Sunday, January 24, 2021
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क्रूर शनिदेव को शुभ बनाने के खास उपाय, जीवन में भर जाएंगी खुशियां

New Delhi: शनि (Lord Shani or Shanidev) सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं। शनि की टेढ़ी नजर जिस किसी भी जातक पर पड़ती उसके साथ कई तरह की परेशानियां आनी शुरू हो जाती है। इसलिए शनि का नाम आते ही लोगों के हाथ पैर फूलने लगते हैं। शनि को न्याय का देवता माना गया है।

शनिदेव (Lord Shani or Shanidev) लोगों को कर्मों के अनुसार दंड या पुरस्कार देते हैं। शनिदेव जिस किसी पर मेहरबान होते हैं उसके जीवन को खुशियों और सौभाग्य से भर देते हैं। वहीं अगर किसी जातक के जीवन में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या लग जाती तो उसके साथ सभी तरह की मुसीबतें घेर लेती हैं।

ज्योतिषशास्त्र में शनि

ज्योतिष में शनि (Lord Shani or Shanidev) का काफी महत्व होता है। किसी जातक की खुशियां और मुसीबतें उसकी कुंडली में शनि की स्थिति पर निर्भर करता है। शनि किसी भी राशि में करीब साढ़े सात साल तक रहते हैं। कुल 12 राशियों के एक बार चक्कर काटने में शनि को 30 वर्षों का समय लगता है। यानी शनि अगर किसी एक राशि में आ गए है तो दोबारा 30 वर्षों के बाद ही लौटकर आते हैं।

शनि बहुत ही धीमी गति से चलते हैं ये एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन करने के लिए ढ़ाई वर्षो का समय लेते है। इस प्रकार सभी 12 राशियों में जाने के लिए उन्हें 30 वर्ष लग जाते हैं। प्रत्येक मनुष्य के जीवन में एक बार शनि की साढ़ेसाती जरूर लगती है।

न्यायाधीश शनि

शनि को न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में जो जातक अपने जीवन में अच्छे कर्म करते हैं शनि देव उन पर मेहरबान होते हैं और उसे जीवन को हर तरह की खुशियों से भरकर रख देते हैं। आइए जानते हैं किसी भी जातक के जीवन में क्रूर ग्रह होने के बावजूद कब-कब खुशियां भरते हैं।

शनि कब-कब होते हैं शुभ
  • ज्योतिष में कुंडली के अध्ययन के आधार पर किसी जातक की कुंडली में शनि तीसरे, छठें, दसवें और ग्यारहवें भाव में होने पर यह जातक के जीवन में काफी खुशहाली लाते हैं।
  • ज्योतिषशास्त्र के अनुसार किसी जातक के जीवन में शनि सबसे ज्यादा शुभ और बलवान 36 और 42 वर्ष की उम्र में होते हैं। इस उम्र में अगर शनि जातक की कुंडली में शुभ भाव में बैठे तो उन्हें कई तरह की सफलताएं प्राप्त होती हैं।
  • जो जातक अपने जीवन में बुरी आदतों से दूर रहता है उसके जीवन में वे खुशियां लाते हैं।
  • अगर किसी व्यक्ति का जन्म शुक्ल पक्ष की रात के समय और उस समय शनि वक्री चाल में हों तो जातक के जीवन पर शनि का शुभ प्रभाव रहता है।
शनि को शुभ बनाने के कुछ उपाय
  • शनिदेव की पूजा करते समय कभी भी उनकी प्रतिमा या तस्वीर को देखते समय उनकी आंखो में नहीं देखना चाहिए।
  • शनिदेव की पूजा करते समय मंदिर में हनुमानजी के दर्शन और उनकी पूजा भी करनी चाहिए। हनुमान जी पूजा करने से शनि आपके जीवन में शुभ प्रभाव डालते हैं।
  • शनि जयंती, शनि अमावस्या या शनिवार के दिन पूजा में ब्रह्मचर्य का पालन करना जरूर चाहिए।
  • शनि जयंती पर काले तिल और लोहे से बनी चीजों का दान करना चाहिए।
  • शनि देव की पूजा करने से पहले शरीर पर तेल मालिश कर स्नान करना चाहिए।
  • गाय और कुत्तों को तेल में बनी खाने की चीजें खिलानी चाहिए।
  • शनिदेव को हर शनिवार के दिन तेल चढ़ाने और गरीबों की सहायता करने पर शनि की अशुभ छाया नहीं पड़ती।

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