अरब सागर में चीनी-PAK पनडुब्बियों का शि’कार करेगा अमेरिकी ‘हंटर’ Boeing P8i, जल्द आ रहा भारत

New Delhi: भारत और चीन (India China Tension) में त’नाव के बीच अमेरिका अगले महीने ड्रै’गन की पनडुब्बियों का शि’कार करने के लिए भारत को अपना सबसे बड़ा ‘शि’कारी’ (Boeing P8i Maritime Surveillance Aircraft) देने जा रहा है।

हिंद महासागर और अरब सागर में चीनी यु’द्धपोतों और पनडु’ब्बियों की बढ़ती घुसपैठ के बीच अमेरिका नए बोइंग P-8i (Boeing P8i) निगरानी विमानों का जत्‍था भारत को सौंपने जा रहा है। ये विमान पहले से भारतीय नौसेना में मौजूद बेडे़ में शामिल होंगे।

इन नए P-8i विमानों (Boeing P8i Maritime Surveillance Aircraft) को कई नई तकनीकों और हथि’यारों से लैस किया गया है। इन विमानों को भारत के पश्चिमी तट पर गोवा में हंसा नेवल बेस पर तैनात किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इन विमानों के आने से भारत हिंद महासागर और अरब सागर में चीनी और पाकिस्‍तानी पनडुब्बियों और यु’द्धपोतों का आसानी से खा’त्‍मा कर सकेगा।

भारत के पास पहले से ही 8 पी-8 आई विमान मौजूद हैं जिन्‍हें तमिलनाडु के अरक्‍कोनम में तैनात किया गया है। अत्‍याधुनिक रेडार से लैस ये विमान जरूरत पड़ने पर चीनी सीमा पर लद्दाख और पूर्वोत्‍तर में भी भेजे जाते हैं।

जानें, किन-किन हथियारों से लैस है अमेरिकी शि’कारी

अमेरिका की चर्चित कंपनी बोइंग (Boeing P8i Maritime Surveillance Aircraft) की ओर से बनाए गए इन विमानों में चालक दल के तीन सदस्‍य और एक नौसैनिक विशेषज्ञ शामिल होता है। इन विमानों को सबमरीन का शि’कार करने के लिए मार्क-54 तारपीडो, मार्क-84 डेप्‍थ चार्ज और घा’तक ब’मों से लैस किया गया है। इसके अलावा इस विमान में एजीएम-84 हार्पून एंटी शिप मिसा’इलें भी लगाई गई हैं। पी-8 आई को कैरियर बैटल ग्रुप की सुरक्षा के लिए भी तैनात किया जा सकता है।

पी-8 आई में मैग‍नेटिक अनोमली डिटेक्‍शन सिस्‍टम (मैड) लगा है जो पानी के अंदर छिपी पनडुब्बियों को खोज निकालता है। इसके अलावा पी-8 में कई ऐसे रेडार लगे हैं जो लंबी दूरी तक नजर रखने और जासू’सी करने में सक्षम हैं। इस विमान की स्‍पीड 789 किमी प्रतिघंटा है और ऑपरेशनल रेज 1200 मील है। यह करीब 40 हजार फुट की ऊंचाई पर उड़ान भरता है।

हिंद महासागर, अरब सागर पर चीन और पाक की नजर

पी-8 आई विमान ऐसे समय पर भारत आ रहा है जब चीन और पाकिस्‍तान की पनडुब्बियां बहुत तेजी से हिंद महासागर और अरब सागर में अपनी पहुंच बढ़ा रही हैं। चीन समुद्री लुटेरों के नाम पर हिंद महासागर में बहुत तेजी से अपनी पकड़ बना रहा है। चीनी नौसेना ने म्‍यामांर, श्रीलंका, पाकिस्‍तान, ईरान और पूर्वी अफ्रीका में ज‍िबूती में अपनी उपस्थिति बढ़ा दी है। यही नहीं चीन पाकिस्‍तान के ग्‍वादर में विशाल नेवल बेस बना रहा है।

चीन-पाक को घेरने के लिए भारत ने बनाया बड़ा प्‍लान

भारत की घेरेबंदी में जुटे चीन और पाकिस्‍तान के खिलाफ भारत ने भी अपनी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। भारत ने फ्रांस के साथ रक्षा समझौता किया है। इससे भारत को अफ्रीका महाद्वीप के पास फ्रांस के र‍ियूनियन द्वीप पर स्थित नेवल बेस पर स्थित सुविधाओं के इस्‍तेमाल का अधिकार मिल गया है। इससे भारत हिंद महासागर में मेडागास्‍कर तक नजर रख सकता है। गोवा में इन विमानों की तैनाती से अब भारत पाकिस्‍तान, ईरान, सऊदी अरब और उससे लगे समुद्री इलाके पर अपनी पैनी नजर रख सकता है।

इसके अलावा भारत ने ऑस्‍ट्रेलिया के साथ समझौता किया है। भारत अब ऑस्‍ट्रेलिया के कोकोस द्वीप पर पी-8 आई को उतार सकता है। इससे भारत सुंडा स्‍ट्रेट के रास्‍ते पर चीन की हर हरकत का जवाब दे सकता है। भारतीय विमान इस समय तमिलनाडु में तैनात हैं जिससे पूरे मलक्‍का स्‍ट्रेट और अंडमान सागर में चीनी पनडुब्बियों और युद्धपोतों पर इंडियन नेवी नजर रख रही है। कुछ समय पहले ही भारत ने चीनी शोध जहाज को मा’र भगाया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *