बैंकॉक, (वेब वार्ता)। थाईलैंड में शुक्रवार को भूकंप के तेज झटके आने से कई इमारतें और निर्माणाधीन भवन ध्वस्त हो गये, जिनमें कई लोग फंस गये हैं।
थाईलैंड की बेवसाइट द नेशन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भूकंप के बाद सेना बचाव कार्य में जुट गयी है।
म्यांमार में भी तेज भूकंप आने की खबरें हैं। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गयी। भूकंप का असर भारत के पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर, बंगलादेश और चीन समेत पांच देशों में देखा गया।
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप से अब तक 16 लोगों की जान जाने की खबर है।
भूकंप के बाद प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा ने राष्ट्रव्यापी अलर्ट जारी किया है, जिसमें लोगों को आज के भूकंप के बाद संभावित झटकों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी गयी है। उन्होंने कहा कि भूकंप के झटके 24 घंटे के भीतर फिर आ सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने भूकंप से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए सभी मंत्रालयों से इस आपदा से निपटने के लिए आगे आने को
कहा है।
राष्ट्रीय आपातकालीन चिकित्सा संस्थान के अनुसार, चतुचक जिले में भूकंप के तेज झटके से एक निर्माणाधीन इमारत ढह गयी। इमारत में काम कर रहे 43 मजदूर फंस गये, हालांकि सात श्रमिक घटनास्थल से सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। नरेनथॉर्न आपातकालीन चिकित्सा सेवा केंद्र को अपने बचाव नेटवर्क के साथ तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए घटनास्थल पर भेज दिया गया है।
भूकंप के बाद ही सभी मीडिया प्लेटफार्मों पर सार्वजनिक सेवा घोषणायें प्रसारित की जा रही हैं।
सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल विन्थाई सुवारी ने घोषणा की कि सेना के कमांडर-इन-चीफ जनरल पाना क्लेप्लोड्टुक ने लोगों की सहायता के लिए सेना आपदा राहत केंद्र को तत्काल सक्रिय रहने का आदेश दिया है। सभी इकाइयों को तत्काल तैनाती के लिए कर्मियों और आवश्यक उपकरणों को जुटाने का निर्देश दिया गया है।
जनरल पाना ने प्रतिक्रिया की निगरानी के लिए तीन दक्षिणी सीमा प्रांतों की अपनी निर्धारित यात्रा रद्द कर दी है। उन्होंने सभी क्षेत्रीय सेना कमांडरों को बैंकॉक में जनता की सहायता के लिए कर्मियों और उपकरणों को जुटाने का निर्देश दिया है। आपातकाल की घोषणा का कार्य सरकार, आंतरिक मंत्रालय और बैंकॉक मेट्रोपॉलिटन प्रशासन द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चतुचक में 30 मंजिला इमारत के ढहने से उसके नुकसान का आकलन करने के लिए ड्रोन से सहायता ली जायेगी। ऐसा अनुमान जताया जा रहा है कि इमारत ढहने के समय उसमें करीब 100 कर्मचारी मौजूद थे। भूकंप के झटकों और इमारतों के ढहने से बैंकॉक और आस-पास के इलाकों में संचार व्यवस्था अस्थायी रूप से बाधित हो सकती है।
सेना क्षेत्र के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अमृत बूनसुया ने पुष्टि की कि उन्हें बैंकॉक और उसके आसपास, खास तौर पर चतुचक जिले में हुये नुकसान का सर्वेक्षण करने के लिए सेना तैनात करने के आदेश मिले हैं। कर्मियों को अन्य इमारतों का निरीक्षण करने का भी काम सौंपा गया है। एक सार्वजनिक सहायता केंद्र स्थापित किया गया है।
भूकंप के झटके रॉयल थाई आर्मी मुख्यालय में भी महसूस किये गये।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि निमार्णाधीन इमारत की ऊपरी मंजिलों पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, कुछ को चक्कर भी आए। सेना मुख्यालय में किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली और भूकंप के झटके थमने के बाद कर्मचारी धीरे-धीरे अपने काम पर लौट आए।
रॉयल थाई एयर फोर्स के कमांडर-इन-चीफ और एयर फोर्स आपदा राहत केंद्र के निदेशक एयर चीफ मार्शल पुनपाकडी पट्टानकुल ने रॉयल थाई एयर फोर्स फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल और अन्य एयरबेसों के आपदा राहत केंद्र को तत्काल सहायता के लिए तैयार रहने का निर्देश जारी किया।
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— Webvarta News Agency (@webvarta) March 28, 2025