Sambit Owaisi

PM मोदी का भूमि पूजन पर ओवैसी का विरोध, संबित लगाईं लताड़.. और ट्रेंड करने लगा- #दाढ़ी_वाले_जिन्नाह

New Delhi: Asaduddin Owaisi Ram Mandir PM Modi: अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति को लेकर बहस दिनोंदिन जोर पकड़ती जा रही है। देश में एक वर्ग प्रधानमंत्री के इस कदम को देश के धर्मनिरपेक्ष चरित्र के खिलाफ साबित करने के लिए दलीलें दे रहा है तो दूसरा पक्ष धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा पर ही सवाल उठा रहा है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुसलमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी जब प्रधानमंत्री को संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया तो बीजेपी ने उन्हें अतीत के कुछ रिवाजों और घटनाएं गिनाकर ओवैसी को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की।

दरअसल, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक निजी न्यूज चैनल पर इस विषय पर बहस के दौरान ओवैसी को ‘दाढ़ी वाले जिन्नाह’ कहकर पुकारा जो ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा।

ट्विटर पर चल पड़ा #दाढ़ी_वाले_जिन्नाह का ट्रेंड

ट्विटर पर कई लोगों ने #दाढ़ी_वाले_जिन्नाह के साथ ओवैसी पर आरोपों की झड़ी लगा दी तो कुछ लोग कटाक्ष में इसी हैशटैग के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें साझा करने लगे।

@agarwal_ksh ने ट्वीट किया, ‘जिस तरह जिन्ना ने अलग देश की मांग की थी, उसी तरह ओवैसी भी देश को तोड़ना चाहते हैं। ये वही लोग हैं जिन्होंने कहा कि 15 मिनट के पुलिस हटा दो, हम 15 करोड़ मुसलमान 100 करोड़ हिंदुओं को खत्म कर देंगे। और ये सेक्युलरिजम की बात करते हैं।’

ट्विटर हैंडल @satenderrawatuk ने कहा कि पाकिस्तान का निर्माण भी धर्म के आधार पर ही हुआ है। उन्होंने सवाल किया, ‘बिना दाढ़ी वाले जिन्ना की मांग पर पाकिस्तान का निर्माण धर्म के आधार पर हुआ था। अब #दाढ़ी_वाले_जिन्नाह असदुद्दीन ओवैसी क्या आप भी उसी तरह की घृणास्पद दारुल इस्लाम की राजनीति करना चाहते हैं और धर्म के नाम पर भारत के टुकड़ने करना चाहते हैं?’

वहीं, @CA_AshutoshSoni ने ओवैसी और उनकी पार्टी पर जबर्दस्त हमला बोला और कुछ तथ्य शेयर किए। उन्होंने कई ट्वीट किए और कहा, ‘मत भूलिए कि ओवैसी के दादा अब्दुल वाहिद ओवैसी हैदराबाद निजाम के मंत्री थे जो बंटवारा के वक्त पाकिस्तान का हिस्सा होना चाहते थे और जिन्होंने हैदराबाद में हिंदू आबादी पर अत्याचार किए थे।’

उन्होंने आगे लिखा, ‘ओवैसी के नेतृत्व वाली AIMIM की स्थापना 1927 में मुस्लिम समुदाय की सेवा और गैर-मुस्लिमों के प्रति नफरत फैलाने और उन पर अत्याचार करने के मकसद से हुई थी। यह धर्मनिरपेक्षता और संविधान के खिलाफ है। आखिर कोई राजनीतिक दल कैसे किसी एक समुदाय की सेवा के लिए गठित की जा सकती है।’

@CA_AshutoshSoni ने फिर कहा, ‘बंटवारे के वक्त उनकी पार्टी AIMIM का नेतृत्व कासिम रिजवी किया करते थे जिन्होंने पाकिस्तान के पक्ष में भारत के खिलाफ लड़ने के लिए ‘रजाकर’ के नाम से जिहादी संगठन बनाया था। चुनाव आयोग ने उनकी पार्टी का लाइसेंस क्यों कैंसल नहीं किया और उनके सभी सदस्यों को चुनाव लड़ने पर बैन क्यों नहीं लगाया?’

वहीं, @_M0DIfied_Ravi_ नाम के एक ट्विटर हैंडल ने AIMIM का पूरा नाम बताते हुए पूछा कि आखिर ओवैसी धर्मनिरपेक्षता की बात कैसे कर सकते हैं? उन्होंने लिखा, ‘पार्टी का नाम ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुसलमीन है और असदुद्दीन ओवैसी सेक्युलरिजम की बात करते हैं।’

कई ने मोदी की तस्वीर लगाकर चिढ़ाया

हालांकि, कई लोगों ने #दाढ़ी_वाले_जिन्नाह के जरिए बीजेपी पर कटाक्ष भी किया। @Nadeem_gaur92, @MohdKhalid_75, @FayajSamir, @RashidAliTurk जैसे ट्विटर हैंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की लॉकडाउन में बढ़ी हुई दाढ़ी वाली तस्वीरें शेयर कीं। कई लोगों ने संबित पात्रा के ट्विटर अकाउंट को टैग करते हुए चुटकी ली कि मोदीजी को अपमानित नहीं करें।

क्या कहा है ओवैसी ने?

दरअसल, ओवैसी ने ट्वीट कर कहा कि बतौर प्रधानमंत्री मोदी का भूमि पूजन समारोह में शामिल होना संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘आधिकारिक तौर पर भूमि पूजन में शामिल होना प्रधानमंत्री के संवैधानिक शपथ का उल्लंघन है। धर्मनिरपेक्षता संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है। हम नहीं भूल सकते कि 400 से ज्यादा वर्षों से अयोध्या में बाबरी मस्जिद थी और 1992 में अपराधियों के भीड़ ने इसे ध्वस्त किया था।’

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