Thursday, March 4, 2021
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Arnab Goswami Chat: आर्टिकल 370, बालाकोट एयर स्ट्राइक.. अर्नब को पता थीं ये बातें? वायरल चैट से उठे सवाल

Webvarta Desk: Arnab Goswami Viral Chat: रिपब्लिक टीवी (Republic TV) के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी (Arnab Goswami) की कथित चैट सामने आने के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने पिछले सप्ताह फर्जी टीआरपी केस की चार्जशीट में कोर्ट में जमा किए।

इन कथित चैट्स (Arnab Goswami Viral Chat) से यह पता चलता है कि अर्नब को दो साल पहले बालाकोट (Balakot Air Strike) में किए गए हमले की पहले से ही जानकारी भी थी। अर्नब ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व CEO पार्थ दासगुप्ता के साथ बातचीत में बोला था कि कुछ बड़ा होने वाला है।

जब दासगुप्ता ने अर्नब (Arnab Goswami) से सवाल किया कि क्या उनका मतलब दाऊद से है, तो रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ ने BARC के पूर्व CEO से कहा कि ‘…नहीं सर, पाकिस्तान। इस बार… यह सामान्य हमले से बड़ा होगा। दासगुप्ता इस पर जवाब देते हैं कि यह अच्छा है।’ ये वॉट्सऐप चैट्स 23 फरवरी, 2019 की हैं।

अर्नब तक कैसे पहुंची एयरस्ट्राइक की खबर?

तीन दिन बाद यानी 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंप पर हमला बोल दिया था। काफी लोगों ने सोशल मीडिया में इस बात पर हैरानी जताई है कि गोपनीय सैन्य कार्रवाई की अर्नब को आखिर किसने जानकारी लीक की? खुद विपक्षी पार्टियां इस लीक मामले में इंटरनल इन्क्वायरी की मांग कर रही हैं।

आर्टिकल 370 के बारे में भी थी जानकारी

केंद्र सरकार ने 5 अगस्त, 2019 को जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को रद्द कर दिया था। अर्नब और पार्थ दासगुप्ता की वॉट्सऐप से साफ संकेत मिलता है किअर्नब को इस बारे में पहले से पता था। 2 अगस्त, 2019 को दासगुप्ता गोस्वामी को चैट करते हैं कि ‘क्या आर्टिकल 370 सच में हटाया जा रहा है?’ जवाब में अर्नब कहते हैं कि मैंने ब्रेकिंग में प्लैटिनम मानक सेट किए हैं, यह स्टोरी हमारी है।

5 अगस्त, 2019 को अर्नब एक चैट में दासगुप्ता से कहते हैं कि ‘…रिपब्लिक नेटवर्क ने साल की सबसे बड़ी स्टोरी ब्रेक की है।’ एक चैट में अर्नब यह तक कहते हैं कि ‘अजित डोभाल तक जानना चाहते थे कि उन्हें खबर कैसे मिली।’

25 मार्च 2019 की चैट वायरल

25 मार्च, 2019 का भी एक चैट बहुत चर्चा में है। इससे पता चलता है कि बतौर BARC चीफ पार्थ दासगुप्ता ने BARC का एक बहुत ही गोपनीय कागजात अर्नब को भेजा और कहा कि उन्होंने नैशनल ब्रॉडकास्ट असोसिएशन (NBA) को जाम कर दिया है। रजत शर्मा NBA के अध्यक्ष हैं।

दासगुप्ता कहते हैं कि जब फुरसत मिले, तो लेटर पढ़ लीजिएगा। अर्नब जवाब देते हैं कि रजत की एंट्री नहीं होगी। दासगुप्ता उस चैट में कहते हैं कि किसी से कहिए कि रजत, NBA और TRAI हमें परेशान न करें।

अर्नब की चैट में AS का जिक्र

कुछ चैनलों ने TRAI से BARC की कुछ मनमानियों को लेकर शिकायत की थी। 4 अप्रैल, 2019 की एक चैट को पढ़कर साफ लगता है कि दासगुप्ता इसको लेकर खासे परेशान हैं। वह अर्नब से कहते हैं कि क्या वह AS से इस बारे में बात कर सकते हैं और कह सकते हैं कि BARC के खिलाफ TRAI थोड़ा नरम रहे?

4 अप्रैल, 2019 की एक अन्य चैट में दासगुप्ता कोअर्नब बताते हैं कि BARC को सीधे तौर पर AS की नजर में नहीं लाया जा सकता है। अर्नब की इसके आगे की लाइन से स्पष्ट है कि AS का मतलब यहां किसी बड़े राजनेता से है, क्योंकि अर्नब आगे कहते हैं कि राजनेताओं का ऐसे मामलों में हस्तक्षेप का एक तरीका होता है।

चैट में सूचना एवं प्रसारण मंत्री का जिक्र

7 जुलाई, 2017 की एक चैट में पार्थ दासगुप्ता अर्नब को बताते हैं कि सूचना व प्रसारण मंत्रालय में रिपब्लिक टीवी के खिलाफ एक शिकायत आई है। जवाब में अर्नब कहते हैं कि ‘फ्री टू एयर डिश के बारे में राठौर ने मुझे बताया और कहा कि यह शिकायत हाशिए पर कर दी गई है।’ माना जा रहा है कि यहां राठौर का मतलब तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री से है।

अर्नब के वायरल चैट पर उठे हैं कई बड़े सवाल

अर्नब गोस्वामी और BARC के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता की मीडिया में सामने आई कथित वॉट्सऐप चैट के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। इन चैट्स की जानकारी हैरान करने वाली है। इन्हें सही माना जाए तो बालाकोट स्ट्राइक से तीन दिन पहले ही अर्नब को इस हमले की जानकारी थी। विपक्ष इसे लेकर मोदी सरकार पर हमलावर है और आरोप लगा रहा है कि सरकार ने देश की सुरक्षा के साथ समझौता किया है। सरकार पर अर्नब के साथ साठगांठ के आरोप भी लग रहे हैं।

इन सवालों का जवाब चाहता है विपक्ष
  • अर्नब की वॉट्सऐप चैट में ‘AS’ नाम का शख्स कौन है, जिसका जिक्र बार-बार हो रहा है?
  • यह कैसे हुआ कि अर्नब को कश्मीर में आर्टिकल 370 को खत्म करने की केंद्र की कवायद की जानकारी विपक्ष से पहले ही हो गई थी?
  • क्या केंद्र सरकार इस पूरे मामले की इन्क्वायरी यानी जांच के लिए कोई बड़ा कदम उठाएगी कि देश की सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां अर्नब तक कैसे पहुंचीं?
  • प्रधानमंत्री कार्यालय में अर्नब की पहुंच कितनी है और इससे उनके बिजनेस को कितना फायदा पहुंचा है?
  • अर्नब की वॉट्सऐप चैट्स के जरिये संकेत मिले हैं कि सेना से जुड़ी सीक्रेट जानकारियां केंद्र के सोर्स से लीक हुईं, क्या सरकार इस पर कोई संयुक्त संसदीय समिति बनाएगी?
  • आखिर सरकार में कौन है, जो बालाकोट हमले से पहले अहम जानकारियां अर्नब के साथ साझा करके देश के जवानों की जिंदगी को खतरे में डाल रहा था?
  • क्या ये सच है कि पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री राठौर ने उन आरोपों को दरकिनार कर दिया था, जिनमें कहा गया था कि केंद्र ने सरकारी ब्रॉडकास्ट प्लैटफॉर्म अर्नब को फ्री में ही दे दिया था?
  • प्रसार भारती के चीफ वेम्पती से अर्नब को आखिर किस तरह की मदद मिली थी, जिसका जिक्र पार्थ के साथ अर्नब की वायरल वॉट्सऐप चैट्स में हो रहा है?

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