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Sushant Singh Rajput Case: IPS विकास वैभव ने मुंबई पुलिस को पारदर्शिता पर उठाए सवाल

New Delhi: सुशांत सिंह राजपूत केस में पटना पुलिस की टीम के साथ मुंबई पुलिस के अजीब व्यवहार पर बिहार के कड़क आईपीएस ने सवाल उठाए हैं। ये आईपीएस कोई और नहीं बल्कि अपनी ईमानदारी और पेचीदा केसों को सुलझाने के लिए जाने जानेवाले विकास वैभव हैं।

विकास वैभव ने अपने ट्वीट में लिखा है कि ‘पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है ! पारदर्शिता ऐसी जो न केवल हो परंतु स्पष्ट रूप से प्रतीत भी हो ! जब ऐसा नहीं होता तब निश्चित ही संदेह उत्पन्न होता है जो उचित नहीं है ! पारदर्शिता से ही पुलिस में आम जनता का विश्वास बढ़ता है ! संदर्भ स्पष्ट है !’

देखिए IPS विकास वैभव का ट्वीट…

बिहार के IPS की ट्वीट के मायने…

विकास वैभव ने इस ट्वीट में साफ लिखा है कि पुलिस की कार्यशैली में पारदर्शिता बहुत जरूरी है। मुंबई पुलिस ने पटना पुलिस की टीम के साथ जिस तरह का व्यवहार किया उससे पारदर्शिता पर सवाल उठने लाजिमी हैं। विकास वैभव ने ये लाइन भी लिखी है कि पारदर्शिता ऐसी हो जो दिखे भी। पटना पुलिस की टीम को कैदी वैन में ले जाना कहीं से भी पारदर्शिता नहीं दिखा रहा था। जाहिर है कि पुलिस के काम करने के तरीके से ही ये झलकता है कि उसमें ट्रांसपैरेंसी यानि पारदर्शिता है या नहीं?

बिहार पुलिस एसोसिएशन ने भी उठाए हैंमुंबई पुलिस पर सवाल

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत के मामले में जांच को लेकर बिहार पुलिस की टीम भी मुंबई पहुंची है। इस बीच बिहार पुलिस एसोसिएशन (Bihar Police Association) की ओर से मुंबई पुलिस पर जांच में सहयोग नहीं करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि सुशांत मामले में बिहार की पुलिस टीम हर दिन नए खुलासे कर रही है।

बिहार पुलिस की इस सफलता से तिलमिलाई मुंबई पुलिस गलत व्यवहार कर रही है। हाई प्रोफाइल मामले के साथ मुंबई पुलिस के असहयोग को देखते हुए बिहार पुलिस के अधिकारियों की जान को ख़तरा भी हो सकता है।

‘बिहार का संस्कार है अतिथि देवो भव’

एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि जनता को न्याय के लिए राज्य की सीमा आड़े आने लगे तो देश का संघीय ढांचा और कानून व्यवस्था चरमरा जाएगी। पुलिस का कर्तव्य है किसी भी मामले में सबूत इकट्ठा कर के कोर्ट में पेश कर के न्याय दिलाना।

देश में किसी भी राज्य की पुलिस को एक दूसरे के यहां जांच में जाना पड़ता है। मुंबई पुलिस कई बार बिहार में जांच के लिए आई है। बिहार पुलिस ने हर समय जांच में सहयोग किया है। बिहार पुलिस तो बाहर से आई पुलिस को सहयोग के साथ गाड़ी की व्यवस्था यहां तक ठहरने की व्यवस्था भी करती है। बिहार का संस्कार है अतिथि देवो भव।

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