BJP Leader Ranjit Bahadur Srivastava

हाथरस आरो’पियों के समर्थन में BJP नेता रंजीत श्रीवास्तव, बोले- हिम्मत है तो स’जा दिलाकर दिखाएं

New Delhi: हाथरस (Hathras News) गैं’गरे’प पीड़िता को लेकर शर्मनाक बयान देने वाले बीजेपी के नेता रंजीत बहादुर श्रीवास्तव (BJP Leader Ranjit Bahadur Srivastava) अब खुलेआम आरो’पियों की वकालत कर रहे हैं।

उन्होंने (BJP Leader Ranjit Bahadur Srivastava) कहा कि सभी आरो’पी निर्दो’ष हैं उन्हें बचाने के लिए वह उनका केस लड़ेंगे। साथ ही उन्होंने चुनौती दी है कि आरो’पियों को एक दिन की भी सजा दिलाकर दिखाएं। रंजीत श्रीवास्तव पेशे से वकील भी हैं।

यूपी के बाराबंकी से बीजेपी नेता रंजीत श्रीवास्तव (BJP Leader Ranjit Bahadur Srivastava) ने कहा, ‘मैं बीजेपी का कार्यकर्ता हूं और निर्दो’ष लड़कों को बचाने के लिए खुद वकालत करूंगा। मैं वकील भी हूं। मैं उनके लिए फ्री वकालत करूंगा। जो लोग चिल्ला रहे हैं कि फां’सी दिलाएंगे, मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि एक दिन की भी स’जा दिलाकर दिखाएं।

महिला आयोग ने भेजा नोटिस

इससे पहले पीड़िता पर अ’पमा’नजन’क टिप्पणी करने वाले बीजेपी नेता को महिला आयोग ने तलब किया है। आयोग के मुताबिक, रंजीत बहादुर श्रीवास्तव को नोटिस भेजकर 26 अक्टूबर को सुबह 11 बजे महिला आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है।

‘नेता कहलाने के लायक नहीं है’

इससे पहले महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा (Rekha Sharma) ने कहा था कि रंजीत बहादुर (BJP Leader Ranjit Bahadur Srivastava) किसी पार्टी के नेता कहलाने के लायक नहीं हैं। रेखा शर्मा ने ट्वीट किया, ‘वह किसी पार्टी का नेता कहलाने के लायक नहीं हैं। वह अपनी घटिया सोच दिखा रहे हैं और मैं उन्हें नोटिस भेज रही हूं।’

पीड़िता पर अप’मा’नज’नक टिप्पणी

रंजीत श्रीवास्तव (BJP Leader Ranjit Bahadur Srivastava) ने हाथरस की पी’ड़ि’ता के चरित्र को लेकर अ’पमा’नजन’क टिप्पणी की थी। सोशल मीडिया पर वायरल विडियो में रंजीत श्रीवास्तव ने हाथरस कां’ड की पीड़िता का जिक्र करते हुए कहा था, ‘लड़की ने लड़के को बाजरे के खेत में बुलाया होगा क्योंकि प्रेम प्रसंग था। ये सब बातें सोशल मीडिया पर हैं और चैनलों पर भी हैं।’

बीजेपी नेता बोले थे, ‘ये इस तरह की जितनी लड़कियां म’रती हैं ये कुछ ही जगहों पर पाई जाती हैं। ये (लड़कियां) गन्ने के खेत में पाई जाती हैं, अरहर के खेत में पाई जाती हैं, मक्के के खेत में पाई जाती हैं, बाजरे के खेत में पाई जाती हैं। ये नाले में पाई जाती हैं, झाड़ियों में पाई जाती हैं। ये जंगल में पाई जाती हैं।’

‘धान के खेत में क्यों म’री मिलती हैं लड़कियां’

बीजेपी नेता ने कहा था, ‘ये (लड़कियां) धान के खेत में ही म’री क्यों मिलती हैं? ये गेहूं के खेत में मरी क्यों नहीं मिलतीं? इनके म’रने की जगह वही है और कहीं पे घसी’टकर नहीं ले जाई जाती हैं। कोई इनको घसी’टकर ले जाता नहीं है। तो आखिर ये घटनाएं इन्हीं जगहों पर क्यों होती हैं? ये पूरे देश स्तर पर जांच का विषय है।’

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