Wednesday , 29 January 2020
Nankana-Sahib-Pakistan

ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर पत्थरबाजी को लेकर भिड़े बीजेपी और कांग्रेस

बीजेपी ने इस मसले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि इससे पता चलता है कि देश में नागरिकता संशोधन कानून की जरूरत है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा है कि यह संघ की ही भाषा है।

New Delhi : पाकिस्तान में सिखों के पवित्र स्थल ननकाना साहिब (Nankana Sahib) में हुए पत्थरबाजी को लेकर भारत में राजनीति तेज हो गई है। एक तरफ बीजेपी (BJP) ने इस मसले को लेकर कांग्रेस (Congress) पर निशाना साधते हुए कहा है कि इससे पता चलता है कि देश में नागरिकता संशोधन कानून की जरूरत है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा है कि यह संघ की ही भाषा है।

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा (Sambit Patra) ने ननकाना साहिब गुरुद्वारे में हुई पत्थरबाजी के दौरान एक युवक के भड़काऊ बयान को ट्वीट करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘क्या कोई इसे राहुल गांधी और सोनिया गांधी के लिए इतालवी में ट्रांसलेट कर सकता है ताकि वह पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के सबूत मांगना बंद कर दें।'<

इस पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने ट्विटर पर ही संबित पात्रा को तीखा जवाब दिया। कांग्रेस ने ट्विटर पर लिखा, ‘किसी भाषा में अनुवाद करने की जरूरत नहीं है, सब जानते हैं कि यह ‘संघी’ भाषा है। इस भाषा में कुछ दिन पहले इंडिया गेट पर ‘गोली मारो..’ के नारे बीजेपी नेताओं द्वारा लगाए जा रहे थे। दोनों तरफ से एक जैसे झूठे वीडियो ट्वीट हो रहे हैं, एक जैसी भाषा बोली जा रही है।'<

 ‘खुल जानी चाहिए CAA का विरोध करने वालों की आंखें’

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने भी इस मसले पर ट्वीट करते हुए कहा, ‘श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारा में हुई शर्मनाक घटनाओं से उन सभी लोगों की आंख खुल जानी चाहिए जो पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न से इनकार कर रहे हैं और CAA की ज़रूररत से मुंह मोड़ रहे हैं।’

 हरदीप पुरी बोले, उत्पीड़न का और क्या सबूत चाहिए

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पाकिस्तान में उत्पीड़न का उन्हें और क्या सबूत चाहिए? उन्होंने लिखा, ‘इस घटनाक्रम से जाहिर है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को किस तरह मुश्किलों का सामना करता पड़ता है। एक भारतीय और एक सिख होने के नाते मैं उन सभी लोगों को धर्मनिरपेक्ष और संवेदनशील नहीं मानता जो इन ज्यादतियों और उत्पीड़न की सच्चाई के प्रति अपनी आंखें बंद करके बैठे हैं।’

वहीं, अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने ट्वीट कर कहा कि “गुरु नानक देव जी के जन्म स्थान, गुरुद्वारा श्री नानक साहिब पर भीड़ का हमला, एक घृणित कार्य है और मैं पीएम मोदी से आग्रह करता हूं कि वह इस मामले को पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के सामने उठाएं। हमें पाकिस्तान में सिखों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है और मुझे विश्वास है कि सरकार इस मुद्दे को प्राथमिकता देगी।”

हमले के विरोध में पाकिस्तानी उच्चायोग पर सिख समुदाय का प्रदर्शन

पाकिस्तान के ननकाना साहिब में शुक्रवार को सैकड़ों की भीड़ ने सिखों के सबसे पवित्र धर्मस्थलों में से एक ननकाना साहिब गुरुद्वारा पर पत्थरबाजी की। इस हमले को लेकर दिल्ली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अकाली दल ने पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सिखों के इस इस प्रदर्शन में काफी संख्या में लोग इकट्ठा हुए।

भारत ने की पाकिस्तान में गुरद्वारा ननकाना साहिब में तोडफ़ोड़ की कड़ी निंदा

इससे पहले भारत ने पाकिस्तान में पवित्र ननकाना साहिब गुरद्वारे में तोडफ़ोड़ की शुक्रवार को कड़ी निन्दा की और पड़ोसी देश से वहां सिखों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान में श्री गुरु नानक देव जी के जन्मस्थान पवित्र ननकाना साहिब में सिखों के साथ हिंसा हुई है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, भारत इस पवित्र स्थान पर तोडफ़ोड़ और बेअदबी की हरकतों की कड़ी निंदा करता है। इसने कहा, हम पाकिस्तान सरकार से सिखों की सुरक्षा एवं कल्याण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान करते हैं।

क्या है सिख किशोरी से जुड़ा मामला

दरअसल, पाकिस्तान में एक सिख किशोरी से शादी करने वाले एक मुस्लिम व्यक्ति के परिवार की अगुवाई में कुछ लोगों ने गुरुद्वारे पर धावा बोल दिया। वह सिख किशोरी ननकाना साहिब गुरुद्वारे के ग्रंथी की बेटी है। पुलिस के मुताबिक, हसन नामक एक व्यक्ति ने पिछले साल सितंबर में 18 साल की जगजीत कौर का अपहरण किया था, उसे मुसलमान बनाया था और उससे शादी कर ली थी। वहीं, लड़की के परिवार ने आरोप लगाया था कि उसका जबरन धर्मांतरण कराया गया है।

प्रदर्शन के बाद अपहरणकर्ता को पुलिस ने छोड़ दिया

इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के प्रवक्ता आमिर हाशमी ने कहा, ‘हसन के परिवार के सदस्यों ने सिख लड़की को लेकर उठे विवाद पर हुई अपने कुछ रिश्तेदारों की गिरफ्तारी के खिलाफ गुरद्वारा जन्मस्थान ननकाना साहिब के बाहर शुक्रवार को धरना दिया।’ भारतीय मीडिया में इस गुरद्वारे में तोड़फोड़ की भारत द्वारा कड़ी निंदा किए जाने की खबरों के संबंध में पूछे जाने पर हाशमी ने कहा, ‘ प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण हैं। पुलिस द्वारा एक व्यक्ति को रिहा किए जाने के बाद उन्होंने अपना प्रदर्शन खत्म कर दिया।’

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