कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने खारिज की याचिका, फ्लैट मर्ज में किया नियमों का उल्लंघन

Webvarta Desk: Kangana vs BMC: पिछले साल कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Govt) के बीच काफी तनातनी हो गई थी। मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार के बारे में कई बयान देने के बाद कंगना और शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) के बीच तीखी बहस हुई थी। इसके बाद बीएमसी ने कार्रवाई करते हुए कंगना के बांद्रा स्थिति ऑफिस में अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की थी।

इस तोड़फोड़ के बाद कंगना (Kangana Ranaut) ने कोर्ट में याचिका दायर कर इसे गलत बताया था। हालांकि अब खबर आ रही है कि सिविल कोर्ट ने कंगना की याचिका को खारिज कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार उपलब्ध कराए गए कोर्ट के इस फैसले की कॉपी में न सिर्फ कंगना (Kangana Ranaut) की याचिका को खारिज किया गया है बल्कि यह भी कहा गया है कि फ्लैटों को मर्ज किए जाते समय कंगना ने कई नियमों का उल्लंघन भी किया है।

अपने फैसल में जज एलएस चव्हाण ने कहा कि 16 मंजिल की बिल्डिंग में 5वीं मंजिल पर 3 फ्लैट्स को मर्ज करते समय कंगना ने संक एरिया, डक्ट एरिया और कॉमन पैसेज को कवर कर दिया और खुली रहने वाली जगह को रहने वाली जगह में शामिल कर लिया। इस आधार पर कोर्ट ने माना है कि निर्माण के समय कंगना की तरफ से कई नियमों का उल्लंघन किया गया है।

हालांकि कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि इस मामले में अब कोई दखल दिए जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि कंगना रनौत को पहले ही बॉम्बे हाई कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील किए जाने के लिए 6 हफ्ते का वक्त दिया जा चुका है। कंगना के वकील ने कोर्ट से अपील की है कि 6 हफ्ते से पहले बीएमसी को कार्रवाई करने से रोका जाए। बता दें कि इस मामले में यह फैसला 17 दिसंबर 2020 को दिया गया था लेकिन फैसले की कॉपी 28 दिसंबर को उपलब्ध कराई गई हैं।