प्रधानमंत्री मोदी ने ‘भारत रत्न’ नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर किया याद, दोनों का रहा है बेहद खास रिश्ता

प्रधानमंत्री मोदी ने 'भारत रत्न' नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर किया याद, दोनों का रहा है बेहद खास रिश्ता

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इमर्जेंसी के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने वाले समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण और जन संघ नेता नानाजी देशमुख की जयंती पर सोमवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम ने देश के प्रति इन दोनों हस्तियों के योगदान की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने नानाजी देशमुख को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया, ‘महान दूरदृष्टा भारत रत्न नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर प्रणाम। उन्होंने हमारे गांवों के विकास और मेहनती किसानों के सशक्तीकरण के प्रति स्वयं को समर्पित कर दिया। नानाजी की जन्म शताब्दी के अवसर पर 2017 में दिए गए अपने भाषण को साझा कर रहा हूं।’ मोदी ने इस ट्वीट के साथ अपने भाषण का यूट्यूब लिंक भी साझा किया है।

नानाजी देशमुख का असली नाम चंडिकादास अमृतराव देशमुख था। उनका जन्म 11 अक्टूबर 1916 को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में हुआ था। बाद में वह संघ से जुड़कर समाजसेवा करने लगे। यूपी में संघ को मजबूत करने में उनकी बड़ी भूमिका थी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का का अलख जगाया। उनके ही प्रयासों से 1952 में यूपी के गोरखपुर में पहला सरस्वती शिशु मंदिर खुला। 27 फरवरी 2010 को उनका निधन हुआ। 2019 में उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा गया। नरेंद्र मोदी को भी नानाजी देशमुख के साथ काम करने का मोका मिला था।

प्रधानमंत्री ने जेपी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘लोकनायक जेपी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। वह एक अतुलनीय हस्ती थे, जिन्होंने भारत के इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने स्वयं को जन कल्याण पहलों के लिए समर्पित किया और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने में सबसे आगे रहे। हमें उनके आदर्शों से बहुत प्रेरणा मिलती है।’