Jiah Khan Case: अहम सबूत जिया का ट्रैक सूट और दुपट्टा गायब, कोर्ट ने CBI को लगाई फटकार

New Delhi: साल 2013 में बॉलिवुड एक्ट्रेस जिया खान (Jiah Khan) ने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्मह-त्या कर ली थी। इस मामले में जिया (Jiah Khan Case) की मां राबिया अमीन ने खुले तौर पर जिया की ह’त्या के लिए आदित्य पंचोली के बेटे सूरज को जिम्मेदार माना था और कहा था कि बॉलिवुड की पावरफुल लॉबी सूरज को बचाने की मदद कर रही है।

बाद में जिया खान की मौ’त का मामला (Jiah Khan Case) जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया। लेकिन अब इस मामले में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि जिया खान की मौ’त से जुड़े सबूत ही गायब (Evidence Missing in Jiah Khan Case) पाए गए हैं।

सबूतों के अभाव में कमजोर हो जाएगा केस!

‘मिड डे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मौ’त वाले दिन जिया खान का पहना हुआ ट्रैक सूट और जिस दुपट्टे का फंदा बनाकर उन्होंने कथित तौर पर आत्मह’त्या की थी, वह दोनों गायब हैं। जाहिर सी बात है कि सबूतों का गायब हो जाना निश्चित तौर पर इस केस को कमजोर करेगा।

राबिया ने सूरज पंचोली के खिलाफ आत्मह’त्या को उकसाने के लिए आईपीसी के सेक्शन 306 के तहत मामला दर्ज कराया था और अभी इस केस का ट्रायल चल रहा है।

कोर्ट में जमा कराया गया था दुपट्टा तो गया कहां?

जून 2013 में जिया की मौत के बाद दुपट्टा जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के पास था। जुहू पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि बाद में उन्होंने सीलबंद लिफाफे में उसे अन्य सबूतों के साथ 2015 में कोर्ट में जमा करा दिया था।

बुधवार को राबिया के वकीलों ने जब कोर्ट के सामने जिया के ट्रैकसूट और दुपट्टा गायब होने का सवाल उठाया तो जज सुरेखा पाटिल ने सीबीआई और जुहू पुलिस को बुरी तरह झाड़ लगाई। अब कोर्ट ने सीबीआई और पुलिस दोनों के जांच अधिकारियों को 28 नवंबर को अगली सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया है।

आखिर जिया का दुपट्टा किसके पास?

रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई के अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने फोरेंसिक सांइस लेबोरेटरी से सबूत जमा करने के लिए कहा था लेकिन उधर से कोई जवाब ही नहीं आया और सबूत उन्होंने जुहू पुलिस को दे दिए।

दूसरी तरफ लेबोरेटरी के अधिकारियों का कहना है कि नियमों के मुताबिक जांच के बाद सबूतों को उस पुलिस स्टेशन में भेजा जाता है जहां केस दर्ज हुआ था, न कि किसी अन्य एजेंसी को। जुहू पुलिस के अधिकारियों ने इस मामले पर बात करने से इनकार कर दिया है।

केस को कमजोर करने की साजिश?

राबिया के वकीलों का कहना है कि जिया के गले में पाया गया दुप्ट्टा ही गायब है तो आप आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला कैसे साबित कर पाएंगे? क्योंकि ऐसे मामलों में जिस चीज से फंदा बनाया गया है उसकी फरेंसिक जांच काफी अहम होती है।

उन्होंने जांच को कथित तौर पर प्रभावित किए जाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जब मामला सीबीआई के पास है तो अभी तक जुहू पुलिस की जांच को कोर्ट आखिर क्यों आधार बना रही है। वकील का कहना है कि जुहू पुलिस ने कहा था कि जिया के कमरे से टूटा हुआ गुलदस्ता पाया गया था जबकि सीबीआई ने अपनी जांच में इसे गलत बताया है।

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