PM Narendra Modi Ladakh Visit

भारतीय सेना और PM मोदी की बड़ी कामयाबी, PP 14, 15 और 17ए से पीछे हटे चीनी सैनिक

New Delhi: Chinese Troops Withdraw from PP 14, 15 and 17A: पूर्वी लद्दाख सीमा (Eastern Ladakh border) पर पिछले कई दिनों से जारी तनातनी को कम करने के लिए भारत और चीन के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर लगातार बातचीत हो रही थी। आखिरकार उसका कुछ नतीजा देखने को मिल रहा है।

एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पेट्रोलिंग पॉइंट 14, 15 और 17ए में डिसइंगेजमेंट (Chinese Troops Withdraw from PP 14, 15 and 17A) की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यानी दोनों सेनाएं इन पॉइंट्स पर अब आमने-सामने टकराव की स्थिति में नहीं हैं।

हॉटालाइन पर कनेक्‍टेड हैं दोनों आर्मीज के कमांडर

सूत्रों के मुताबिक दोनों सेनाओं के सीनियर कमांडरों की अगले हफ्ते बैठक हो सकती है जिसमें पैंगोंग सो लेक एरिया में डिसइंगेजमेंट के तौर तरीकों पर बात होगी। यह दोनों सेनाओं के कोर कमांडरों के बीच पांचवें दौर की बातचीत होगी। इसमें पैंगोंग सो और गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स में रुकी पड़ी डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

साथ ही सामरिक महत्व वाले देपसांग इलाके में यथास्थिति बहाल करने पर भी चर्चा होगी। सूत्रों के मुताबिक ग्राउंड पर दोनों सेनाओं के कमांडर हॉटलाइन पर लगातार संपर्क में हैं ताकि अगले हफ्ते होने वाली कोर कमांडर स्तर की बैठक से पहले रुकी पड़ी डिसइंगेजमेंट प्रोसेस पर एकदूसरे की आपत्तियों का निपटारा किया जा सके।

विदेश मंत्रालय की बातचीत में हुई थी पुष्टि

इससे एक दिन पहले विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की थी कि भारतीय और चीनी अधिकारी पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर अपने सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमत हो गए हैं।

एक दिन पहले गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने अपने बयान में कहा कि भारत चाहता है कि चीनी पक्ष कंपलीट डिसइंगेजमेंट और डी-एस्केलेशन के काम को पूरी ईमानदारी से करे और सीमाई इलाकों में शांति की पूर्ण बहाली करे।

15-16 जून के बाद से तनाव बरकरार

बता दें कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15-16 जून की रात को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुए हिंसक झड़प में कर्नल समेत 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।

झड़प में चीनी सेना पीएलए के भी कम से कम 45 सैनिक मारे गए थे, हालांकि चीन ने आधिकारिक तौर पर मरने वाले सैनिकों की संख्या का खुलासा नहीं किया। तब से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और इसे कम करने की कोशिशें जारी हैं।

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