शनिदेव के 9 वाहन, जानें कौन सा होता है शुभ और कौन देता है कष्ट

Webvarta Desk: शास्त्रों में शनिदेव (Shanidev) को न्याय का देवता माना गया है। शनिदेव (Lord Shani) कई वाहनों की सवारी करते हैं आमतौर पर कौवे को शनिदेव का मुख्य वाहन माना गया है। शास्त्रों में शनि के कुल 9 वाहनों का जिक्र किया गया है।

ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति की कुंडली में नक्षत्र,वार और तिथि की गणना से यह पता किया जा सकता है कि व्यक्ति की राशि में शनिदेव (Shanidev) किस वाहन के साथ गोचर कर रहे हैं। शनि (Lord Shani) का कौन सा वाहन आपके के लिए होता है शुभ और कौन सा अशुभ आइए जानते हैं।

हंस

शनिदेव के सभी 9 वाहनों में हंस पर सवार शनि भगवान को सबसे शुभ माना जाता है। हंस पर सवार शनिदेव को व्यक्ति के मान-सम्मान और संपन्नता का प्रतीक माना गया है।

सियार

अगर शनि का वाहन सियार हो तो इसे अशुभ माना जाता है। इस दौरान शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है। आर्थिक नुकसान होने की संभावना ज्यादा रहती है।

भैंसा

अगर शनि का वाहन भैंसा हो तो व्यक्ति को उसके जीवन में उसे मिला-जुला फल प्राप्त होता है। तमाम कोशिशों के बाद ही उसे कार्यों में सफलता मिलती है।

कौआ

अगर शनि का वाहन कौआ हो तो परिवार के सदस्यों के बीच में कलह बढ़ जाती है। ऐसे समय में शांति से मसले सुलझाना चाहिए।

हाथी

हाथी भी शनि देव का वाहन होता है जिसे शुभ नहीं माना जाता है। यह विपरीत फल देता है।

सिंह

सिंह भी शनिदेव की सवारी है। सिंह पर सवार होने से शत्रुओं पर विजय प्राप्ति होती है।

घोड़े

शनिदेव घोड़े पर सवार होकर भी न्याय करते हैं और जातक को उसके कर्मों के हिसाब से फल प्रदान करते हैं। घोड़े को शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

गधा

जब शनिदेव का वाहन गधा होता है इसे शुभ नहीं माना जाता है। काफी प्रयास के बाद ही सफलता प्राप्त होती है।

कुत्ते और गिद्ध

कुत्ते और गिद्ध पर सवार शनि का गोचर होने पर व्यक्ति के घर चोरी, बीमारी और कई प्रकार से आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है। गिद्ध पर सवार शनि व्यक्ति को लगातार बीमार करते हैं।