Friday, May 20, 2022
Homeअंतर्राष्ट्रीयअंटार्कटिका में बर्फ की मोटी चादर के नीचे मिला भारी मात्रा में...

अंटार्कटिका में बर्फ की मोटी चादर के नीचे मिला भारी मात्रा में पानी, जलवायु परिवर्तन का असर तो नहीं?

वेलिंगटन: अंटार्कटिका को कवर करने वाली बर्फ की चादर के नीचे भारी मात्रा में छिपे हुए पानी (Water Below Antarctica Ice) का पता चला है। यह पहला मौका है, जब अंटार्कटिका की बर्फ के नीचे वैज्ञानिकों को पानी का विशाल भंडार (Water in Antarctica) दिखाई दिया है। नए शोध के अनुसार, यह पानी पश्चिमी अंटार्कटिका में गहरे हिस्से में तलछट के करीब एक भूजल प्रणाली (Antarctica Groundwater System) में मिली है। वैज्ञानिकों को आशंका है कि बर्फीली सतह से कई सौ मीटर नीचे पानी के विशाल भंडार का मिलना जलवायु परिवर्तन का असर हो सकता है। इससे पहले भी आर्कटिक और अंटार्कटिका में जलवायु परिवर्तन के स्पष्ट प्रमाण देखने को मिले हैं।

अंटार्कटिका के भूजल की मैपिंग में जुटे वैज्ञानिक
इस स्टडी के मुख्य लेखक और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय सैन डिएगो के स्क्रिप्स इंस्टीट्यूशन में पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता क्लो गुस्ताफसन ने कहा कि हमारा अनुमान है कि इन तलछटों में गहरा भूजल हो सकता है, लेकिन अब तक, किसी ने भी विस्तृत इमेजिंग नहीं किया है। आशंका है कि अंटार्कटिका में समुद्र का स्तर 57 मीटर तक बढ़ सकता है। ऐसे में हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस महाद्वीप से महासागरों की ओर बहने वाली बर्फ कितनी तेजी से खत्म होगी। भूजल वर्तमान में हमारे बर्फ के प्रवाह के मॉडल में शामिल नहीं है।

अंटार्कटिका में बर्फ के नीचे दफन हैं सैकड़ों झीलें और नदियां
अंटार्कटिका को कवर करने वाली आइस कैप पूरी तरह से कठोर नहीं है। हाल के वर्षों में अंटार्कटिका में खोजबीन कर रहे शोधकर्ताओं ने सैकड़ों झीलों और नदियों की खोज की है जो बर्फ के भीतर ही दब गई हैं। लेकिन यह पहली बार है जब बर्फ के नीचे तलछट में बड़ी मात्रा में तरल पानी की मौजूदगी पाई गई है। इस अध्ययन के लेखक ने 96.6-किलोमीटर-चौड़े व्हिलन्स आइस स्ट्रीम के बारे में जानकारी दी। यह आइस स्ट्रीम दुनिया की सबसे बड़ी रॉस आइस शेल्फ़ को मजबूत करने वाली आधा दर्जन धाराओं में से एक है।

मैग्नेटोटेल्यूरिक इमेजिंग तकनीक से की गई पानी की खोज
गुस्ताफसन और उनके सहयोगियों ने 2018 में छह हफ्ते लगाकर बर्फ के नीचे तलछट की मैपिंग की थी। शोध दल ने मैग्नेटोटेल्यूरिक इमेजिंग नामक तकनीक को एक्जिक्यूट करने के लिए सीधे सतह पर रखे जियोफिजिकल इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल किया। इस तकनीक की मदद से बर्फ के काफी नीचे तलछट की एक साफ तस्वीर उभरकर सामने आई। वैज्ञानिकों का मकसद इसकी मदद से अंटार्कटिका की सतह का एक थ्री डी नक्शा तैयार करना है।

इतने पानी से बन सकती है 820 मीटर गहरी झील
कोलंबिया विश्वविद्यालय में पृथ्वी और पर्यावरण विज्ञान के एक एसोसिएट प्रोफेसर केरी की ने कहा कि हमने बर्फ की सतह से करीब पांच किलोमीटर नीचे तक जांच-पड़ताल की। उन्होंने अनुमान जताया कि 100 वर्ग किलोमीटर में फैले इस तलछट में मौजूद पानी को निचोड़कर सतह पर लेकर आएं तो इससे एक झील बन जाएगी, जो 220 से 820 मीटर गहरी होगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

आप हमें फॉलो भी कर सकते है

10,445FansLike
10,000FollowersFollow
3,000FollowersFollow
10,000FollowersFollow
2,458FollowersFollow
5,000SubscribersSubscribe

यह भी पढ़ें

Recent Comments