Sandeep singh

सुशांत केस: संदीप सिंह ने अर्नब गोस्वामी पर ठोका मानहानि का केस, चाहिए 200 करोड़ रुपये मुआवजा

New Delhi: सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के दोस्त संदीप सिंह (Sandeep Singh) ने उनके खिलाफ गलत खबर दिखाए जाने को लेकर रिपब्लिक टीवी (Republic TV) और अर्नब गोस्वामी (Arnab Goswami) पर मानहानि का केस दर्ज किया है।

संदीप सिंह (Sandeep Singh) ने उन्हें भेजे गए इस कानूनी नोटिस की कॉपी को अपने सोशल अकाउंट पर भी शेयर किया है। संदीप सिंह ने उनकी छवि खराब करने का आरो’प लगाते हुए चैनल से 200 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।

संदीप सिंह (Sandeep Singh) ने इसे शेयर करते हुए लिखा है, ‘अब भुगतान का वक्त है।’ संदीप सिंह के वकील की ओर से जारी इस नोटिस में लिखा गया है कि वह बॉलिवुड के फेमस प्रड्यूसर और फिल्ममेकर हैं, जिनके खिलाफ आपरा’धिक मंशा को लेकर गलत खबरें दिखाई गईं, जबकि उन्हें पता था कि सुशांत (Sushant Singh Rajput) और वह अपने स्ट्रगलिंग टाइम से ही अच्छे दोस्त थे।

इस नोटिस में संदीप सिंह (Sandeep Singh) के खिलाफ दिखाई गई या लिखी गई गलत खबरों के वीडियो, फुटेज और आर्टिकल हटाने और लिखित या फिर वीडियो जारी कर माफी मांगने की भी बात कही गई है। इसी के साथ संदीप सिंह की छवि खराब करने की वजह से चैनल से उन्होंने 200 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग भी कर डाली है।

बता दें कि संदीप सिंह (Sandeep Singh) सुशांत की मौ’त के बाद से ही शक के घेरे में बताए जा रहे थे। सुशांत की मौ’त के बाद उके घर सबसे पहले पहुंचने वाले में संदीप सिंह थे। हालांकि संदीप सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि सुशांत से पिछले काफी समय से उनके टॉकिंग टर्म्स नहीं रहे हैं। कहा जा रहा था कि सुशांत सिंह का परिवार उन्हें नहीं जानता, जिसके बाद पिछले महीने उन्होंने ऐक्टर और उनकी बहन मीतू सिंह से हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट शेयर किया था।

संदीप सिंह (Sandeep Singh) ने पहला स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा था, ‘सॉरी भाई, मेरी चुप्पी मेरे और मेरी फैमिली के 20 साल की छवि को खराब कर रही है। मुझे नहीं पता था कि आज के समय में फ्रेंडशिप को सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है। आज मैं अपने पर्सनल चैट पब्लिक कर रहा हूं, क्योंकि यही मेरे पास आखिरी उपाय बचा है हमारे बीच के इक्वेशन को बताने का।’

एक अन्य पोस्ट में संदीप सिंह (Sandeep Singh) ने लिखा है, ‘जब 14 जून को मैंने आपके बारे में सुना तो मैं खुद को रोक न पाया और मैं गहरे दुख के साथ आपके घर की तरफ दौड़ा। मैं यह देखकर हैरान था कि वहां मीतू दीदी के अलावा कोई नहीं था। मैं आज भी यही सोच रहा हूं कि क्या उस मुश्किल वक्त में मैंने वहां आपकी बहन के साथ खड़े रहकर गलती की या फिर मुझे आपके बाकी दोस्तों के पहुंचने का इंतजार करना चाहिए था।’

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