वर्चुअल रैली! अमित शाह का RJD पर निशाना- अब लालटेन का नहीं LED का जमाना, पढ़ें भाषण की अहम बातें

New Delhi: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को वर्चुअल रैली (Virtual Rally) में राष्ट्रीय जनता दल को निशाने पर लिया। शाह ने कहा कि अब जमाना लालटेन का नहीं एलईडी बल्ब का आ गया है।

इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि कोरोना महामारी में देश और विश्व में जिन लोगों ने जान गंवाई है उनके प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। जो लोग कोरोना महामारी में युद्ध कर रहे हैं उनके लिए कामना करता हूं कि जीत कर आएं। साथ ही शाह ने कोरोना वॉरियर्स को सलाम किया। शाह ने कहा कि बिहार की जनता ने 2014 और 2019 में पूर्ण जनादेश देकर केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनाई।

‘बिहार की धरती ने दुनिया को लोकतंत्र सिखाया’

उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ने दुनिया को लोकतंत्र का पाठ सिखाया। इस भूमि ने हमेशा भारत का नेतृत्व किया है। आजादी के युद्ध में जगजीवन बाबू, जयप्रकाश नारायण, राजेंद्र प्रसाद सबका योगदान अहम रहा। आजादी के बाद जब कांग्रेस की इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र का गला घोंटा तो इसी बिहार के लोगों ने जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन किया। शाह ने जॉर्ज फर्नांडिस और राम मनोहर लोहिया को भी याद किया, कहा कि बिहार इन दोनों की कर्मभूमि रही।

‘वर्चुअल रैली जनता से संवाद का माध्यम’

बिहार की भूमि ने भ्रष्टाचार, परिवारवाद, वंशवाद के खिलाफ हमेशा युद्ध किया और सामाजिक न्याय के झंडे को हमेशा बुलंद किया। शाह ने कहा कि कुछ लोगों ने थाली बजाकर वर्चुअल रैली (Virtual Rally) का स्वागत किया है। मुझे अच्छा लगा कि देर सवेर उन्होंने मोदी जी की अपील को माना और कोरोना के खिलाफ युद्ध में थाली बजाकर जुट गए। कुछ लोगों ने इसे बिहार की चुनावी सभा कहा है। मैं वक्र दृष्टा लोगों ने कहना चाहता हूं कि इस रैली का चुनाव से कोई मतलब नहीं है। बीजेपी जनता संवाद और जनसंपर्क में विश्वास रखती है। मैं जेपी नड्डा जी को शुक्रिया करता हूं कि उन्होंने वर्चुअल रैली के जरिए देश की जनता से संवाद कायम करने का मौका दिया है।

अमित शाह ने कहा कि यह रैली देश की करोड़ों जनता को कोरोना के खिलाफ युद्ध में एकजुट करने के लिए है। लोगों के हौंसले बुलंद करने के लिए है। यह रैली पीएम मोदी के सपने आत्मनिर्भर भारत के साथ जोड़ने की रैली है। जिन वक्रदृष्टा लोगों को इसमें राजनीति दिख रही है उनसे कहना चाहता हूं कि आप दिल्ली में बैठकर मौज करने के बजाय पटना से दरभंगा तक एक वर्चुअल रैली ही कर लेते।

‘मोदी सरकार ने पूर्वी भारत में विकास कराया’

शाह ने कहा कि कुछ वक्रदष्टा लोग चाहे कुछ भी कहे हमें अपने राह पर चलते जाना है। लक्ष्य तक संघर्ष जारी रखना है। इस रैली के जरिए बिहार के लाखों लोग बीजेपी के मंच के साथ जुडे हैं। मैं सभी को मन पूर्णक प्रणाम करता हूं। हम जब कभी पीएम मोदी का नाम लेकर आपसे वोट मांगने आए तब-तब आपने हमारी झोली वोटों से भर दी और पूर्ण बहुमत दोनों बार दिया। इसी पूर्णबहुमत का असर है कि पूरा पूर्वी भारत आज विकास के रास्ते पर चल रहा है।

शाह ने कहा कि 2014 में पीएम मोदी ने कहा था कि आज भारत के विकास में पूर्वी भारत का योगदान हमेशा रहा, लेकिन आजादी के बाद इस तरह की राजनीतिक चालें चली गई कि पूर्वी भारत में विकास नहीं होने दिया गया। मोदी ने इन छह सालों में पीएम मोदी ने करोडों गरीबों के जीवन में प्रकाश लाने की कोशिश की है, जिसका सबसे ज्यादा फायदा पूर्वी भारत को हुआ है। पूर्वांचल के लोगों को हुआ, बिहार, बंगाल और ओडिशा के लोगों को हुआ है।

‘हमने इंदिरा गांधी की तरह केवल गरीबी हटाओ का नारा नहीं दिया’

पीएम मोदी ने पहली बार संसद के भीतर कहा कि मेरी सरकार गरीबों, दलितों, आदिवासियों के लिए काम करेगी। इसके बाद कुछ लोगों ने इंदिरा गांधी को कोट करके कहा था कि वह भी गरीबी हटाओ की बात करती थीं, लेकिन वह चली गईं, लेकिन गरीबी वहीं की वहीं रह गई। उनलोगों को ये मालूम नहीं था कि ये वचन बीजेपी के नरेंद्र मोदी का है, जो वह बोलते हैं, उसे करते हैं।

देखते देखते देश के 50 करोड लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये का इलाज मुफ्त मिल रहा है। इससे उनके जीवन में प्रकाश आया है। अब तक एक करोड लाभार्थी ने मुफ्त में ऑपरेशन कराया है। उज्जवला योजना तहत आठ करोड लोगों को मुफ्त में गैस सिलेंडर मिला है, जिससे माताएं-बहनें धुआं नहीं सह रही हैं।

ढाई करोड लोगों को ढाई साल के भीतर सौभाग्य योजना के तहत बिजली पहुंचाई गई। साठ साल की आजादी के बाद 20 हजार गांवों में बिजली नहीं गई थी। लोग लालटेन जलाते थे। अब लालटेन का जमाना गया है, अब एलईडी बल्ब का युग है।

10 करोड घरों में शौचालय पहुंचाकर मोदी जी ने माताओं बहनों को सम्मान दिलाने का काम किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हमने लक्ष्य रखा है कि जब हम आजादी की 75वीं सालगिरह मनाएंगे तो इस देश में कोई भी बेघर नहीं होगा। मोदी ने भारत का सम्मान दुनिया में बढाने का काम किया है।

शाह ने एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक को किया याद

एक जमाना था जब भारतीय सीमा में कोई भी घुस जाता था, सेना के जवाओं के सिर काट ले जाते थे, उसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं होती थी। हमारे जमाने में उरी, पुलवामा जैसे अटैक हुए, हमने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करके दुश्मन के घर में घुसकर उनको दंडित किया। इसके साथ ही भारत की रक्षा नीति को वैश्विक स्वीकृति मिलने लगी। पूरी दुनिया ये मानने लगी की अमेरिका और इजरायल के बाद अगर कोई देश अपनी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है तो वह तीसरा देश भारत है।

नरेंद्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास के साथ सीमाओं को सुरक्षित किया। फिर से मोदी सरकार बनी, ज्यादा बहुमत के साथ सरकार बनी। कई ऐसे मसले थे जिसे 70 साल से कोई छूने की हिम्मत नहीं कर रहा था। ये मसले देश की एकता अखंडता और देश की सुरक्षा के साथ जुडे थे। नरेंद्र मोदी की सरकार ने 5 अगस्त 2019 को धारा 370 और 35ए को समाप्त करके कश्मीर को हमेशा के लिए भारत के साथ जोडने का काम किया है। आज कश्मीर हमारा है।

तीन तलाक एक ऐसा मसला था, जिससे करोडों मुस्लिम माताएं और बहने खुद को अपमानित महसूस करती थीं। मोदी जी ने तीन तलाक को तलाक देने का काम किया। दुनिया में करोडों लोग चाहते थे रामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर बने। पिछली सरकारों की मंशा ही नहीं थी कि इसपर फैसला हो, इसलिए यह मसला कोर्ट में अटका हुआ था। इस मोदी सरकार के प्रयास से इसपर फैसला आया और आज राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का निर्माण हो चुका है।

सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल लेकर भी मोदी जी आए और करोडों शरणार्थी भाइयों को सम्मान दिलाने का काम किया। पीएम मोदी ने जल जीवन मिशन के तहत हमने 25 करोड घरों तक नल से पीने का शुद्ध पानी पहुंचाने का संकल्प लिया है।

‘हमने किसानों के खाते में पैसे दिए’

राहुल गांधी का दावा है कि उनकी सरकार ने 10 साल में साढे तीन करोड किसानों का 60 करोड रुपये का कर्ज माफ किया, ये उनका दावा है। हमने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत साढे नौ करोड किसानों के बैंक खाते में 72 हजार करोड रुपये डाले। हमने सीडीएस की रचना की। वन रैंक वन पेंशन लागू किया।

अमित शाह ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री के अलावा इस देश में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी नेता की अपील पर पूरा देश एकजुट हो जाए। जनता कर्फ्यू भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। देश के एक नेता की अपील पर बिना पुलिस बल प्रयोग के लोग घरों में रहे। कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा कहा, जबकि यह एकजुट करने का प्रयास था। देश में पहली बार किसी महामारी से सरकार के साथ देश की 1.30 करोड लोगों ने लडाई की।

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