george floyd

वाइट हाउस तक पहुंची जॉर्ज फ्लॉयड मर्डर की आग, 40 शहरों में कर्फ्यू, बंकर में छिपे ट्रंप

New Delhi: भयंकर रूप से कोरोना वायरस की चपेट में होने के बावजूद अमेरिका (america protest) की चिंता इस वक्त दूसरी है। यह है वहां हो रहे हिंसक प्रदर्शन जो 40 शहरों तक पहुंच चुके हैं। यह सब शुरू हुआ जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd murder) नाम के अश्वेत शख्स की मौत के बाद।

जॉर्ज (George Floyd murder) की मौत के पीछे पुलिस सिस्टम को जिम्मेदार माना जा रहा कि वे अश्वेत लोगों पर अत्याचार करते हैं।

एक अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका इस वक्त जल रहा है। हालात इतने बुरे हैं कि वाइट हाउस के पास तक आगजनी हो रही है, डॉनल्ड ट्रंप को बंकर में रहना पड़ रहा है और 40 से ज्यादा शहरों तक कर्फ्यू पहुंच चुका है। कौन है ये जॉर्ज फ्लॉयड और कैसे हुई उनकी मौत। शुरु से लेकर अबतक अमेरिका में क्या कुछ घटना जानिए

​जमीन पर जॉर्ज फ्लॉयड, 8 मिनट तक गर्दन पर पुलिसवाले का पैर

अमेरिका में यह सब 25 मई से शुरू हुआ। जमीन पर पड़ा यह शख्स जॉर्ज फ्लॉयड है, जिसकी मौत की के बाद इस वक्त अमेरिका का हाल बेहाल है। जॉर्ज फ्लॉयड की मौत की वजह अमेरिकी पुलिसवाला है, जिसने करीब 8 मिनट तक फ्लॉयड की गर्दन पर पैर रखे रखा।

फ्लॉयड इस दौरान मदद के लिए चिल्लाता रहा और आखिर में उसकी मौत हो गई। अश्वेत फ्लॉयड को एक दुकान में नकली बिल का इस्तेमाल करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।

पुलिसवाले पर ऐक्शन, लेकिन नहीं रुके प्रदर्शन

फ्लॉयड की गर्दन पर पैर रखकर बैठे जिस पुलिसवाले की तस्वीर सामने आई थी उसपर कार्रवाई हो रही है। थर्ड डिग्री डेथ के तहत चार्ज लगा है। बावजूद इसके प्रदर्शन होते रहे। अब पुलिस द्वारा अफ्रीकी-अमेरिकियों के साथ वर्षों से हो रहे कथित बुरे बर्ताव के कारण लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है।

​मैं सांस नहीं ले सकता….

जिस वक्त पुलिसवाले ने जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन पर पैर रखा हुआ था उस वक्त यही उनके आखिरी शब्द थे। वह बार-बार कहते रहे कि वह सांस नहीं ले पा रहे, उन्हें उठने दिया जाए। अब यह लाइन प्रदर्शन का नारा बन चुकी है।

40 शहरों में प्रदर्शन, आगजनी

अमेरिका के हर कोने में इस वक्त अशांति और हिंसा का माहौल है। प्रदर्शन 40 शहरों तक पहुंच गया है। प्रदर्शन की आग टुल्सा और लॉस एंजिलिस तक फैल गई प्रदर्शन के दौरान कारों और प्रतिष्ठानों में आग लगा दी गयी, हर तरफ इमारतों की दीवारों पर स्प्रे करके ‘मैं सांस नहीं ले सकता’ लिख दिया गया है, व्हाइट हाउस के दरवाजों के पास एक कूड़ेदान में आग लगा दी गई।
प्रदर्शन की आड़ में खूब लूटपाट

जैसा हर हिंसक प्रदर्शन में होता है। मौके का फायदा उठाकर कई लोगों ने जी-भरकर लूटपाट की। नाइकी जैसे मंहगे आउटलेट से जिसको जो मिला लूटकर ले गया।

वाइट हाउस के पास आगजनी

प्रदर्शनकारी इतने उग्र हैं कि वे वाइट हाउस के पास तक पहुंच गए। वहां कई आगजनी की घटनाएं हुईं। इसके बाद राष्ट्रति डॉनल्ड ट्रंप को परिवार सहित बंकर में शिफ्ट होना पड़ा।

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