बड़ी खबर! मुंबई पुलिस ने अर्णब गोस्वामी को किया गिर’फ्तार, जावड़ेकर बोले- प्रेस की आजादी पर हम’ला

New Delhi: रिपब्लिक टीवी (Republic TV) के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी (Arnab Goswami) को 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से आ’त्मह’त्या के लिए उकसाने के मामले में गिर’फ्तार किया गया।

इससे पहले पुलिस (Mumbai Police) ने अर्णब (Arnab Goswami) को उनके घर से हिरासत में लिया था। इस दौरान अर्णब ने पुलिस पर अपने साथ मा’रपी’ट का आरो’प लगाया। रिपब्लिक टीवी (Republic TV) ने अर्णब (Arnab Goswami) के घर के लाइव फुटेज भी दिखाए जिसमें पुलिस और एंकर के बीच झ’ड़प होती दिख रही है।

अर्णब (Arnab Goswami) ने मुंबई पुलिस पर गुं’डागर्दी का आ’रोप लगाते हुए कहा कि उन्हें परिवार से बात करने से रोका गया। दवा देने से भी रोका गया। इसके बाद अर्णब गोस्वामी को मुंबई पुलिस अपने साथ वैन में ले गई।

पुलिस पर सास-ससुर, बेटे से मारपीट का आ’रोप

अर्णब गोस्वामी (Arnab Goswami) ने मुंबई पुलिस पर सन’सनीखेज आरो’प लगाते हुए कहा कि पुलिस ने सास-ससुर, बेटे और पत्नी के साथ मारपीट की। रिपब्लिक टीवी (Republic TV) के फुटेज के अनुसार, मुंबई पुलिस ने अर्णब के साथ भी बदसलूकी की।

यह आपातकाल के दिनों जैसा है- जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javdekar) ने अर्णब की गिर’फ्तार की निं’दा की और महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Govt) पर निशा’ना साधा। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री जावड़ेकर ने ट्वीट किया, ‘हम महाराष्ट्र में प्रेस की आजादी पर हम’ले की निं’दा करते हैं। यह प्रेस के साथ बर्ताव का तरीका नहीं है। यह हमें आपातकाल के उन दिनों की याद दिलाता है जब प्रेस को इस तरह से व्यवहार किया गया था।’

सुप्रीम कोर्ट में 6 नवंबर को होगी कार्रवाई

बता दें कि अर्णब गोस्वामी ने महाराष्ट्र विधानसभा के विशेषाधिकार नोटिस के खिलाफ कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कहा था कि यह सिर्फ कारण बताओ नोटिस है और अभी तक विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं हुआ है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अर्णब को हलफनामा दाखिल करने को कहा है। अब कोर्ट इस मसले पर 6 नवंबर को सुनवाई करेगा।

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