सलमान खान और मलाइका जैसे ऐक्टर्स के साथ फिल्मों में दिखे, आज उठा रहे कचरा और बेच रहे हैं चाय

New Delhi: महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी की गई शूटिंग की नई गाइडलाइंस में जूनियर आर्टिस्ट (Junior Artists) को न लेने या कम करने के साफ निर्देश हैं।

यह आदेश 800-900 रुपये दिहाड़ी पर काम करने वाले इन जूनियर आर्टिस्ट्स (Junior Artists) के लिए जख्म पर नमक से कम नहीं है, क्योंकि तीन महीने से घर बैठे इन कलाकारों की माली हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि कोई चाय बेचने पर मजबूर है, तो कचरा ढोकर घर चला रहा है। पेश है यह रिपोर्ट।

चाय से लेकर छतरी बेचने और गार्ड से लेकर कचरे की गाड़ी चलाने के लिए मजबूर

आयुष्मान खुराना की ‘ड्रीम गर्ल’ और सुशांत सिंह राजपूत की ‘सोनचिड़िया’ जैसी कई फिल्मों में छोटे-छोटे रोल निभा चुके ऐक्टर (Junior Artists) दिवाकर सोलंकी पिछले दिनों तब सुर्खियों में थे, जब वे अपने परिवार का पेट पालने के लिए दिल्ली की सड़कों पर आम बेचने को मजबूर हो गए।

वैसे, दिवाकर ऐसे अकेले कलाकार नहीं हैं, कोरोना के कारण पिछले तीन महीने से बंद पड़ी शूटिंग्स ने 800-900 रुपये दिहाड़ी पर फिल्मों और शोज में एक-दो सीन वाले रोल करने वाले जूनियर आर्टिस्ट की कमर तोड़ दी है।

उस पर, महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी की गई शूटिंग की नई गाइडलाइंस में जूनियर आर्टिस्ट को न लेने या कम करने के साफ निर्देश दिए हैं। इससे शूटिंग शुरू होने पर भी इन कलाकारों को काम मिलने के कम ही आसार हैं। ऐसे में, अपना घर चलाने के लिए ये कलाकार चाय से लेकर छतरी बेचने और गार्ड से लेकर कचरे की गाड़ी चलाने के लिए मजबूर हैं।

सलमान संग शेयर किया स्क्रीन, अब चला रहे कचरे की गाड़ी

फिल्म सुल्तान में सुपरस्टार सलमान खान के साथ स्क्रीन पर नजर आ चुके जूनियर कलाकार हसन इन दिनों मुंबई की सड़कों पर 200 रुपये दिहाड़ी पर बीएमसी की कचरे की गाड़ी चला रहे हैं।

हसन बताते हैं, ‘काम बंद होने के बावजूद मैंने दो महीने किसी तरह गुजारा किया, लेकिन घर तो चलाना ही है न, तो कुछ न कुछ करना ही पड़ेगा। इसलिए मैं बीएमसी में कॉन्ट्रैक्ट पर कचरे की गाड़ी चला रहा हूं। कभी-कभी कचरा उठाया भी, इसमें रोज के 200 रुपये मिलते हैं। क्या करूं, जिंदगी तो चलानी ही है। मेरे कई दोस्त ऐसे ही जिंदगी काट रहे हैं। कोई गार्ड का काम कर रहा है, तो एक गोवंडी हॉस्पिटल में हाउसकीपिंग का काम कर रहा है। हमारे जूनियर आर्टिस्ट भाई ही एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। एक लेडी उषा ने अपनी कमाई के डेढ़-दो लाख रुपये बांट दिए। एक हमारे सर्फू भाई हैं, जो सबकी मदद करते हैं।’

कोई चाय बेच रहा, तो कोई छतरी

सलमान खान के आइकॉनिक गाने ‘मुन्नी बदनाम हुई’ में नजर आ चुके जूनियर आर्टिस्ट महादेव सत्यदेव तेवरे के बेटे निखिल महादेव तेवरे इस लॉकडाउन में घर चलाने के लिए मरोल मित्तल इंडस्ट्रीज के पास चाय की टपरी लगा रहे हैं।

खुद ‘कमांडो 3’ जैसी फिल्म में काम कर चुके जूनियर आर्टिस्ट निखिल कहते हैं, ‘अभी इंडस्ट्री खुलने लगी है, तो रोज की पचास-साठ चाय बेच लेता हूं। अभी मैं क्या करूं? मेरे पापा और मैं दोनों जूनियर आर्टिस्ट हैं, हमें कहा गया था कि सलमान खान, यशराज वगैरह से पैसे आएंगे, लेकिन हम दोनों के अकाउंट में तो अब तक कोई पैसा नहीं आया। पूछने पर बोलते हैं कि प्रॉसेस चल रहा है। ऐसे में, घर चलाने के लिए कुछ तो करना पड़ेगा, इसलिए चाय की टपरी डाली है। ऐसे ही, हमारा एक भाई छतरी बेच रहा है, क्योंकि मेरे जैसे कई लोगों को अब तक कोई पैसा नहीं मिला है।’

दान भरोसे कट रही जिंदगी

इंडस्ट्री में बतौर जूनियर आर्टिस्ट दो दशक बिताने वाले एक कलाकार नाम न जाहिर करने की शर्त पर अपनी तकलीफ शेयर करते हुए कहते हैं, ‘मेरे तीन बच्चे हैं। मेरी उम्र पचास के आसपास है। ऐसे में, मैं कहां नया काम ढूंढ़ूं। हमारा घर तो लोगों की मदद और दान से ही चल रहा है। बिल्डिंग के सेठ लोगों ने मदद की। कुछ दोस्तों ने उधार दिया। लोगों से राशन की मदद मिली। हमारा बाकी काम तो चल जाता है, लेकिन मेरे बच्चों की पढ़ाई मुश्किल में पड़ गई है। मेरी बेटी का 10वीं है, उसकी ऑनलाइन क्लास की फीस 1000 रुपये है, मैंने तो पढ़ाई छुड़ाने को बोल दिया, पर मैं दिल से चाहता हूं कि चाहे भीख मांगना पड़े, लेकिन अपने बच्चे को कम से कम दसवीं तो कराऊं। हमने सुना कि सलमान खान, यशराज और कई ऐक्टर्स ने पैसे दिए, लेकिन वह हम तक पहुंचे ही नहीं। मैं बोलता नहीं, क्योंकि डरता हूं कि अगर कुछ बोला, तो कहीं आगे काम न मिले। सरकार को हमारी मदद करनी चाहिए और 1000-2000 रुपये महीने देने चाहिए, क्योंकि मेरे कई जूनियर आर्टिस्ट भाइयों की हालत तो और ज्यादा खराब है।’

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