coronavirus vaccine

कोरोना के इलाज में बड़ी सफलता, वैज्ञानिकों ने खोजी जल्दी ठीक करने वाली दवा

टोरंटो। कोरोना वायरस ने दुनियाभर में तबाही मचा रखी है। विश्वभर में कोरोना से अभी तक 2.5 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कई देश इस वायरस की वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं। कई जगहों पर इसके क्लीनिक ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं। इस कनाडा से एक अच्छी खबर सामने आ रही है।

वैज्ञानिक ने एक ऐसी एंटी वायरल दवा की खोज की है जो कोरोना मरीजों को तेजी से ठीक कर रहा है। इसे एक महत्वपूर्ण खोज माना जा रहा है।

एंटीवायरल उपचार के विकास में मददगार साबित होंगे

एक अध्ययन से पता चलता है कि इंटरफेरॉन जैसे एंटीवायरल कोरोनो वायरस पीड़ितों में सूजन को ‘काफी कम कर सकते हैं’ और उन्हे तेजी से फिर से ठीक कर सकते हैं। वुहान में कोरोना संक्रमित मरीजों के एक समूह पर अध्ययन करने वाले शोधकर्ताओं ने पाया कि इंटरफेरॉन (IFN)-2बी का उपयोग करने से ऊपरी श्वसन नली में वायरस उपस्थिति का पता लगाने में बहुत कम समय लगा।

इम्यूनोलॉजी में जर्नल फ्रंटियर्स में प्रकाशित निष्कर्षों के अनुसार, इंटरफेरॉन (IFN)-2बी ने दोनों प्रोटीनों इंटरल्यूकिन (IL) -6 और C- रेक्टिव प्रोटीन (CRP) के स्तर को भी कम कर दिया। शोधकर्ताओं का मानना है कि उनके निष्कर्ष कोविड-19 के लिए एक प्रभावी एंटीवायरल उपचार के विकास में मददगार साबित होंगे।

ऐसी ही ढूंढी गई थी सार्स की दवा

टोरंटो जनरल हॉस्पिटल रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रमुख लेखक डॉ एलिनॉर फिश ने कहा कि, इंटरफेरॉन किसी भी वायरस के खिलाफ हमारी पहली रक्षा पंक्ति होते हैं, लेकिन कोरोना वायरस जैसे वायरस इंटरफेरॉन रिस्पॉन्स में एक स्पेसिफिक ब्लॉक पैदा कर देते हैं।

टीम ने बताया कि 2002 के SARS प्रकोप में इंटरफेरॉन के उपचारात्मक लाभ होने के बाद दवाई से उपचार शुरू हुआ था। डॉ फिश ने कहा कि, मेरे ग्रुप ने टोरंटो में SARS के खिलाफ IFN-की चिकित्सीय क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए एक क्लीनिकल ट्रायल किया था।

वुहान में 77 मरीजों पर हुआ था ट्रायल

इस अध्ययन में हमने पाया कि, जिन रोगियों का हमने इंटरफेरॉन से उपचार किया उन मरीजों के बिना इंटरफेरॉन उपचार वाले मरीजों की तुलना फेंफड़ो में मौजूद इन्फेंक्शन तेजी से ठीक हो गया। शोधकर्ताओं ने 16 जनवरी और 20 फरवरी के बीच चीन के वुहान में केंद्रीय अस्पताल में भर्ती 77 कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के एक समूह पर ये अध्ययन किया था।

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