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Tuesday, September 27, 2022

उद्धव ठाकरे को एक और झटका, बैठक में नहीं पहुंचे 7 सांसद

हाल ही में महाराष्ट्र की सत्ता गंवाने वाले शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को सोमवार को एक और बड़ा झटका लगा। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने मातोश्री में शिवसेना सांसदों की बैठक बुलाई लेकिन इसमें केवल 12 सांसद ही पहुंचे। बताया जा रहा है कि काफी देर इंतजार करने के बाद भी 7 सांसद बैठक में नहीं पहुंचे। लोकसभा में शिवसेना के कुल 19 सांसद हैं। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में विधायकों की बगावत के बाद से माना जा रहा है कि जल्द ही शिवसेना के कुछ सांसद भी पाला बदल सकते हैं।

इससे पहले भी कुछ सांसदों ने उद्धव ठाकरे को एकनाथ गुट से सुलह करने की सिफारिश की थी। बताया जा रहा है कि उद्धव द्वारा बुलाई गई बैठक में गजानन कीर्तिकर, अरविंद सावंत, विनायक राउत, हेमंत गोडसे, धैर्य माने, ओमराजे निंबालकर, राजेंद्र गावित, राजन विचारे और राहुल शेवाले समेत 12 सांसद पहुंचे थे। बाकी सांसद बैठक में नहीं पहुंचे। बैठक में शिवसेना के 3 राज्यसभा सांसद भी पहुंचे। कुल 22 लोगों को आमंत्रण था।

जो सांसद उद्धव ठाकरे की बैठक में नहीं पहुंचे, उनमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे और भावना गवली भी शामिल हैं। उद्धव ठाकरे गुट ने गवली को हाल ही में चीफ व्हिप के पद से हटाया था और उनकी जगह राजन विचारे को जिम्मेदारी दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बैठक राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बुलाई गई थी। बैठक में पहुंचे शिवसेना के लोकसभा सदस्यों में से अधिकतर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने का सुझाव दिया। यह जानकारी शिवसेना नेता गजानन कीर्तिकर ने दी।

 

हालांकि, शिवसेना सांसद एवं मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने दावा किया कि लोकसभा में पार्टी के18 सदस्यों में से 15 ने उपनगरीय बांद्रा में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ में हुई बैठक में भाग लिया। उन्होंने इस संबंध में कोई ब्योरा नहीं दिया। महाराष्ट्र में 18 लोकसभा के सांसदों के अलावा, केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव से कलाबेन डेलकर भी शिवसेना सांसद हैं।

कीर्तिकर ने कहा कि बैठक में 13 सांसद भौतिक रूप से शामिल हुए, जबकि तीन अन्य – संजय जाधव, संजय मांडलिक और हेमंत पाटिल बैठक में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने नेतृत्व को अपने समर्थन की पुष्टि की। कीर्तिकर ने कहा, ‘‘ज्यादातर सांसदों की राय थी कि पार्टी को द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि शिवसेना के दो लोकसभा सदस्य भावना गवली और श्रीकांत शिंदे (मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे) बैठक में शामिल नहीं हुए। राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होंगे

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