अटलांटिक महासागर में दैत्‍याकार व्‍हेल मछली की खोज, विशाल जीवों का करती है शिकार

अटलांटिक महासागर में दैत्‍याकार व्‍हेल मछली की खोज, विशाल जीवों का करती है शिकार

हाइलाइट्स

  • अमेरिका में अटलांटिक महासागर में किलर व्‍हेल मछली की नई प्रजाति मिली है
  • यह व्‍हेल डॉल्फिन और विशाल सील जैसे जीवों का समुद्र में शिकार करती है
  • शोधकर्ताओं ने इस व्‍हेल मछली को ‘आउटर कोस्‍ट ट्रैन्शन्ट व्‍हेल’ नाम दिया

वॉशिंगटन
अमेरिका में अटलांटिक महासागर में किलर व्‍हेल मछली की नई प्रजाति मिली है। यह व्‍हेल डॉल्फिन और विशाल सील जैसे जीवों का शिकार करती है। इस व्‍हेल को अमेरिका के पश्चिमी तट पर पाया गया है। कनाडा के शोधकर्ताओं ने इस खतरनाक व्‍हेल मछली को ‘आउटर कोस्‍ट ट्रैन्शन्ट व्‍हेल’ नाम दिया है। यह व्‍हेल भूरे रंग की छोटी व्‍हेल का भी शिकार करती है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि यह व्‍हेल मछली प्रशांत महासागर में गहरे समुद्र में शिकार करना पसंद करती है। यह तटों के पास बहुत कम शिकार करती है। इस व्‍हेल की अपनी अलग तरीके की भाषा है और माना जाता है कि वे विशाल किलर व्‍हेल मछलियों के समूह का हिस्‍सा हैं। कई दशकों से यह माना जाता था कि जीवों को खाने वाली किलर व्‍हेल जो दक्षिणी पूर्वी अलास्‍का से दक्षिणी कैलिफोर्नियां तक पाई जाती हैं, वे एक ही प्रजाति की हैं।
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‘गहरे पानी में एक रहस्‍यमय दुनिया मौजूद’
हालांकि अब इन नई खोज से व्‍हेल को लेकर धारणा में बदलाव आया है। इस शोध का नेतृत्‍व करने वाले यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया के एक छात्र जोश मैकइन्‍नेस ने कहा कि किलर व्‍हेल पूरी दुनिया में हर जगह पाई जाती हैं। ये व्‍हेल अपना ज्‍यादातर समय तटीय इलाके में बिताती हैं लेकिन अब हम पा रहे हैं कि वे तटों से दूर भी समुद्र में मौजूद हैं। ऐसे जगहों पर व्‍हेल की मौजूदगी के बारे में ज्‍यादा पता भी नहीं है।

जोश ने कहा कि जब आप खुले समुद्र को देखते हैं तो आपको पानी के अलावा और कुछ नहीं दिखता है। लेकिन जब आप सतह के नीचे गहरे पानी में जाते हैं तो एक रहस्‍यमय दुनिया मौजूद है। इस अध्‍ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने एक लाख फोटोग्राफ का अध्‍ययन किया जिसे कनाडा और अमेरिका के तट से खींचा गया था। ज्‍यादातर नई किलर व्‍हेल को ओरेगांव से लेकर मध्‍य कैलिफोर्निया के बीच समुद्र में देखा गया।