एक महीने तक चलेगा संसद का शीतकालीन सत्र? जानें कैसी चल रही है तैयारियां

एक महीने तक चलेगा संसद का शीतकालीन सत्र? जानें कैसी चल रही है तैयारियां

photo 87011451

नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र की तैयारियां शुरू कर दी है। सरकार की योजना नवंबर के चौथे सप्ताह में संसद का एक महीने का शीतकालीन सत्र () आयोजित करने की है। इकोनॉमिक टाइम्स ने सरकार के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि संसदीय कार्य मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि सत्र 22 नवंबर से शुरू होकर 23 दिसंबर को खत्म होगा। सरकार के पास विंटर सेशन को 15 नवंबर से शुरू करने का भी प्रस्ताव है।

विंटर सेशन कम से कम एक महीने का होगाएक सरकारी अंदरूनी सूत्र ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ‘विंटर सेशन कम से कम एक महीने का होगा। इसे एक महीने से ज्यादा लंबा रखने का भी सुझाव है।’ संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केंद्रीय मंत्रालयों को संभावित विधायी एजेंडा भेजने के लिए कहा गया है। इनमें वे चीजें शामिल होंगी जिन्हें इस सत्र में आगे बढ़ाया जाएगा। एजेंडे में विभागीय स्थायी समितियों के विधेयक, सदन की तरफ से पारित विधेयक और नए विधेयक शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ कोविड प्रोटोकॉल पर चर्चासंसदीय कार्य मंत्रालय ने भी स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ कोविड-19 प्रोटोकॉल पर चर्चा शुरू कर दी है। केंद्र के मॉनसून सत्र में अपनाए जाने वाले प्रोटोकॉल को जारी रखने की संभावना है। केंद्र ने संसद में वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके दस्यों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट की आवश्यकता को समाप्त कर दिया था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों से बिना वैक्सीनेशन वाले कर्मचारियों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईटी को बताया कि हमने सांसदों की जांच की और पाया कि सभी सदस्यों ने वैक्सीन की दोनों डोज ले ली है। इसमें मॉनसून सत्र के दौरान छूटे हुए सदस्य भी शामिल हैं।

कोरोना के बाद चौथा सेशन
कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से यह चौथा सेशन होगा। महामारी के बाद पहला सेशन सितंबर 2020 में आयोजित किया गया था। कई सदस्यों के कोरोना संक्रमित होने के बाद सेशन में कटौती की गई थी। सत्र में कटौती की गई और सरकार ने 2020 में विंटर सेशन आयोजित करने का फैसला किया। बजट सत्र जनवरी में आयोजित किया गया था, लेकिन बढ़ते मामलों के कारण इसे रोक दिया गया था। मॉनसून सत्र कोरोना महामारी के बाद तीसरा सेशन था। हालांकि, पेगासस स्पाइवेयर पर चर्चा की मांग सहित कई मुद्दों पर विपक्ष द्वारा बार-बार व्यवधान के कारण समय से पहले स्थगित कर दिया गया।