US Navy exercises in South China Sea

दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी नौसेना का युद्धाभ्‍यास, चीन ने दी मिसाइल हमले की ‘धमकी’

New Delhi: चीन और अमेरिका के बीच दक्षिण चीन सागर में तनाव अपने चरम पर है। चीन के महाभ्‍यास के खिलाफ अब सुपर पावर अमेरिका की नौसेना (US Navy exercises in South China Sea) ने इस विवादित इलाके में जोरदार युद्धाभ्‍यास शुरू किया है।

अमेरिकी नौसेना (US Navy exercises in South China Sea) ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाले अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियर को दक्षिण चीन सागर में तैनात किया है। अमेरिका की जवाबी कार्रवाई बौखलाए चीन ने अब अपनी मिसाइलों का डर दिखाया है।

भारत के खिलाफ जहर उगल रहे चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स ने अमेरिका को भी ‘धमकी’ दी है। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने कहा कि चीन की सेना की किलर मिसाइलें डोंगफेंग-21 और डोंगफेंग-25 अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को तबाह कर सकती हैं। ग्‍लोबल टाइम्‍स ने कहा कि दक्षिण चीन सागर में तैनात अमेरिका के विमानवाहक पोत चीनी सेना की जद में हैं। चीनी सेना इन्‍हें बर्बाद कर सकती है।

चीन को किसी भी दुस्‍साहस के खिलाफ सख्‍त संदेश

इससे पहले यूएस नेवी के लेफ्टिनेंट कमांडर शॉन ब्रोफी ने बताया कि अमेरिकी नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस निमित्ज, यूएसएस रोनाल्ड रीगन और चार युद्धपोत दिन-रात साउथ चाइना सी में युद्धाभ्‍यास (US Navy exercises in South China Sea) कर रहे हैं। अमेरिकी नौसेना दिन और रात दोनों ही समय में युद्धाभ्‍यास करके चीन को किसी भी दुस्‍साहस के खिलाफ सख्‍त संदेश दे रही है। इसी इलाके में इन दिनों की चीन की नौसेना भी युद्धाभ्‍यास कर रही है।

ये एयरक्राफ्ट कैरियर दुनियाभर में अमेरिकी नौसैनिक ताकत के प्रतीक माने जाते हैं। अमेरिका ने कहा है कि उसके इस युद्धाभ्‍यास का मकसद इस इलाके के हर देश को उड़ान भरने, समुद्री इलाके से गुजरने और अंतरराष्‍ट्रीय कानूनों के मुताबिक संचालन करने में सहायता देना है।

अमेरिका ने साउथ चाइना सी में यह युद्धाभ्‍यास ऐसे समय पर शुरू किया है जब इसी इलाके में चीन की नौसेना भी युद्धाभ्‍यास कर रही है। चीन की नेवी परासेल द्वीप समूह के पास पिछले कई दिनों से युद्धाभ्‍यास करके ताइवान और अन्‍य पड़ोसी देशों को धमकाने में जुटी हुई है।

‘चीन की सेना का अभ्‍यास बहुत ही भड़काने वाला’

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शुक्रवार को ट्वीट करके चीन के इस युद्धाभ्‍यास की आलोचना की थी। उन्‍होंने कहा, ‘अमेरिका अपने दक्षिण पूर्व एशियाई मित्र देशों से सहमत है कि दक्षिण चीन सागर में चीन की सेना का अभ्‍यास बहुत ही भड़काने वाला है। हम चीन के गैरकानूनी दावों का विरोध करते हैं।’

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने भी चीन के युद्धाभ्‍यास की आलोचना की थी। उधर, अमेरिका के युद्धाभ्‍यास से चीन भड़क गया है। दरअसल, इस ताजा तनाव की शुरुआत चीन के युद्धाभ्‍यास से हुई है। चीन ने दक्षिण चीन सागर में ताइवान के नियंत्रण वाले दोंगशा द्वीप समूह पर कब्‍जा करने का युद्धाभ्‍यास शुरू किया है जिससे तनाव काफी बढ़ गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *