AIIMS की रिपोर्ट से सुशांत की फैम‍िली नाखुश, CBI डायरेक्‍टर से कहा- नई फरेंसिक टीम करे जांच

New Delhi: सुशांत सिंह राजपूत केस (Sushant Singh Rajput Case) में जांच कर रही एम्स (AIIMS) के फरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने अपनी रिपोर्ट CBI को सौंप दी। टीम ने फाइनल रिपोर्ट में बताया है कि सुशांत की मौत आ’त्मह’त्या के कारण हुई है। हालांकि, सुशांत का परिवार इस बात को मानने से इनकार कर रहा है।

सुशांत (Sushant Singh Rajput) की फैमिली के वकील विकास सिंह (Vikas Singh) ने बुधवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर कहा, ‘मैंने CBI डायरेक्‍टर को लेटर लिखा है और मामले की जांच नई फरेंसिक टीम से कराने की मांग की है।’

कूपर हॉस्पिटल की रिपोर्ट्स को देखे नई टीम

सिंह ने आगे कहा, ‘नई टीम कूपर हॉस्पिटल की बनाई रिपोर्ट्स को देखे और बताए कि कूपर हॉस्पिटल की राय सही है या नहीं। नई टीम देखे कि सुशांत की मौ’त आ’त्‍मह’त्‍या है या यह म’र्ड’र है या उसका गला घों’टा गया है।’

क्‍या बिना जानकारी के सुशांत को देती थीं ड्र’ग्‍स

वकील ने कहा, ‘रिया को जमानत दी गई है, वह उसके खिलाफ ड्र’ग्‍स केस के मामले में है जो कि मेरे हिसाब से काफी कमजोर है। असल सवाल यह है कि क्‍या सुशांत को रिया बिना उनकी जानकारी के ड्र’ग्‍स देती थीं। क्‍या उन्‍होंने इस बारे में डॉक्‍टरों को बताया जिनके पास वह सुशांत को ट्रीटमेंट के लिए लेकर गई थीं।’

एम्‍स के एक्‍सपर्ट्स ने म’र्ड’र से किया इनकार

बता दें, इससे पहले एम्स के एक्सपर्ट पैनल के हेड डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने सुशांत का गला द’बाकर मा’रे जाने की किसी भी संभावना से इनकार किया था। गुप्ता ने बताया था, ‘हमने अपनी फाइनल रिपोर्ट तैयार कर ली है। यह पूरी तरह से फां’सी लगाए जाने और आ’त्मह’त्या का मामला है। सुशांत की बॉडी पर फां’सी के अलावा कोई अन्य चोट के नि’शान नहीं थे। मृ’तक की बॉडी या कपड़ों पर भी कोई संघर्ष/हाथापाई के नि’शान भी नहीं पाए गए हैं।’

फां’सी लगाने के कारण गर्दन पर बना नि’शान

एम्स के 7 फरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने अपनी जांच के बारे में सीबीआई की टीम से लंबी चर्चा की थी। डॉक्टर गुप्ता ने आगे बताया था, ‘सुशांत की बॉडी में बॉम्बे फरेंसिक साइंस लैब या एम्स की टॉक्सिकोलॉजी लैब को कोई भी जह’रीला या न’शीला पदार्थ नहीं मिला है। गर्दन पर मिला पूरा निशान फां’सी लगाने के कारण बना है।’ इससे पहले सुशांत का पोस्टमॉर्टम करने वाले कूपर हॉस्पिटल के पैनल ने भी सुशांत की मौ’त को आ’त्मह’त्या ही बताया था।