मंगलवार के दिन महिलाएं करें ये उपाय, कभी नहीं होना पड़ेगा आर्थिक तंगी से परेशान

Webvarta Desk: घर की महिलाएं घर की बरकत तरक्की के लिए खास तौर पर प्रयासरत रहती है। घर में हमेशा सुख-शांति का वास रहे इसके लिए वे तरह तरह के उपाय करती हैं जिससे की मुसिबतें कभी आपके ऊपर हावी ना हों। लेकिन फिर भी कहीं ना कहीं कमी रह जाती है जिसके कारण तमाम तरह की मुसिबतें हावी होने लगती (Lord Hanuman) है।

अगर आप भी समस्याओं का अंत चाहते हैं तो कुछ कारगर उपाय करने से आपकी भी किस्मत खुल सकती है और घर में आर्थिक, पारिवारिक एवं अन्य समस्याओं का अंत हो सकता है।

ये उपाय सवार सकते हैं आपका जीवन

1: मंगलवार को दिन की शुरूआत करते समय सुबह उठकर मां लक्ष्मी और हनुमान (Lord Hanuman) जी का स्मरण करना चाहिए। उनसे प्रार्थना करनी चाहिए कि सदैव वे आपके साथ रहे और आपके घर में वास करें।

2: मंगलवार को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना बहुत ही शुभ माना जाता है इसलिए पूजा के दौरान पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और धूप-दीप प्रज्वलित करें।

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3: हनुमान जी की पूजा के लिए पीपल के पेड़ के 7 या 5 साफ पत्तों को तोड़कर उनमें एक सिक्का और कुछ चावल रखें धूप-दीप जलाकर पत्तों को हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष स्थापित करें।

4: हनुमान जी का स्पर्श किए बगैर महिलाएं उनकी पूजा करें हनुमान चालिसा का पाठ करें व अंत में उनकी आरती करें और उनसे अपनी कृपा बनाने की प्रार्थना करें।

5: सांय काल इन पीपल के पत्तों को अपने रूपए रखने के स्थान पर, पर्स में, लॉकर में या फिर तिजोरी में स्थापित करें। इस विधि को करते समय ध्यान रखें कि कोई आपको टोके नहीं अन्यथा उपाय व्यर्थ हो सकता है।

6: इन पान के पत्तों को महिलाएँ चुप-चाप अपने पति के पर्स में भी रख सकती है। ऐसा करने से हनुमान जी की कृपा से पति को कभी पैसों के लिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

7: इस उपाय को करने से घर में नकारात्मक उर्जा का वास नहीं होता और रिश्तों में मधुरता व प्यार बढ़ता है।

8: वहीं व्यापार में तरक्की हो इसके लिए पीपल के पत्तों को कार्यालय में मंदिर में या फिर कार्यालय पर पैसे रखने के स्थान पर स्थापित करें।

9: हनुमान जी की कृपा से आपको धन लाभ का रास्ता प्रबल होता है और घर में अनावश्यक होने वाली धन हानी को रोकने में मदद मिलती है।

नोट: हमारा उद्देश्य किसी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा देना नहीं है। यह लेख लोक मान्यताओं और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखकर लिखा गया है।