राम मंदिर के भूमि पूजन पर चढ़ा सियासी पारा, अब शिवसेना बोली- उद्धव को बुलाओ

New Delhi: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir in Ayodhya) के लिए 5 अगस्त को भूमि पूजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi Ayodhya) भी शामिल हो सकते हैं।

इस पर जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने सवाल उठाए तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी पलटवार किया। उधर, शिवसेना की ओर से इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भी बुलाने की मांग की गई है।

शिवसेना की इस मांग के साथ ही लोगों ने भी सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि शिवसेना को भी महाराष्ट्र की स्थिति देखकर तमाम बातें करनी चाहिए।

‘इस बात को अगर कुछ लोग नहीं समझते तो…’

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी कहते हैं, ‘मशहूर जिनके दम से है दुनिया में नाम-ए-हिंद, है राम के वजूद पे हिंदोस्तां को नाज, अहले नजर समझते हैं उनको इमाम-ए-हिंद।

अल्लामा इकबाल ने कहा कि पूरी दुनिया को अगर हिंदुस्तान पर नाज है तो वह मर्यादा पुरुषोत्तम राम की वजह से है। इस बात को अगर कुछ लोग नहीं समझते तो ये उनकी अपनी समस्या है। हिंदुस्तान का हर व्यक्ति चाहता था कि राम मंदिर का निर्माण राम जन्मभूमि पर होना चाहिए। यह हो रहा है। यह शुभ संकेत है।’

शिवसेना विधायक ने लिखा पत्र

शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाइक ने सोमवार को मांग की कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं। सरइनाइक ठाणे में ओवला-माजीवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने इस संबंध में श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के मुख्य ट्रस्टी को एक पत्र लिखा है।

‘दूर की रास्ते की रुकावटें’

इससे पहले दिन में शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया और रास्ते की मुख्य रुकावटों को राजनीति के लिए नहीं बल्कि आस्था और हिंदुत्व के लिए दूर किया।

सरनाइक ने पत्र में कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण अयोध्या में समारोह में कुछ लोगों को ही आमंत्रित किया जाएगा। समझा जाता है कि उन संगठनों और राजनीतिक दलों को समारोह के लिए आमंत्रित किया जा सकता है जिन्होंने प्रत्यक्ष रूप से या परोक्ष रूप से (मंदिर निर्माण के लिए) प्रयास किए हैं। उनके पत्र की प्रति मीडिया को उपलब्ध कराई गई है।

‘मंदिर निर्माण की रखी थी नींव’

सरनाइक ने कहा कि शिवसेना संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे मंदिर निर्माण आंदोलन में आगे-आगे थे। विधायक ने कहा कि उद्धव ठाकरे बार-बार राम मंदिर निर्माण की मांग करते रहे हैं, जब किसी अन्य नेता ने इस मुद्दे को नहीं उठाया था। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना ने ही मंदिर निर्माण की नींव रखी थी।

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