Forcibly Converted In Islam

पाकिस्तान : ईसाई लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कर कराया निकाह

हाइलाइट्स

  • पाकिस्तान में 14 साल की ईसाई लड़की मायरा शहबाज का जबरन धर्म परिवर्तन कर कराया निकाह
  • हथियारों से लैस थे अपहरणकर्ता, मां ने जताई- दुष्कर्म और हत्या की आशंका
  • पाकिस्तान में हर साल 1000 से ज्यादा अल्पसंख्यक लड़कियों के अपहरण की घटनाएं
  • अपहृत लड़कियों की उम्र 12 साल से 25 साल के बीच, पाक प्रशासन भी नहीं करता है मदद

इस्लामाबाद। प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के सभी दावों के बावजूद पाकिस्तान (Pakistan) में अल्पसंख्यकों के प्रति होने वाले अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। धर्म परिवर्तन के लिए बदनाम पंजाब सूबे के फैसलाबाद से 14 साल की एक ईसाई लड़की को उसके घर से अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन करवाया गया। बाद में एक मुस्लिम लड़के के साथ उसका निकाह भी करवा दिया गया।

पंजाब के फैसलाबाद की घटना

इंटरनेशल क्रिश्चियन कन्सर्न के अनुसार, अप्रैल महीने के अंत में पंजाब के फैसलाबाद से 14 साल की ईसाई लड़की मायरा शहबाज का मुस्लिम युवकों के एक गुट ने अपहरण कर लिया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मायरा जब घरेलू कामगार के रूप में अपने कार्यस्थल की ओर जा रही थी तब उसे जबरन कुछ मुस्लिम युवकों ने कार में बैठा लिया।

हथियारों से लैस थे अपहरणकर्ता

इन लोगों ने कहा कि हमने इसलिए मायरा को बचाने की कोशिश नहीं कि क्योंकि अपहरणकर्ता हथियारों से लैस थे। हालांकि मायरा ने विरोध किया लेकिन उसे जबरन कार में बैठा लिया गया। इस दौरान अपहरणकर्ताओं ने हवा में गोलियां भी चलाई।

मायरा की मां ने जताया डर

मायरा की मां निगहत ने इंटरनेशनल क्रिश्चियन कन्सर्न से कहा कि उन्हें डर है कि उनकी बेटी के साथ बलात्कार या जबरदस्ती इस्लाम में धर्म परिवर्तन परिवर्तित कर दिया जाएगा, या उसे मार दिया जाएगा। बाद में खबर आई कि मायरा का जबरन धर्म परिवर्तन करवा कर निकाह करा दिया गया है।

हर साल 1000 से ज्यादा लड़कियों का धर्म परिवर्तन

मानवाधिकार संस्था मूवमेंट फॉर सॉलिडैरिटी एंड पीस (MSP) के अनुसार, पाकिस्तान में हर साल 1000 से ज्यादा ईसाई और हिंदू महिलाओं या लड़कियों का अपहरण किया जाता है। जिसके बाद उनका धर्म परिवर्तन करवा कर इस्लामिक रीति रिवाज से निकाह करवा दिया जाता है। पीड़ितों में ज्यादातर की उम्र 12 साल से 25 साल के बीच में होती है।

आंकड़े ज्यादा हो सकते हैं

मानवाधिकार संस्था ने यह भी कहा कि आंकड़े इससे ज्यादा भी हो सकते हैं क्योंकि ज्यादातर मामलों को पुलिस दर्ज नहीं करती है। अगवा होने वाली लड़कियों में से अधिकतर गरीब तबसे से जुड़ी होती हैं।

पहले भी सामने आए हैं कई मामले

बता दें कि इससे पहले पंजाब के डेरा गाजी खान से 14 साल की एक ईसाई लड़की हुमा यूसूफ का अपहरण हो चुका है। जिसका धर्म परिवर्तन करवा कर एक मुस्लिम लड़के से निकाह करवा दिया गया था। इसके अलावा सना जॉन, महविश, फरजाना और सेहरिश नाम की लड़कियों के साथ भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं।

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