आप भी चाहते हैं समृद्धि तो सोने से पहले पढ़ें रामायण की ये 1 चौपाई, श्रीराम पूरी करेंगे मनोकामना

Webvarta Desk: क्या आप भी जी-तोड़ मेहनत करने के बावजूद जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है? अगर हाँ, तो आप रामायण (Ramayana) की विशेष चौपाई जरुर पढ़ें।

सनातन धर्म के सबसे पवित्र और प्रसिद्ध ग्रंथ रामायण (Ramayana) में हर समस्या का निदान दिया गया है। यदि आपको रामायण की चौपाइ पढ़ने और समझने का ज्ञान है तो आप उससे अपनी कई समस्याओं का हल निकाल सकते हैं।

ऐसे में हम आपको एक विशेष चौपाई के बारे में बताने रहे हैं जिसे आप रोजाना सोने से पहले पढ़ते हैं तो आपको कभी भी किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। जो चौपाई आपकी सभी समस्याओं का समाधान करेगी वह इस प्रकार है:

जो प्रभु दीनदयाला कहावा। आरति हरन बेद जस गाबा।। जपहिं नामु जन आरत भारी। मिटहिं कुसंकट होहिं सुखारी।। दीनदयाल बिरद संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी

इस चौपाई को रात को सोने से पहले पढ़ना चाहिए। ग्रंथ विद्वानों के अनुसार रामायण की इस चमत्कारी चौपाई को पढ़ने से बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं और कठिन से कठिन समस्याओं का सामना करने की शक्ति भी प्राप्त होती है। चौपाई का जाप करने के बाद प्रतिदिन भगवान श्रीराम के नाम का उच्चारण जरूर करना चाहिए।

वाल्मीकि रचित रामायण में उल्लेखित इस चौपाई के पढ़ने के साथ-साथ इस बात जरुर ध्यान रखें कि इसका जाप करते समय और स्थान पवित्रता बहुत मान्य है। मान्यता है कि यदि मनुष्य कम समय में लक्ष्य हासिल करना चाहता हैं तो उसे धर्म पर विश्वास रखना जरूरी है क्यूंकि धर्म से मनुष्य को सकारात्मक ऊर्जा मिलती रहती है।

महाकवि तुलसीदास के द्वारा रची गई श्रीरामचरितमानस की चौपाइयां केवल श्री राम भगवन का गुणगान ही नहीं करती, अपितु मनुष्य को संसार रुपी सागर से पार भी उतार देती है। प्राणी मात्रा के जीवन के हर संकट को समाप्त कर उनमे दिव्य शक्ति उनमें प्रवेश कर देती हैं।

नोट: हमारा उद्देश्य किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है। यह लेख लोक मान्यताओं और पाठकों की रूचि के आधार पर लिखा गया है।