Fire Engineering : आग से खेलने वाले यानि असली हीरो…

Fire Engineering
लगातार बढ़ रही आगजनी की घटनाओं के चलते अब प्रोफेशनल फायर इंजीनियरों (Fire Engineering) की मांग बहुत बढ़ गई है। पिछले कुछ सालों में फायर इंजीनियरिंग करियर का एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। फायर इंजीनियरिंग एक ऐसी फिल्ड है जिसमें आग लगने के प्रकार, आग बुझाने के तरीके, आग बुझाने के इक्वीपमेंट, आग में घिरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना आदि बातों का प्रशिक्षण दिया जाता है। ये एक ऐसी फिल्ड है जिसमें आपको आग बुझाने के लिए साहस और सूझबूझ का प्रशिक्षण दिया जाता है। इंजीनियरिंग की बाकी फिल्ड की तरह इसमें भी करियर की बेहतरीन संभावनाएं है, इस क्षेत्र में फायरमैन से लेकर चीफ फायर अफसर जैसे पदों पर काम किया जा सकता है।

Career in Fire Engineering in Hindi: हमारा शरीर पंच तत्वों अग्नि, वायु, आकाश, पृथ्वी, और जल से मिलकर बना है। अग्नि हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। जब तक अग्नि का प्रयोग नियंत्रित रूप में होता है तब तक यह जीवनदायी है लेकिन यदि यह अनियंत्रित हो जाए तो जीवन और संपत्ति दोनों के लिए हानिकारक हो जाती है।

अनियंत्रित अग्नि को नियंत्रित करने और उसके विनाश को कम करने के लिए उपयोग की गई योजना (पद्धति) को अग्नि सुरक्षा या (Fire Safety) कहते है। Fire Safety की सहायता से आग से होने वाले नुक्सान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। Fire Safety की पढ़ाई करके लोगो की सहायता प्रदान करने वाले Profession अपना कर आप भी Fire Safety Officer बन सकते हैं। या फिर आप आग से खेलने वाले खतरों के खिलाड़ी (Fire Engineering) बन कर लोगों की मदद भी कर सकते है इतना ही नहीं आप रोज़गार के रूप में भी इसे अपनाकर बढ़िया सैलरी पा सकते है। आज हम आपको बताते है, कि (Fire Engineering) क्या है, इसमें आप कैसे करियर बना सकते है। और साथ ही इससे सम्बंधित सैलरी, आवश्यक योग्यता, प्रमुख संस्थान इत्यादि के बारे में।

चुनौतीपूर्ण है Fire Engineering में करियर

वैसे तो इस फिल्ड में करियर की कई संभावनाएं है लेकिन फायर इंजीनियरिंग (Fire Engineering) एक चुनौतीपूर्ण करियर है। इस करियर को चुनने से पहले आपको मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार होना जरूरी है। इस फिल्ड में आने से पहले अच्छा है कि आप इसके बारे में सभी जानकारी एकत्रित कर लें। अभी हाल ही में देश में कुछ जगह हुई आगजनी की घटनाओं में न सिर्फ लाखों का नुकसान हुआ था बल्कि कई लोगों की जान भी गई थी इसलिए इस करियर का चुनाव करने से पहले इसकी चुनौतियों के बारे में जरूर जान लें।

Fire Engineering में वर्क प्रोफाइल

ये एक बेहतरीन करियर के साथ ही जनसेवा भी है। इन लोगों का मुख्य काम आग लगने के कारणों को पता लगाना और उसे रोकना है। इसकी पढ़ाई के दौरान आग बुझाने के यंत्रों की तकनीकी जानकारी दी जाती है, स्प्रिंक्लर सिस्टम, अलार्म, पानी की बौछार का सबसे सटीक इस्तेमाल, कम से कम समय और कम संसाधनों में ज्यादा से ज्यादा जान-माल की रक्षा करना सिखाया जाता है।

शैक्षणिक और शारीरिक योग्यता

फायर इंजीनियरिंग (Fire Engineering) के डिग्री और डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेने के लिए आपको कैमिस्ट्री, फिजिक्स अथवा गणित विषयों के साथ कम से कम 50 प्रतिशत अंको के साथ 12वीं पास होना जरूरी है। वहीं इसके बी.ई. (फायर) के डिग्री कोर्स के लिए ऑल इंडिया एंट्रैस एग्जाम भी होता है। इसके अलावा फायर इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए शारीरिक योग्यता भी देखी जाती है, पुरूषों के लिए न्यनतम लंबाई 165 सेंमी. वजन 50 किग्रा., वहीं महिलाओं के लिए न्यूनतम लंबाई 157 सेंमी. और वजन 46 किग्रा. होना चाहिए। आखों की बात करें तो नजरें दोनों के लिए 6/6 होनी चाहिए और उम्र 19 से 23 वर्ष होना चाहिए।

Fire Engineering Course

फायर इंजिनियरिंग से जुड़े कोर्स को करके आप Fire Engineer बन सकते है जो निम्नलिखित है।

  •   BE Fire Engineering
  •   B.tech Fire & Safety Engineering
  •   Certificate Course in Fire and Safety Engineering
  •   Diploma in Fire Engineering
  •   Diploma in Fire & Safety Engineering
  •   Diploma in Industrial Safety Engineering
  •   PG Diploma in Fast & Safety Engineering

आवश्यक कौशल (Skills Required)

  •   रचनात्मक दृष्टिकोण
  •   टीम वर्क योग्यता
  •   एकाग्रता
  •   संचार दक्षता
  •   संगठनात्मक योग्यता
  •   स्थितियों के मूल्यांकन में दक्षता
  •   त्वरित निर्णय लेने में सक्षम

यहां मिलती है नौकरी

एक्सपर्ट के अनुसार इस फिल्ड में रोजगार की अपार संभावनाएं है। पहले केवल मेट्रो शहरों में ही फायर स्टेशन होते थे, लेकिन आज हर जिले और कस्बें में फायर स्टेशन बन रहे है। इसके अलावा हर सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में एक फायर इंजीनियर (Fire Engineering) की नियुक्ती अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा इस फिल्ड के प्रोफेशनल की जरूरत आर्किटैक्चर और बिल्डिंग निर्माण, इंश्योरैंस एसैसमैंट, प्रोजेक्ट मैनेजमैंट, रिफाइनरी, गैस फैक्ट्री, निर्माण उद्योग, प्लास्टिक, एलपीजी एंड कैमिकल प्लांट आदि जगहों में नौकरी के कई अवसर मौजूद है।

Fire Engineering के कार्य क्षेत्र

इसमें आग से खेलकर सेफ्टी सुपरवाईज़र, फायर प्रोटेक्शन, टेक्नीशियन लोगों के जीवन को सुरक्षित करते है। फायर इंजिनियरिंग का अपने आप में विशाल कार्य-क्षेत्र है। चलिए, हम आपको प्रमुखता से Fire Engineering के कार्य क्षेत्र से अवगत कराते है।

फायरमैन : वह व्यक्ति जो सीधे-सीधे आग से जूझता है। फायरमैन की टीम हर फायर स्टेशन में तैनात होती है।

लीडिंग फायरमैन : फायरमैन के बाद विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण कर लीडिंग फायरमैन बन सकते हैं।

सब-अफसर : किसी भी फायर टैंडर का लीडर सब-अफसर होता है जिसकी कमान में फायरमैन और लीडिंग फायरमैन होते हैं। यह परिस्थिति का आकलन कर अपनी टीम का मार्गदर्शन करता है कि किस प्रकार से कम से कम नुक्सान सहते हुए आग को बुझाया जा सके।

स्टेशन अफसर : किसी भी फायर स्टेशन का प्रमुख स्टेशन अफसर होता है जो न सिर्फ फायर स्टेशन की टीम को लीड करता है बल्कि पूरी जानकारी रखता है कि उसकी जिम्मेदारी के दायरे में आने वाले इलाके में किस तरह की इमारतें, फैक्ट्रियां या रिहायशी इलाका है जहां आग लग सकती है।

असिस्टैंट डिवीजनल अफसर: पूरे राज्य को अलग-अलग डिवीजनों में बांटा जाता है और हर डिवीजन की जिम्मेदारी असिस्टैंट डिवीजनल अफसर की होती है जो कार्य और इलाके के हिसाब से कई हो सकते हैं। इलाके में बनने वाली इमारतों में आग बुझाने के इंतजाम सही हैं या नहीं, यह देखने-सुनने की जिम्मेदारी इन्हीं की होती है।

डिवीजनल अफसर : डिवीजनल अफसर की जिम्मेदारी भी वही होती है जो असिस्टैंट डिवीजनल अफसर की होती है और तीन असिस्टैंट डिवीजनल अफसर पर एक डिवीजनल अफसर होता है।

डिप्टी चीफ फायर अफसर : पूरे फायर डिपार्टमैंट के समन्वय, कार्य, क्षेत्र विभाजन व अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ यह सुनिश्चित करना कि पूरा फायर डिपार्टमैंट हर परिस्थिति से निपटने के लिए सक्षम है, डिप्टी चीफ फायर अफसर जैसा अधिकारी ही देखता है।

चीफ फायर अफसर : चीफ फायर अफसर पूरे फायर डिपार्टमैंट का बॉस होता है जिसकी निगरानी, निर्देश, समन्वय और प्रेरणा से विभाग चलता है। पूरे राज्य में आग लगने की घटनाएं कम से कम हों और आग लगने पर उससे किस तरह पूरी तैयारी के साथ निपटना है, चीफ फायर अफसर की लीडरशिप तय करती है।

अवसर

दिल्ली इंस्टीच्यूट ऑफ फायर इंजीनियरिंग (Fire Engineering) के निदेशक वीरेंद्र गर्ग के मुताबिक इस फील्ड में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। पहले केवल महानगरों में फायर स्टेशन होते थे, आज हर जिले में फायर स्टेशन हैं। इसके अलावा आज हर सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों में एक फायर इंजीनियर की नियुक्ति भी अनिवार्य कर दी गई है। फायर इंजीनियर की जरूरत अग्निशमन विभाग के अलावा आर्किटैक्चर और बिल्डिंग निर्माण, इंश्योरैंस एसैसमैंट, प्रोजैक्ट मैनेजमैंट, रिफाइनरी, गैस फैक्ट्री, निर्माण उद्योग, प्लास्टिक, एल.पी.जी. तथा कैमिकल प्लांट, बहुमंजिली इमारतों व एयरपोर्ट हर जगह इनकी खासी मांग है।

सैलरी

इस फिल्ड में शुरूआती तौर पर आप 10 से 15 हजार रूपये महीना कमा सकते है। इस फिल्ड में अच्छा एक्सपीरियंस रखने वाले 1 से 1.50 लाख रूपये महीना तक कमा सकते है। वहीं 15 से 20 साल के एक्सपीरियंस के बाद आप खुद की फायर सेफ्टी एजेंसी भी शुरू कर सकते है।

प्रमुख संस्थान

  • Indian Institute of Technology, Kharagpur, West Bengal
  • National Fire Service College, Palam Road, Nagpur, Maharashtra
  • Delhi Institute of Fire Engineering, New Delhi
  • IES Institute of Technology & Management (IITM) Bhopal
  • MIT College of Engineering Pune
  • Ganga Institute of Technology & Management (GITAM) Jhajjar
  • APJ Abdul Kalam Technological University Kerala
  • University of Petroleum & Energy Studies (UPES) Dehradun
  • 4G Skills Fire College Sonipat
  • Sai Sagar Institute of Safety Management (SSISM) Bharatpur