Swati Mohan: भारत की बेटी.. जो बनी मंगल पर NASA के ऐतिहासिक कदम की आवाज

Webvarta Desk: Know About Swati Mohan: एक ओर जहां NASA के मिशन कंट्रोल में मंगल पर एक और कदम रखने (Nasa Perseverance Rover Landing On Mars) का उत्साह चरम पर था, भारत के लोगों के लिए खुशी और गर्व की अलग ही वजह थी। दरअसल, दुनिया को इस मिशन से जोड़ने वाली आवाज भारत की एक बेटी (Swati Mohan) की थी।

गाइडेंस ऐंड कंट्रोल्स ऑपरेशन डॉ. लीड स्वाति मोहन (Swati Mohan) ने जब Perseverance के एक-एक कदम की कहानी शेयर करना शुरू किया तो देश का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। स्वाति मंगल पर Perseverance की लैंडिंग के दौरान Jet Propulsion Laboratory से लाइव कॉमेंट्री कर रही थीं और पल-पल की जानकारी दुनिया के साथ शेयर कर रही थीं।

चांद और शनि पर भी ध्यान

एक साल की उम्र में भारत से अमेरिका में जा बसीं स्वाति ने मैसेच्यूसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी से ऐरोनॉटिक्स/ऐस्ट्रोनॉटिक्स में Ph.D की है। वह मंगल से पहले शनि के Cassini और चांद के GRAIL मिशन के लिए काम कर चुकी हैं। Perseverance मिशन के साथ वह साल 2013 से जुड़ी हैं।

पैसेडीना में जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी में काम कर रहीं स्वाति बताती हैं कि यहां इंसान की समझ को विस्तृत करने की कोशिश की जाती है और हमेशा कुछ नया खोजा जाता था। वह कहती हैं कि यहां काम करना सम्मान की बात है। इस तरह के माहौल में काम करने से काफी प्रेरणा मिलती है।

यूं बदल गया जीवन…

बचपन में मशहूर टीवी सीरीज Star Trek का पहला एपिसोड देखते ही ब्रह्मांड के अनजाने कोनों को लेकर स्वाति के मन में उत्सुकता जागने लगी और उनका मन भी ब्रह्मांड को एक्सप्लोर करने क हुआ। स्वाति बताती हैं कि पहले वह पीडियाट्रीशन बनना चाहती थीं। उन्हें स्पेस में हमेशा दिलचस्पी थी लेकिन इस क्षेत्र के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। 16 साल की उम्र में फिजिक्स की एक क्लास ने उनका जीवन बदल दिया। उनके टीचर ने सब कुछ ऐसे समझाया कि उन्होंने इंजिनियरिंग करने का मन बनाना लिया और फिर स्पेस रिसर्च से जुड़ने का फैसला कर लिया।

स्वाति कर रही थीं लाइव कॉमेंट्री-

मंगल मिशन पर स्वाति

स्वाति मार्स 2020 गाइडेंस, नैविगेशन ऐंड कंट्रोल्स ऑपरेशन लीड हैं। उन्होंने मंगल 2020 के ऐटिट्यूट कंट्रोल सिस्टम को लीड किया है और पूरे मिशन डिवेलपमेंट क दौरान वह लीड सिस्टम्स इंजिनियर थीं। ऐटिट्यूट कंट्रोल सिस्टम वीइकल को यह समझने के लिए तैयार करता है कि उसे क्या करना है। इसका साथ ही स्पेस में स्पेसक्राफ्ट की स्थित को तय करता है। मंगल पर एंट्री, डिसेंट और लैंडिंग के दौरान उनके सुपरविजन में स्पेसक्राफ्ट की पोजिशन तय की गई और सेफ लैंडिंग के लिए कमांड दिए गए।