Astra Missiles

चीन-पाकिस्तान जैसे दुश्मनों के छक्के छुड़ाएंगे भारत के ये ‘अस्त्र’, जानिए खूबियां

New Delhi: लद्दाख में चीन के साथ चल रही टेंशन के बीच भारतीय रक्षा मंत्रालय ने बड़े रक्षा खरीद की मंजूरी दे दी। साथ ही भारतीय सेना की ‘कमान’ में शामिल हथियार ‘अस्त्र’ (Astra Missiles) के निर्माण में और तेजी लाने का फैसला किया है।

स्वदेशी हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र मिसाइल (Astra Missiles) 10 किलोमीटर से लेकर 160 किलोमीटर तक दुश्मन के किसी भी विमान को तबाह कर सकती है। इस मिसाइल को सुखोई, मिग 29, मिराज 2000 और तेजस में फिट किया जा सकता है। इस मिसाइल का 2003 में इसका पहला टेस्‍ट तेजस से किया गया था। गौरतलब है कि ये एक क्रूज मिसाइल है जो कई तरह की खूबियों से लैस है। आइए जानते हैं इस मिसाइल की खूबियां

स्‍वदेशी तकनीक से निर्मित है अस्‍त्र मिसाइल

स्‍वदेशी तकनीक से निर्मित अस्‍त्र मिसाइल (Astra Missiles) को मुख्‍य रूप से भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने तैयार किया है। ये एक आल वेदर बियोंड विजुअल रेंज एयर टू एयर मिसाइल है। हिन्दुस्तान एरोनटिक्स लिमिटेड ने इस मिसाइल के लिए सुखोई में कुछ खास बदलाव किए हैं। इस दौरान इस मिसाइल ने 70 किमी का सफर तय कर अपने टार्गेट पर जबरदस्‍त हमला किया था।

5555 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है अस्त्र मिसाइल

अस्त्र मिसाइल (Astra Missiles) को मिराज 2000, मिग 29, मिग 21, तेजस और सुखोई 30 से भी दागा जा सकता है। यह मिसाइल पूरी तरह से स्वदेशी तकनीकी से निर्मित है। ये मिसाइल 5555 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। मिसाइल हर तरह के मौसम में दुश्‍मन पर सटीक हमला करने में सक्षम है।

कई परिस्थितियों में इस्‍तेमाल की जा सकती है अस्त्र मिसाइल

छोटे आकार की वजह से इसको कई परिस्थितियों में इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इसका वजन महज 154 किग्रा है। इसको अलग-अलग ऊंचाई से दागा जा सकता है। 15 किलोमीटर की ऊंचाई से छोड़े जाने पर यह मिसाइल 110 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है। जबकि आठ किलोमीटर की ऊंचाई से छोड़े जाने पर यह 44 किलोमीटर की दूरी तक जा सकती है। वहीं 3 किमी की ऊंचाई से लॉन्‍च करने पर ये मिसाइल अपनी अधिकतम दूरी तक मार कर सकती है।

अपने साथ 15 किग्रा विस्‍फोटक ले जा सकती है अस्त्र मिसाइल

ये मिसाइल अपने साथ 15 किग्रा विस्‍फोटक ले जा सकती है। इस दौरान ये मिसाइल 70 किमी की दूरी पर सटीक निशाना लगाने में सक्षम है।

सुखोई-30

भारत को पहला सुखोई-30 2002 में मिला था। दो इंजन वाले इस टू सीटर लड़ाकू विमान में सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम लगा है, जिसकी मदद से यह रात और दिन दोनों समय ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है। इसमें हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है और यह 3,000 किलोमीटर की दूरी तक जाकर दुश्मन को नेस्तनाबूद कर सकता है।

मिग-29

मिग-29 लड़ाकू विमान में कई खूबियां हैं जो इसे दूसरों से बेहतर साबित करती हैं। अपग्रेड होने के बाद ईंधन भरने के लिए इस लड़ाकू विमान को नीचे उतारने की ज़रूरत नहीं है।

उड़ान भरते समय आसमान में ही रिफ्यूलिंग़ हो सकती है। इस विमान को नई मिसाइलों से लैस किया गया है। सिंगल सीटर यह लड़ाकू विमान करीब 2000 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। इस लड़ाकू विमान की रेंज करीब 1400 किलोमीटर है। यह लड़ाकू विमान 18,000 किलोग्राम वजन ले जा सकता है।

​पिनाका मिसाइल सिस्टम

पिनाका मिसाइल सिस्टम सभी प्रकार के मौसम में काम करता है। यह दुश्मन के सैनिकों, बख्तरबंद वाहनों, संचार केंद्रों, हवाई टर्मिनल परिसरों, ईंधन और गोला-बारूद के ढेरों जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लक्ष्यों पर सटीक निशाना लगा सकता है।

पिनाका हथियार प्रणाली में रॉकेट, मल्टी बैरल रॉकेट लांचर, बैटरी कमांड पोस्ट, लोडर कम रिप्लेसमेंट व्हीकल, रिप्लेसमेंट व्हीकल और डिजीकोरा मेट रडार शामिल हैं। 214 मिमी बैरल वाले पिनाका मिसाइल सिस्टम 12 रॉकेट से लैस है। इसके हर वारहेड का वजन 250 किलोग्राम होता है। 80 किमी/घंटा की गति से लक्ष्य पर हमला करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *