जमीन हड़पने के केस में BJP उपाध्‍यक्ष बैजयंत पांडा की बढ़ी परेशानी, HC ने गिरफ्तारी से रोक हटाई

New Delhi Desk: BJP के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष बैजयंत पांडा (Baijayant Panda) को ओडिशा हाई कोर्ट (Odisha High Court) के एक फैसले से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने पांडा के स्‍वामित्‍व वाली कंपनी पर लगे दलितों की जमीन हड़पने के आरोप मामले में दखल करने से इनकार कर दिया है।

इतना ही नहीं हाई कोर्ट (Odisha High Court) ने पहले के सभी अंतरिम आदेशों को भी खारिज कर दिया है। इससे पांडा (Baijayant Panda) और उनकी पत्‍नी जागी पांडा की ग‍िर’फ्तारी के रास्‍ते खुल गए हैं। यह केस आईपीसी की कई धाराओं और एससी/एसटी ऐक्‍ट के तहत दर्ज किया गया है।

पांडा (Baijayant Panda) और उनकी पत्‍नी ओडिशा इन्‍फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड (ओआईपीएल) कंपनी के मालिक हैं। इससे पहले हाई कोर्ट (Odisha High Court) ने एक आदेश पारित करके इनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसके बाद पांडा ने अपने और कंपनी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्‍त कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दी थी।

नवीन पटनायक पर बदले की राजनीति का आरोप

शनिवार को पांडा (Baijayant Panda) ने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से इनकार किया। उन्‍होंने कहा कि ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की बदले की राजनीति की वजह से उनके खिलाफ यह मामला चलाया जा रहा है। अपने बयान में जागी पांडा ने कहा, ‘हमने कुछ भी गलत नहीं किया है, हमें भरोसा है कि अंतत: अदालतों में यह साबित हो जाएगा।’

अपने ड्राइवर की मदद से दलितों की जमीन खरीदी

इंडियन एक्‍सप्रेस में छपी खबर के अनुसार, इसी साल 31 अक्‍टूबर को ओडिशा पुलिस की इकॉनमिक ऑफेंस विंग ने कंपनी के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की थी। इसमें आरोप है कि साल 2010 से 2013 के बीच दलित समुदाय के रबिंद्र कुमार सेठी पर दबाव डालकर पांडा दंपती ने उन्‍हें 22 दलितों की 7.294 एकड़ जमीन खरीदने को मजबूर किया। उस समय रबिंद्र कंपनी में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे थे। पांडा दंपती पर आरोप है कि इस तरह उन्‍होंने दलितों की जमीन गैर दलितों को खरीदने से रोकने वाले कानून का उल्‍लंघन किया है।

बीजू जनता दल से सस्पेंड किया गया था

बैजयंत पांडा केंद्रपाड़ा से बीजू जनता दल के टिकट पर चुनाव जीते थे लेकिन 2018 में पार्टी नेताओं से मतभेद के कारण उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था। उस वक्त माना जा रहा था कि उनकी बीजेपी नेताओं से नजदीकी की वजह से उन्हें सस्पेंड किया गया है। इसके बाद पांडा पिछले साल मार्च में औपचारिक तौर पर बीजेपी में शामिल हो गए थे। बाद में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता भी बनाया गया।

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