ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नाम पर ‘भगवान’ बना रहे रिसर्चर्स, Google के पूर्व कर्मचारी की चेतावनी

ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नाम पर 'भगवान' बना रहे रिसर्चर्स,  Google के पूर्व कर्मचारी की चेतावनी

वॉशिंगटन
अमेरिका की मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल के पूर्व एक्जीक्यूटिव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर चेतावनी दी है। गूगल के मूनशॉट ऑर्गनाइजेशन के चीफ बिजनेस ऑफिसर रहे मो गावदत ने कहा कि इस तकनीक से इंसानों का महत्व कम होता जा रहा है। ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानवता के लिए एक बड़ा खतरा बन रहा है। गूगल के मूनशॉट ऑर्गनाइजेशन को तब Google X के नाम से जाना जाता था।

मानवता के लिए खतरा बन सकता है एआई
द टाइम्स के साथ एक इंटरव्यू में मो गावदत ने कहा कि मेरा मानना है कि द टर्मिनेटर से स्काईनेट जैसी साइंस फिक्शन मूवी में दिखाई गई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक सीमा तक ही सही है। अगर इसका उपयोग ज्यादा बड़े स्तर पर किया गया तो यह मानवता के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। हम खुद को ईश्वरीय मशीनों के हवाले नहीं कर सकते हैं।

कंपनी में कई डराने वाली जानकारियां मिलीं
गावदत ने बताया कि Google X में एआई डेवलपर्स के साथ काम करते हुए उन्हें कई डराने वाली जानकारियां भी मिली। उन्होंने कहा कि वहां काम करने वाले रिसर्चर्स एक छोटी गेंद को खोजने और उठाने में सक्षम रोबोटिक हाथ का निर्माण कर रहे थे। गावदत ने कहा कि उस रोबोटिक हाथ ने रिसर्चर के इशारा करते ही उस गेंद को पकड़ लिया। ऐसा लग रहा था कि वह मन को पढ़ सकता है।

एआई के नाम पर भगवान बना रहे रिसर्चर्स
उन्होंने कहा कि ऐसा देखकर अचानक मुझे डर का अहसास हुआ और मैं एकदम हक्का-बक्का रह गया। वास्तविकता यह है कि ये रिसर्चर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नाम पर भगवान बना रहे हैं। गूगल बड़े स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लागू करने की तैयारी कर रहा है। इससे यूजर्स को कई तरह के प्रॉडक्ट को इस्तेमाल करने में सहूलियत भी मिलेगी।

एलन मस्क ने भी दी थी चेतावनी
टेक इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से डरने वाले लोगों की कोई कमी नहीं है। उदाहरण के लिए, एलन मस्क ने भी एआई से पैदा होने वाले खतरों को लेकर दुनिया को कई बार चेतावनी दी है। चेहरे की पहचान और प्रिडिक्टिव पोलिसिंग एल्गोरिदम से लोगों की निजता को नुकसान पहुंचने की संभावना है।