भाजपा राम मंदिर में राम की जगह मोदी को स्थापित करना चाहती है : विकास उपाध्याय

Vikas Upadhyay

असम, 15 मार्च (वेबवार्ता)। अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय (Vikas Upadhyay) ने उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना ‘भगवान राम’ से किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है, भाजपा के नेता मोदी को ऐसा प्रचारित कर करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि राम मंदिर के निर्माण में भाजपा के भविष्य की ऐसी कोई योजना सम्मिलित तो नहीं कि मोदी को भी इस मंदिर में भगवान राम के समकक्ष स्थान दे दिया जाए।

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय (Vikas Upadhyay) ने उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना ‘भगवान राम’ से किए जाने के बाद इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए कहा, अब यह बात स्पष्ट हो गई है कि भाजपा भगवान राम के प्रति नहीं बल्कि भगवान के रूप में भगवान राम के स्थान पर नरेंद्र मोदी पर आस्था रखती है और ऐसा कर हिंदुस्तान के करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ घोखा कर आंखमिचौली खेल रही है।

विकास उपाध्याय (Vikas Upadhyay)ने कहा, प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी का यह अंतिम पड़ाव है। इसके बाद भाजपा की जो मंशा है रावत के वक्तव्य से स्पष्ट हो गया है कि उन्हें राम मंदिर में स्थापित करने की है। यही वजह है कि उनके रंग रूप में जिस तरह के बदलाव लाया जा रहा है, दाढ़ी का बढ़ाया जाना, पोशाक में परिवर्तन लाना सब कुछ भविष्य की योजना का एक रूप है।

विकास उपाध्याय (Vikas Upadhyay) ने कहा,भगवान राम समाज को सत्य के मार्ग पर ले जाने कई ऐसे कार्य किए जो आज भी समाज में प्रासंगिक है। राम, भगवान के ही एक अवतार थे इसीलिए लोग उन्हें भगवान मानने लगे थे। इसके ठीक उलट मोदी हैं जो समाज में हिन्दू- मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई के बीच भेदभाव कर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। समाज में खुशहाली लाना छोड़ लोगों को महंगाई में डुबो कर लोगों का जीना दूभर कर दिया हैं। भगवान राम दुष्कर्मी शासकों को परास्त कर उन राज्यों को अपने अधीन कर समाज में शांति लाया करते थे पर मोदी अपने देश की जमीं को गिरवी रख रहे हैं।

विकास उपाध्याय (Vikas Upadhyay) ने देश की जनता से अपील की है कि वे भाजपा के भविष्य की मंशा से अभी से अवगत हो जाएं, अन्यथा इसका विरोध करने भी विलंब हो जाएगा। भाजपा को किसी हिंदू से कोई सरोकार नहीं है, उसे तो बस सत्ता चाहिए। भगवान राम के नाम को तो वह सिर्फ माध्यम बना रहीं है। असल मकसद तो मोदी को भगवान बनाने की है।अब वो समय आ गया है कि समाज को जागरूक होने की जरूरत है। जरूरत है भारत का उज्वल भविष्य कैसा हो। देश कैसा सुरक्षित रहे। जरूरत है महंगाई कैसे दूर हो। बेरोजगारी कैसे कम हो जिस पर भाजपा कुछ बोल नहीं रही है।बोल रही है तो सिर्फ झूठ जबकि भगवान राम झूठ के सख्त खिलाफ थे। उन्होंने भगवान राम की तुलना मोदी से न करने की नसीहत देते हुए पूरे देश में इसके खिलाफ आंदोलन करने की बात कही है।