Biggest Ganesha Idol: यहां विराजमान है सबसे बड़ी गणेश प्रतिमा, कपड़े पहनाने में लग जाते हैं 14 दिन

Webvarta Desk: Biggest Ganesha Idol: भारत में 33 करोड़ देवी-देवता निवास करते हैं। लेकिन, इन सबकी पूजा से पहले भगवान गणेश (Lord Ganesha) की पूजा का विशेष महत्व है। 

आज हम आपको प्रथम पूजनीय गणेश जी (Lord Ganesha) की उस प्रतिमा (Biggest Ganesh Idol) के बारे में बताते हैं, जो भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया में सबसे बड़ी मानी जाती है।

इंदौर में है भगवान गणेश की अलौकिक प्रतिमा

मध्य प्रदेश की राजधानी इंदौर में भगवान श्रीगणेश का यह सुंदर और अलौकिक मंदिर स्थापित है जिसे बड़ा गणपति मंदिर (Bada Ganpati temple) के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर की खासियत यही है कि यहां पर बप्पा की प्रतिमा (Biggest Ganesha idol in India) पूरे एशिया में सबसे बड़ी मानी गई है।

भगवान श्रीगणेश की मूर्ति इस मंदिर में बैठी मुद्रा में स्थापित है। इस मूर्ति की ऊंचाई 25 फीट है। साथ ही यह मूर्ति करीब 4 फुट ऊंची और 14 फुट चौड़ी चौकी पर स्थापित है। इस भव्य प्रतिमा को पूरे एशिया की सबसे बड़ी मूर्ति माना गया है। भगवान गणेश जी की इस प्रतिमा को 1901 में स्थापित किया गया था।

3 साल में बनकर तैयार हुई थी प्रतिमा

बताते हैं कि गणेश जी की इस मूर्ति को बनाने में लगभग 3 साल का समय लगा था। कहा जाता है कि इस प्रतिमा को बनाने के लिए कई तीर्थ स्थलों से जल के साथ काशी, अयोध्या, अवंतिका, मथुरा आदि पावन धरती के साथ घुड़साल, हाथीखाना, गौशाला से मिट्टी लाकर किया गया था। साथ ही कई बहुमूल्य रत्न जैसे कि हीरा, पन्ना, पुखराज, मोती के साथ ही ईंट, बालू, चूना, मेथी के दाने आदि के साथ इस प्रतिमा को बनाया गया था।

अलग-अलग धातु का हुआ इस्तेमाल

गणपति की प्रतिमा को बनाने के लिए सोना, चांदी, तांबा व लोहा आदि सभी प्रकार की धातु का इस्तेमाल किया गया था। गणेश जी का मुख सोने और चांदी से तैयार किया गया। उनके कान, हाथ और सूंड बनाने के लिए तांबे को इस्तेमाल किया गया था। उनके पैर बनाने के लिए लोहे का इस्तेमाल हुआ था। माना जाता है कि भगवान गणेश जी की इस विशाल प्रतिमा को बनने के बाद करीब 13 साल तक बिना छत के यानि खुले आसमान में स्थापित किया गया था।