आचार्य प्रज्ञा सागर जी के सानिध्य में श्री दिगंबर जैन महासमिति का क्षमावाणी दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया

नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। पूज्य स्वेतपिच्छाचार्य श्री 108 विद्यानंद जी मुनिराज के अंतेवासी पट्ट शिष्य राष्ट्रगुरु परम्पराचार्य श्री प्रज्ञासागर जी मुनिराज (ससंघ) के पावन सानिध्य में आज 27 सितंबर को अनुव्रत भवन, मंडी हाउस में क्षमावाणी महापर्व समारोह पूर्वक मनाया गया।

आचार्य प्रज्ञा सागर जी महाराज ने अपने उद्बोधन में फरमाया कि आज हम क्षमावाणी पर्व नहीं छलावाणी मनाते हैं। क्षमावाणी फेसबुक और व्हाट्सएप तक सीमित रह गई, हम उधारी की क्षमा मांग कर खानापूर्ति कर रहे हैं। सिर्फ सोशल मीडिया से कट पेस्ट कर रहे हैं। आचार्य श्री ने आगे कहा कि अपने अंदर विनम्रता रखो, किसी से छल मत करो। आप दूसरे से नहीं अपने से छल कर रहे हो। दिगंबर मुनि समस्त जीवो के प्रति अपने अंदर मैत्री का भाव रखते हैं।
संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदर जैन ने कहा कि सभी धर्मों ने क्षमा को धर्म माना है लेकिन जैन धर्म में क्षमा को उत्तम क्षमा बताया गया है।
kshama vaani 1
इस क्षमावाणी महापर्व का आयोजन श्री दिगंबर जैन महासमिति दिल्ली प्रदेश की ओर से किया गया। जिसमें मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदर जैन, राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण जैन, संरक्षक राजेश जैन, दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष राजेश जैन, उप प्रधान संजय जैन, महामंत्री टीनू जैन, कोषाध्यक्ष राकेश जैन आदि का कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सराहनीय तथा आत्मीय स्नेह इसी प्रकार देते रहने का प्रेम पूर्वक आग्रह किया।