पुलवामा के 2 साल: कैसे हुआ था हमला? फिर भारत ने घर में घुसकर दुश्मन से लिया था बदला

Webvarta Desk: ‘मेरे दिल में भी वैसी ही आग है, जैसी आपके दिल में है। सभी आंसुओं का बदला लिया जाएगा’। पुलवामा (Pulwama Attack) में सीआरपीएफ जवानों की शहादत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के ये शब्द थे। फिर कुछ दिन भारत का ऐक्शन।

दरअसल, 14 फरवरी 2019 शाम के करीब 3 बजे थे। अचानक टीवी चैनलों पर एक ऐसी खबर आई जिससे देश हिल गया। खबर जम्मू-कश्मीर से थी। पुलवामा (Pulwama Attack) में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकी ने सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवानों को ले जा रही एक बस से विस्फोटक भरे कार को टकरा दिया। इस फिदायीन हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।

चरम पर पहुंच गया था भारत-पाक का तनाव

जम्मू से श्रीनगर जा रहे 2500 सीआरपीएफ जवानों के 78 बसों वाले काफिले पर हमले (Pulwama Attack) के बाद भारत और पाकिस्तान में तनाव चरम पर पहुंच गया। देशभर में इस आतंकी हमले के खिलाफ प्रदर्शन होने लगे। एक तरफ लोगों ने नम आंखों से शहीदों को श्रद्धांजलि दी तो दूसरी तरफ बदले की आग भी धधक रही थी। सभी राजनीतिक दलों और सिविल सोसायटी की भावना भी एक जैसी थी।

पीएम मोदी का ‘दिल में आग’ वाला बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हमले के तीन दिन बाद 17 फरवरी को एक रैली में कहा, ‘मेरे दिल में भी वैसी ही आग है जैसी आपके दिल में है।’ एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि सभी आंसुओं का बदला लिया जाएगा और सुरक्षाबलों को समय, स्थान और दुश्मन से बदले का तरीका चुनाव करने की पूरी स्वतंत्रता है।

पूरी दुनिया ने इस हमले की निंदा की थी

यूनाइटेड नेशंस और दुनियाभर के लगभग सभी देशों ने पुलवामा हमले की निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को समर्थन देने का ऐलान किया। पाकिस्तान के सदाबहार दोस्त चीन ने भी पुलवामा हमले के खिलाफ यूनाइडेट नेशंस सिक्यॉरिटी काउंसिल के प्रस्ताव का समर्थन किया।

इस हमले के बाद भारत ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास शुरू किया, जो 1 मई को पूरा हुआ जब चीन ने अमेरिका, फ्रांस और यूके द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर टेक्निकल होल्ड को वापस ले लिया।

भारत ने बालाकोट में आंतकी ठिकानों को कर दिया ध्वस्त

पुलवामा हमले के 12 दिन बाद सुबह जब देश के लोगों की आंखें खुली तो वे खुशी से झूम उठे। 26 फरवरी को तड़के इंडियन एयर फोर्स के लड़ाकू विमान पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के कैंप पर बम बरसाकर लौट चुके थे। एयर स्ट्राइक में बड़ी संख्या में आतंकवादी, ट्रेनर और सीनियर कमांडर मारे गए। इस कैंप को मसूद अजहर का साला मौलाना युसूफ अजहर संचालित कर रहा था।

अभिनंदन ने दिखाया अदम्य साहस

27 फरवरी को इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान की ओर से आए कुछ लड़ाकू विमानों को खदेड़ दिया जो जम्मू-कश्मीर स्थित भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए आए थे। इस भिड़ंत में भारतीय एयर फोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने मिग-21 बाइसन एयरक्राफ्ट से पाकिस्तान के F-16 को मार गिराया था।

हालांकि इस दौरान उन्हें भी इजेक्ट करना पड़ा और उन्होंने पैराशूट के जरिए पीओके में लैंड किया। वहां उन्हें पाकिस्तानी सेना ने बंधक बना लिया। अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान ने वर्तमान को 2 दिन बाद रिहा कर दिया, जिनका देश में एक सुपरहीरो के रूप में स्वागत हुआ।