भूमिपूजन पर भड़के ओवैसी, कहा- मोदी ने मंदिर नहीं बल्कि हिंदू राष्ट्र की भी नींव रखी

New Delhi: भगवान रामलला (RamLala) की नगरी अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन (Ayodhya Ram Mandir Bhumi Pujan) के साथ ही पूरे देश में राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है। उधर, राम मंदिर के भूमि पूजन को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin owaisi) ने नाराजगी जाहिर की है।

असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin owaisi) ने कहा कि भारत एक सेक्युलर देश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने राम मंदिर का भूमि पूजन (Ram Mandir Bhumi Pujan) कर अपने पद की गरिमा का उल्लंघन किया है।

असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin owaisi) ने कहा, ‘यह दिन हिंदुत्व की जीत और लोकतंत्र के साथ-साथ सेक्युलरिज्म की हार का भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi in Ayodhya) ने बुधवार को कहा कि वह आज भावुक थे। मैं भी उतना ही भावुक था क्योंकि मैं नागरिकों की सहभागिता और समानता में यकीन रखता हूं। मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, मैं इस वजह से भावुक हूं क्योंकि वहां 450 वर्षों तक मस्जिद खड़ी थी।’

राम मंदिर के भूमि पूजन से पहले ट्वीट

राम मंदिर के भूमि पूजन (Ram Mandir Bhumi Pujan) से पहले असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin owaisi) ने दो तस्वीरों के साथ ट्विटर पर लिखा था, ‘बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी। इंशाअल्लाह। हैशटैग बाबरी जिंदा है।’ असदुद्दीन का यह हैशटैग (#BabriZindaHai) ट्विटर पर काफी ट्रेंड हुआ है।

‘मस्जिद की हैसियत खत्म नहीं हो जाती’

उधर, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के जनरल सेक्रेटरी मौलाना वली रहमानी (Maulana Wali Rehmani) ने बयान जारी कर कहा, ‘बाबरी मस्जिद कल भी थी, आज भी है और कल भी रहेगी। मस्जिद में मूर्तियां रख देने से या फिर पूजा-पाठ शुरू कर देने या एक लंबे अर्से तक नमाज पर प्रतिबंध लगा देने से मस्जिद की हैसियत खत्म नहीं हो जाती।’

उन्होंने कहा, ‘हमारा हमेशा यह मानना रहा है कि बाबरी मस्जिद किसी भी मंदिर या किसी हिंदू इबादतगाह को तोड़कर नहीं बनाई गई। हालात चाहे जितने खराब हों हमें हौसला नहीं हारना चाहिए। खालिफ हालात में जीने का मिजाज बनाना चाहिए।’

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