Wednesday , 29 January 2020
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मिसाइल अटैक America के मुंह पर तमाचा’ : Iran के सर्वोच्च लीडर Ayatollah Khomeini

तेहरान, 08 जनवरी (वेबवार्ता)। इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों (America) पर मिसाइल हमले के बाद ईरान के सुप्रीम नेता अयोतुल्लाह खमनेई (Ayatollah Khomeini) ने देश को संबोधित किया। ईरान के सुप्रीम नेता ने कहा कि हमारी मिसाइल स्ट्राइक अमेरिका के मुंह पर तमाचा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई काफी नहीं है। उन्होंने जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या को शहादत बताते हुए कहा कि ईरान कभी उनके योगदान को नहीं भूल सकता है।

अमेरिकी बेस पर हमले को सफल बताया

खामनेई ने ईश्वर का नाम लेते हुए कहा कि आज अमेरिकी बेस पर ईरान के बहादुर और साहसी सैनिकों ने सफल आक्रमण किया। उन्होंने कहा, ‘हमारा संघर्ष लगातार जारी है और हम शक्तिशाली ताकतों के खिलाफ संघर्ष के लिए एकजुट रहे हैं। ईरान कभी कमजोर नहीं पड़नेवाला और कभी हार भी नहीं माननेवाला है। ईरान के साथ जो हुआ हम उसको कभी नहीं भूलेंगे।’

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सुलेमानी के योगदान को सर्वोच्च नेता ने किया याद

खामनेई का संबोधन सुनने के लिए मौजूद लोगों में से कई अपने साथ सुलेमानी की तस्वीर लेकर आए थे। सुलेमानी को याद करते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता भावुक हो गए। उन्होंने कहा, ‘वह महान साहसी व्यक्ति थे और उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष किया। उनके चेहरे की तरफ आप देखें, उन्होंने ईरान के मूल्यों को हमेशा आगे बढ़ाया। वह बहुतों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत थे और महान देशभक्त थे। हम उनकी पवित्र आत्मा के कर्जदार हैं।’

‘ईरान की क्रांति जिंदा रहेगी, दुश्मनों को मटियामेट करेंगे’

सर्वोच्च नेता खामनेई ने इस घटना को ईरान की क्रांति बताई और कहा कि यह सफर जारी रहेगा। खामनेई ने कहा, ‘हमारे बारे में विश्व में कुछ लोग झूठ फैला रहे हैं। हम हार नहीं माननेवाले हैं और यहां रुकने भी नहीं वाले। हम लगातार अपना संघर्ष जारी रखेंगे और अपने दुश्मनों को मटियामेट कर देंगे।’ खामनेई के ऐसा कहने के बाद मौजूद लोगों ने ईरानी भाषा में ‘अमेरिका की मौत’ का नारा भी लगाया। खामनेई ने कहा कि अमेरिकी बेस पर हमला कर आज हमने उनके घमंड पर तमाचा जड़ा है।

सर्वोच्च नेता ने कहा, सैन्य हमला काफी नहीं

ईरान के सर्वोच्च नेता ने भारी भीड़ के बीच देश को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिकी बेस पर हमला काफी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘सिर्फ सैन्य हमला काफी नहीं है। हमें अपने दुश्मनों को काबू में लाने के लिए तरकीब से काम लेना होगा। अमेरिका हमारा दुश्मन है और हमें दुश्मन की योजना के बारे में पता होना चाहिए।’

ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हमले में 80 अमेरिकी मारे गए हैं। ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने बाद में आधिकारिक बयान में कहा, ‘ऑपरेशन शहीद सुलेमानी’ को बुधवार सुबह को अंजाम दिया गया और अमेरिकी ठिकानों पर दर्जनों सतह से सतह मार करने वाली मिसाइलों से हमला किया गया।

सरकारी टीवी ने रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के हवाले से लिखा कि ईरान ने क्षेत्र में करीब 100 टारगेट की पहचान कर रखी है, अगर वॉशिंगटन (Washington) किसी जवाबी कार्रवाई की कोशिश करता है तो वह इन ठिकानों को तबाह कर देगा। ईरान ने अमेरिका के सहयोगियों को भी धमकी दी है कि अगर वे अमेरिका को अपने सैन्य बेस का इस्तेमाल करने देंगे तो उन्हें इसका अंजाम भुगतना होगा। बयान में कहा गया, जिसकी भी जमीन से ईरान पर हमला करने की कोशिश की जाएगी, उसे टारगेट किया जाएगा। इसके साथ ही कहा कि अगर अमेरिका और बड़े नुकसान से बचना चाहता है तो अपनी सेनाओं को मध्य-पूर्व क्षेत्र से तुरंत वापस बुला ले।

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