर से दिए गए विकल्प को नकार दें और एक स्वर में राशि की मांग करें। गौरतलब है कि गुरुवार को जीएसटी परिषद की बैठक में केंद्र ने राज्यों के सामने विकल्प दिया कि वे मौजूदा वित्त वर्ष में जरूरी राजस्व के लिए कर्ज ले सकते हैं और इसमें केंद्र की तरफ से मदद की जाएगी।

ये हैं दो विकल्प

कोरोना के कारण केंद्र और राज्यों की कमाई काफी घट गई है। केंद्र का कहना है कि राज्य बाजार से कर्ज उठाए, जबकि राज्यों का कहना है कि यह काम केंद्र करे।

मुआवजे की भरपाई को लेकर जो दो विकल्प दिए गए हैं उसमें पहला विकल्प ये है कि राज्यों को रिजर्व बैंक से 97000 करोड़ का स्पेशल कर्ज मिलेगा जिसपर इंट्रेस्ट रेट काफी कम लगेगा। दूसरा विकल्प ये है कि पूरा 2.35 लाख करोड़ का गैप राज्यों द्वारा रिजर्व बैंक की मदद से वहन किया जाएगा। इसके लिए राज्यों ने सात दिन का समय मांगा है।

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