Sushant Case: SC में आमने-सामने दिखी बिहार-महाराष्‍ट्र सरकार, जमकर हुई तीखी बहस

New Delhi: सुशांत सिंह राजपूत केस (Sushant Singh Rajput Case) की सुनवाई के दौरान बिहार और महाराष्ट्र सरकार ने एक-दूसरे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

बिहार सरकार (Bihar Govt) की ओर से पेश वकील ने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) ने अभी तक केस दर्ज नहीं किया क्योंकि राजनीतिक दबाव है।

वहीं महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Govt) की ओर से आरोप लगाया गया कि बिहार में चुनाव होने वाला है, इसलिए मामले में राजनीति किया जा रहा है और चुनाव बीतते ही सब भूल जाएंगे। बहरहाल रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) की केस ट्रांसफर करने की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

रिया प्यार करती थी लेकिन उसे विक्टिमाइज किया गया: रिया चक्रवर्ती के वकील

घटना मुंबई की है और जूरिडिक्शन भी महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) की बनती है, लेकिन बिहार पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। पटना में घटना नहीं हुई। 38 दिन बाद केस दर्ज किया गया। बांद्रा पुलिस का जूरिडिक्शन बनता है। रिया के खिलाफ पॉलिटिकल फोर्स का इस्तेमाल किया गया है।

दीवान बोले, मामले को राजनीतिक एजेंडा की तरह इस्तेमाल किया गया ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके। मीडिया ट्रायल किया गया है। वह सुशांत से प्यार में थीं, लेकिन उन्हें ट्रोल किया गया और विक्टिमाइज किया गया है। मामले में पटना पुलिस का जूरिडिक्शन नहीं बनता है, केस मुंबई ट्रांसफर होना चाहिए।

महाराष्ट्र में राजनीतिक दबाव में नहीं हो रही थी केस दर्ज: बिहार सरकार के वकील मनिंदर सिंह

रिया (Rhea Chakraborty) ने खुद सीबीआई जांच की मांग की थी। मुंबई पुलिस ने 56 लोगों का बयान दर्ज किया, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं किया। सुशांत की मौत हुई है, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ जबकि ये अनिवार्य है। महाराष्ट्र में पुलिस पर राजनीतिक दबाव है। राजनीतिक दबाव के कारण एफआईआर दर्ज नहीं हो रहा है। बिहार पुलिस के एसपी को वहां क्वारंटीन किया गया।

मनिंदर सिंह ने कहा, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद भी तुरंत नहीं छोड़ा गया। हमने अपनी ड्यूटी निभाई और केस दर्ज किया। जूरिडिक्शन का जहां तक सवाल है तो ये जांच के स्टेज में तय नहीं हो सकता। संज्ञेय अपराध में जांच अधिकारी का काम है मामले की छानबीन करना। महाराष्ट्र में राजनीतिक दबाव काम कर रहा है इसी कारण अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ है। दूध का दूध और पानी का पानी होना जरूरी है, हम सोशल मीडिया पर जांच का जिम्मा नहीं छोड़ सकते।

महाराष्ट्र सरकार के वकील अभिषेक मनु सिंघवी-बिहार में चुनाव है, इसी कारण ये सब हो रहा है

बिहार सरकार का मामले में जूरिडिक्शन नहीं है। ये संघीय ढांचे का सवाल है। घटना मुंबई में हुआ है। कानून का सिर मरोड़ दिया गया। सीआरपीसी का म’र्ड’र किया जा रहा है। महाराष्ट्र पुलिस को सुशांत के पिता ने अभी तक शिकायत नहीं की। हमने कभी नहीं देखा कि कोई राज्य जांच के लिए इतना व्याकुल क्यों है। ये केस और कुछ नहीं बल्कि इसपर राजनीति हो रही है। बिहार में चुनाव है और चुनाव के बाद कोई इस केस को नहीं देखेगा। बिहार चुनाव के कारण ये सब हो रहा है।

सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह- हम जांच चाहते हैं

विकास सिंह ने कहा कि वह मीडिया रिपोर्ट में नहीं जाना चाहते, लेकिन मीडिया महाराष्ट्र के एक बड़े नेता के बेटे का नाम ले रही है। हम फेयर जांच चाहते हैं। हम मुंबई पुलिस पर विश्वास नहीं कर सकते। रिया ने पूरा कंट्रोल कर रखा था, लेकिन मुंबई पुलिस ने उस मामले में छानबीन नहीं की है। सुशांत की मौ’त हो गई। जब उसका दरवाजा खोला गया तो सुशांत की बहन वहां 10 मिनट में पहुंचने वाली थीं, लेकिन उनका इंतजार नहीं किया गया और नहीं देख पाईं कि क्या वह पंखे से लटका हुआ था? सुशांत के पैसे को लेकर भी हेरफेर हुई है।

केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता- ये केस सीबीआई जांच के लिए फिट केस

हम नहीं जानते कि रिया चक्रवर्ती कौन हैं। वो गवाह हैं या आरोपी या फिर कौन, क्योंकि मुंबई पुलिस का केस दर्ज नहीं है। मुंबई पुलिस ने बिना एफआईआर दर्ज किए 56 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया। बिना कानून का पालन किए ये सब मुंबई पुलिस कर रही है। बिहार में केस दर्ज हुआ है। ये केस सीबीआई जांच के लिए सिफारिश की गई और ये फिट केस है सीबीआई जांच के लिए।

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