Chinese Spying Game

हनीट्रैप, 9 करोड़ ‘जासूस’, लालच.. ब्रिटिश जासूस ने खोला चीन की जासूसी का कच्‍चा चिट्ठा

New Delhi: चीन की टेलिकॉम कंपनी हुवावे को लेकर दुनियाभर में विवाद बढ़ता जा रहा है। अमेरिका के बाद ब्रिटेन भी इस चीनी कंपनी से किनारा करने जा रहा है। इस पूरे विवाद से एक बार फिर से चीन के दुनिया में जासूसी (Chinese Spying Game) के नेटवर्क, एजेंटों की भर्ती और विश्‍वभर में ‘ड्रैगन राज’ लाने के मंसूबों से पर्दा उठ गया है।

ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI-6 के पूर्व जासूस ने चीन की इस (Chinese Spying Game) खतरनाक साजिश का पूरा कच्‍चा चिट्ठा सामने र‍ख दिया है।

बड़ी कंपनियों में कम्‍युनिस्‍ट पार्टी का आंतरिक ‘सेल’

एमआई-6 के पूर्व जासूस के इस कथित डोजियर (Chinese Spying Game) से पता चला है कि चीन ने हुवावे के समर्थन में माहौल बनाने के लिए ब्रिटेन के नेताओं समेत नामचीन लोगों अपने पाले में मिला रखा था।

जासूस ने बताया कि विश्‍वभर में चीन की सभी बड़ी कंपनियों में एक आंतरिक ‘सेल (प्रकोष्‍ठ)’ बना हुआ है जो चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के प्रति जवाबदेह है। इस सेल का काम राजनीतिक अजेंडा चलाना होता है और यह सुनिश्चित करना होता है कि कंपनी राजनीतिक दिशानिर्देशों का पालन करे।

कम्‍य‍ुनिस्‍ट पार्टी दुनिया में बिजनस के नाम पर सक्रिय

इसी वजह से चीन के विशेषज्ञ यह जोर देकर कहते हैं कि चीन की कम्‍य‍ुनिस्‍ट पार्टी ब्रिटेन समेत पूरी दुनिया में बिजनस के नाम पर सक्रिय है। एक विशेषज्ञ ने बीबीसी से बातचीत में कहा, ‘पार्टी के सदस्‍य हर जगह हैं। चीन के लिए बिजनस राजनीति से कभी भी अलग नहीं है।’ चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के 9.3 करोड़ सदस्‍य हैं जिसमें से कई लोग विदेश में चीनी संगठनों में तैनात हैं या उन्‍हें गोपनीय रूप से वहां रखा गया है।

लालच देकर फंसाए जाते हैं विदेशी बिजनसमैन

विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी कंपनियों में महत्‍वपूर्ण पदों पर तैनात ये ‘एजेंट’ विभ‍िन्‍न तरीके से भर्ती किए जाते हैं। ब्रिटिश जासूस ने बताया कि इन एजेंटों को पहले ‘सकारात्‍मक प्रलोभन’ देकर मनाया जाता है। खासतौर तब जब लक्षित व्‍यक्ति गैर चीनी है। इसके तहत पश्चिमी देशों से लोगों को चीन में महत्‍वपूर्ण बिजनस मीटिंग के नाम पर न्‍यौता देना।

अगर कोई कंपनी संकट में है तो उसे वित्‍तीय मदद देना या अपनी कंपनी के अंदर कोई पद देना शामिल है। पिछले 10 से 15 साल में चीन ने बहुत तेजी से सकारात्‍मक लाचल देकर विदेशियों को अपने पाले में मिलाने का काम किया है।

खुबसूरत महिलाओं के जरिए ‘हनीट्रैप’

चीन अपने देश में जासूसों की भर्ती के लिए बेहद घटिया तरीके अपनाता है। इसमें चीनी परिवारों पर दबाव डालना, ब्‍लैकमेल करना शामिल है। इन जासूसों के जरिए चीन अंजान पश्चिमी बिजनसमैन को हनीट्रैप के जरिए फंसाने की कोशिश करता है। इसके लिए चीन खूबसूरत महिलाओं को भर्ती करता है और फिर उन्‍हें ट्रेनिंग देकर टारगेट के पास भेजा जाता है।

ये महिलाएं टारगेट की आपत्तिजनक तस्‍वीरें और वीडियो बना लेती हैं। इसके बाद उस बिजनसमैन से मनचाहा काम करने के लिए ब्‍लैकमेल किया जाता है। चीन में काम करने वाले एक ब्रिटिश बिजनसमैन ने बताया कि चीन यह विदेशों में ही नहीं अपने देश में हनीट्रैप के लिए जाल बिछाता है। इसे चीन की खुफिया एजेंसी चलाती है। चीन ने पूरी दुनिया में जासूसी के लिए अलग-अलग जगहों पर पूरा एक नेटवर्क बना रखा है।

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