राजद्रोह केस: कंगना रनौत की याचिका पर बॉम्‍बे हाईकोर्ट में होगी सुनवाई, क्‍या समन पर लगेगी रोक?

New Delhi Desk: बॉलिवुड ऐक्‍ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) पर लगे नफरत फैलाने और राजद्रोह जैसे संगीन आरोपों की सुनवाई अब बॉम्‍बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) में होगी। उच्‍च न्‍यायालय ने कंगना की उस याचिका को स्‍वीकार कर लिया है, जिसमें ऐक्‍ट्रेस ने मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है।

पुलिस एफआईआर में कंगना (Kangana Ranaut) पर सोशल मीडिया के जरिए ख‍िलाफ समाज में नफ’रत फैलाने और सांप्र’दायिक त’नाव फैलाने का आ’रोप है। इस मामले में कंगना को समन भी जारी किया जा चुका है।

सोमवार को हाईकोर्ट में दी थी याचिका

इससे पहले सोमवार को कंगना रनौत (Kangana Ranaut) और उनकी बहन रंगोली चंदेल (Rangoli Chandel) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर एफआईआर रद्द करने की अपील की थी। कंगना की इसी याचिका को हाईकोर्ट ने स्‍वीकार किया है। कंगना के ख‍िलाफ बांद्रा मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें राजद्रोह का आरोप भी है। मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया था कि कंगना रनौत और उनकी बहन के खिलाफ जांच की जाए।

अदालत से अपील- समन पर लगाएं रोक

मामले में सोमवार को कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी ने कहा, ‘कंगना रनौत और रंगोली चंदेल ने प्राथमिकी और मजिस्ट्रेट का आदेश रद्द करवाने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत से यह भी अनुरोध किया गया है कि पूछताछ के लिए जारी पुलिस समन पर भी रोक लगाई जाए। साथ ही पुलिस को निर्देश दिया जाए कि वह उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करे।

पूछताछ के लिए पुलिस ने तीसरी बार भेजा समन

बता दें कि मामले में मुंबई पुलिस ने पिछले हफ्ते कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल को तीसरी बार समन जारी किया। दोनों को 23 और 24 नवंबर को बयान दर्ज करने को कहा गया था। तीसरी बार समन जारी करते हुए डिप्टी कमिश्‍नर ऑफ पुलिस अभिषेक त्रिमुखे ने कहा था कि तीसरा नोटिस जारी किया है और उन्हें जांच में बांद्रा पुलिस के साथ जुड़ने और सहयोग देने के लिए कहा है।

कंगना ने भाई की शादी का दिया हवाला

पुलिस के मुताबिक, कंगना रनौत को इससे पहले जब दो समन भेजे गए थे, तब उन्होंने अपनी भाई की शादी का हवाला देते हुए कहा था कि वह 15 नवंबर तक मुंबई नहीं पहुंच पाएंगी। कंगना पर आरोप है कि उन्‍होंने नफरत फैलाने वाले ट्वीट किए हैं और समाज के दो समुदायों के बीच द्वेष की भावना फैलाने की कोश‍िश की है।