तकनीकी खामी के चलते मेट्रो के ट्रैक पर पैदल चलते नजर आए यात्री

नई दिल्ली, 21 मई (वेबवार्ता)। वर्ल्ड क्लास तकनीकी और सुविधाएं देने का दावा करने वाली दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ट्रेनों में तकनीकी खामियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार सुबह मजेंटा लाइन के साथ येलो लाइन पर भी हजारों यात्रियों को परेशानी से गुजरना पड़ा। आलम यह रहा कि लोगों को ट्रेनों से उतर कर ट्रैक पर पैदल चलना पड़ा। येलो लाइन पर तकनीकी खराबी आने की वजह से सेवा करीब चार घंटे तक बाधित रहने के बाद चालू हो गई। सेवा के बाधित रहने की वजह से इस कारण हजारों यात्री सड़कों पर फंस गए और गुड़गांव से नई दिल्ली आने वाले सभी रास्तों पर यातायात जाम लग गया। येलो लाइन दिल्ली के समयपुर बादली को हरियाणा के हुडा सिटी सेंटर से जोड़ती है। 49 किलोमीटर लंबी लाइन पर सुबह नौ बजकर करीब 32 मिनट पर सेवा बाधित हुई और डेढ़ बजे तक सेवा बहाल नहीं हो सकी थी।

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डीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि गुड़गांव और दिल्ली के बीच रास्ते में स्थित सुल्तानपुर स्टेशन पर ऊपर से जा रहे तार (ओवर हेड वायर या ओएचई) के टूटने की वजह से बिजली आपूर्ति रूक गई। डीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘एक स्टेशन पर तकनीकी खराबी आने की वजह से येलो लाइन पर सेवा प्रभावित हुई है।’’ उन्होंने बताया कि डीएमआरसी तकनीशनों की दो टीमों ने समस्या को ठीक करने के लिए काम किया। पहले ट्रेनों को सीमित गति से छतरपुर और कुतुब मीनार स्टेशनों के बीच चलाया गया। इन टीमों में 16 अधिकारी शामिल थे। करीब साढ़े तीन घंटे बाद, यातायात आंशिक रूप से बहाल हुई और ट्रेनों को कुतुब मीनार और सुल्तानपुर बीच चलाया गया। इसके बाद सामान्य सेवा बहाल हुई। डीएमआरसी ने ट्वीट किया कि सामान्य सेवा अब बहाल हो गई है। असुविधा के लिए खेद है।

अधिकारियों ने पहले बताया था कि शुरू में हुडा सिटी सेंटर और सुल्तानपुर के बीच तथा समयपुर बादली एवं कुतुब मीनार के बीच ट्रेनों को अस्थायी तौर पर चलाया गया। सुबह के समय में सुल्तानपुर और कुतुब मीनार के बीच कोई ट्रेन नहीं चल रही थी। उन्होंने बताया कि उस वक्त उस खंड से गुजर रही दोनों ट्रेनों के यात्रियों को ट्रेन से उतार लिया गया और छोटी दूरी के लिए ट्रेनें चलाकर सेवा को शुरू किया गया। राष्ट्रीय राजधानी को गुड़गांव से जोड़ने वाली लाइन पर सेवा प्रभावित होने से सड़कों पर अफरा तफरी मच गई। कुछ लोग कुतुब मीनार स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर पटरियों पर चलने लगे तो कुछ डिब्बों में फंस गए। वे ट्वीट करके वातानुकूलन चालू करने की मांग कर रहे थे। इस वजह से कई लोग अपने दफ्तर नहीं जा सके तो कई देर से कार्यालय पहुंचे।

एक महिला ने एक कार से लिफ्ट ली। उसने बताया कि उसे एम्स पहुंचना है क्योंकि कई महीनों के बाद उसे एमआरआई कराने के लिए समय दिया गया है। मेट्रो की सेवा के खराब होने से रेडियो कैब और ऑटो ने किराया बढ़ा दिया। वहीं जिन लोगों के पास खुद की गाड़ी थी उन्हें जाम ने परेशान किया। दो घंटे से ज्यादा वक्त यातायात जाम लगा रहा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘ मैंने परिवहन मंत्री से विस्तृत रिपोर्ट लेने तथा इसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए दिल्ली मेट्रो को निर्देश देने को कहा है।’’ कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपने गुस्से का इज़हार किया। एक अनुमान के मुताबिक, रोजाना करीब आठ लाख लोग येलो लाइन का इस्तेमाल करते हैं।

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वहीं, मंगलवार सुबह मजेंटा लाइन रूट के अंतर्गत बॉटैनिकल गार्डन मेट्रो स्ट्रेशन पर तकनीकी खामी के चलते सिर्फ एक गेट खोला, जबकि बाकी गेट बंद कर दिए गए। इससे मंगलवार सुबह पीक आवर में नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली जा रहे यात्रियों को दिक्कत पेश आई। यहां पर बता दें कि पिछले चार दिनों के मजेंटा लाइन रूट दूसरी बार ऐसा हुआ है, जब यात्रियों को भारी दिक्कत पेश आई है।

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गौरतलब है कि ओखला एनएसआइसी स्टेशन उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो ओखला फेज 2 फेज 3 में काम करते हैं। इसके अलावा ओखला मंडी जाने वालों के लिए कालका जी मंदिर जाने वालों के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण स्टेशन है और सुबह के वर्किंग के टाइम पर इस तरह से सिर्फ एक गेट का चलना लोगों के लिए मुसीबत और दर्द का कारण बना, जिससे लोगों का गुस्सा भी फूटा।इससे परेशान यात्रियों की स्टेशन स्टाफ के साथ नोकझोंक और बहस भी हुई। परेशानी से जूझ यात्रियों के सामने सबसे बड़ा संकट मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलना रहा, खासकर एक ही गेट खुला होने के चलते मेट्रो स्टेशन पर अफरातफरी की स्थिति रही।

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