Monday, January 25, 2021
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Somvati Amavasya: आज के दिन जो इंसान कर लेता है ये खास उपाय, उसके जीवन में नहीं रहता दुख

Webvarta Desk: ज्योतिष शास्त्र में सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) का विशेष महत्व है। इस वर्ष सोमवती अमावस्या 14 दिसंबर यानी आज है। हिंदुओं में इस दिन को लेकर गहरी आस्था है।

हम आपको बताएंगे कि इस दिन (Somvati Amavasya) का इतना विशेष महत्व क्यों है? साथ ही इस दिन की जाने वाली खास पूजा और स्नान के बारे में भी जानकारी देंगे।

बन रहा है अद्भुत संयोग

ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि सबसे बड़ा स्नान पर्व होती है। अनेक वर्षों बाद ऐसा शुभ अवसर आया है जब अमावस्या सोमवार पर पड़ रही है, इसलिए यह सोमवती अमावस्या कहला रही है।

पांडवों को नसीब नहीं हुई थी सोमवती अमावस्या

पुराणों के अनुसार अमावस्या का सोमवार के दिन पड़ना शुभ होता है। इस दिन पवित्र स्नान, दान और व्रत करना शुभ और सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। पुराणों के अनुसार, सोमवार को अमावस्या बहुत सौभाग्य से ही पड़ती है। पांडव अपने पूरे जीवनकाल में इस विशेष संयोग के लिए तरसते रहे, लेकिन सोमवती अमावस्या उन्हें नसीब नहीं हुई।

शिव अर्चना है शुभकारी

सोमवार चंद्रमा का दिन है। इस दिन अमावस्या पर सूर्य तथा चंद्र एक सीध में स्थित रहते हैं इसलिए यह पर्व विशेष पुण्य देने वाला कहा जाता है। सोमवार भगवान शंकर का दिन है फलस्वरुप सोमवती अमावस्या शंकर भगवान को समर्पित होती है। सोमवती अमावस्या पर शिवजी की आराधना, पूजा-अर्चना करना लाभकारी होता है।

सुहागिन स्त्रियां रखती हैं व्रत

इस दिन सुहागन स्त्री अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। सुहागन महिलाएं पीपल के वृक्ष में शिवजी का वास मानकर उसकी पूजा और परिक्रमा करती हैं।

स्नान एवं दान से होता है लाभ

वैसे तो इस दिन गंगा-स्नान का विशिष्ट महत्व माना गया है, परंतु जो लोग गंगा स्नान करने नहीं जा पाते, वे किसी भी नदी या सरोवर तट आदि में स्नान कर सकते हैं। इस दिन गंगा स्नान के पश्चात तिल, तिल के लड्डू, तिल का तेल, आंवला, वस्त्र, अंजन, दर्पण, स्वर्ण तथा दूध देने वाली गौ आदि का दान किया जाता है।

दरिद्रता होती है दूर

सोमवती अमावस्या के दिन 108 बार तुलसी की परिक्रमा करनी चाहिए। इससे मनचाही आर्थिक समृद्धि मिलती है। ओंकार का जप करने से, सूर्य भगवान को अर्घ्य देने से घर से दरिद्रता का नाश होता है।

पिंडदान का भी है महत्व

इस दिन पितरों को जल देने से उन्हें तृप्ति मिलती है। सोमवती अमावस्या पर तीर्थस्थलों पर पिंडदान करने का विशेष महत्व है। जिन लोगों की पत्रिका में चंद्रमा कमजोर है, वह जातक गाय को दही और चावल खिलाएं तो उन्हें मानसिक शांति प्राप्त होगी।

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