लद्दाख: चीनी सैनिकों का 1962 जैसा पैंतराः बजा रहे पंजाबी गाने, PM मोदी के खिलाफ भड़;का रहे

New Delhi: पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में हजारों फुट ऊंची चोटियों पर फतह हासिल करके चीनी घु’सपै’ठ का मुंहतोड़ जवाब देने वाले भारतीय सैनिकों (Chinese Army PLA) के मनोबल को तोड़ने के लिए चीन अब एक और चाल चल रहा है।

अपने सरकारी भोपू ग्‍लोबल टाइम्‍स (Global Times) के जरिए मनोवैज्ञानिक यु’द्ध चलाने वाला चीन अब ‘मैदान-ए-जं’ग’ में लाउडस्‍पीकर के जरिए भारतीय सैनिकों (Indian Army) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के खिलाफ भ’ड़का’ने में जुट गया है।

दरअसल, चीन अपनी हजारों साल पुरानी रणनीति पर काम कर रहा है। चीनी सेना के सैन्‍य रणनीतिकार सुन जू ने छठवीं शताब्‍दी ईसा पूर्व में अपनी बहुचर्चित किताब ‘आर्ट ऑफ वॉर’ में लिखा है कि सबसे अच्‍छा यु’द्ध कौशल वह होता है जो बिना लड़े ही जीत लिया जाए। उन्‍हीं की रणनीति पर काम करते हुए चीनी सेना और ग्‍लोबल टाइम्‍स जैसे कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के मुखपत्र लद्दाख में भारतीय सैनिकों के खिलाफ मनोवैज्ञानिक यु’द्ध छेड़े हुए हैं।

हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक 29-30 अगस्‍त को पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर भारतीय सेना के रेजांग ला और रेचिन ला में चीनी सेना को करारी चो’ट देने के बाद चीनी सेना सबसे पहले टैं’क और ब’ख्‍तरबं’द सैन्‍य वाहन लेकर आई थी। उसे उम्‍मीद थी कि भारत ड’र जाएगा और पीछे हट जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। भारतीय सेना ने स्‍पष्‍ट कर दिया कि अगर चीनी सेना ने लक्ष्‍मण रेखा को पार किया तो वह करा’रा जवाब देगी।

चीनी सेना के मोल्‍डो सैन्‍य ठिकाने पर बड़े-बडे़ लाउडस्‍पीकर लगाए गए

इस चाल के नाकाम होने के बाद उस समय भारतीय सेना के कमांडरों के हंसी का ठिकाना नहीं रहा जब चीनी सेना ने पैंगोंग झील के फिंगर 4 पर पंजाबी गाना बजाना शुरू कर दिया। वहीं एक चूसूल में चीनी सेना के मोल्‍डो सैन्‍य ठिकाने पर बड़े-बडे़ लाउडस्‍पीकर लगाए गए हैं। इन पर चीनी सेना की ओर से कहा जा रहा है कि भारतीय सेना अपने राजनीतिक आकाओं के हाथों मू’र्ख न बने।

चीनी सैनिक हिंदी में कड़ाके की ठंड में इतनी ऊंचाई पर भारतीय सैनिकों को तैनात किए जाने की भारतीय नेताओं के फैसले की सार्थकता पर सवाल उठा रहे हैं। चीन की रणनीति यह है कि भारतीय सैनिकों के आत्‍मविश्‍वास को क’मजोर किया जा सके और सैनिकों के अंदर असं’तोष पैदा किया जा सके जो कभी भी गरम खाना नहीं खा पाते हैं।

भारतीय सेना के एक पूर्व चीफ ने कहा कि पीएलए लाउडस्‍पीकर रणनीति का इस्‍तेमाल वर्ष 1962 और 1967 में नाथु ला झ’ड़’प के दौरान कर चुकी है। उन्‍होंने कहा कि चीन को लगता है कि फिंगर 4 पर पंजाबी सैनिक तैनात हैं।

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