‘आर्यन ने जेल में सबक सीख लिया है’, वकील अमित देसाई ने जमानत के लिए कोर्ट में दीं ये दलीलें

'आर्यन ने जेल में सबक सीख लिया है', वकील अमित देसाई ने जमानत के लिए कोर्ट में दीं ये दलीलें

शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) की मुश्‍किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ड्रग्‍स केस में सेशन्‍स कोर्ट में बुधवार को उनकी ओर से सीनियर एडवोकेट अमित देसाई ने तमाम दलीलें रखीं लेकिन फिर मामले की सुनवाई गुरुवार यानी 14 अक्‍टूबर को 12 बजे के लिए तय हुई। इस दौरान देसाई ने कहा कि जांच एजेंसी नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो (NCB) की ओर से आर्यन पर ‘इंटरनैशनल ड्रग्‍स तस्‍करी के आरोप लगाए गए हैं। यह पूरी तरह से बेतुकी बात है। आर्यन के वकील ने कोर्ट में उनकी जमानत के लिए और क्‍या-क्‍या दलीलें दीं, आप खुद देखिए…

अमित देसाई ने कोर्ट से कहा, ‘हम इस वक्‍त सिर्फ जमानत से चिंतित हैं। यह पूरी घटना 2 अक्टूबर की दोपहर में शुरू होती है जब आर्यन को क्रूज पर पार्टी में इन्‍वाइट किया गया था। उन्हें एक ऐसे व्यक्ति ने इन्‍वाइट किया था जो ऑर्गनाइजर नहीं हो सकता- प्रतीक गब्बा, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है। आर्यन अपने दोस्त अरबाज मर्चेंट के साथ क्रूज पर गए थे। जब वह चेक-इन कर रहे थे, उन्‍हें एनसीबी ने रोक लिया। एनसीबी के मुताबिक, जो हुआ वह पंचनामा में है। आइए अब पंचनामा में जो लिखा है, उस हिसाब से चलते हैं। एनसीबी की टीम ने उसके बाद टर्मिनल पर पूछताछ शुरू की और इस दौरान दो ऐसे लोग मिले जिनकी उन्‍हें तलाश थी। उन्होंने विक्रांत चोकर और इश्मीत सिंह से पूछताछ की। जांच एजेंसी को उनके पास से कुछ ड्रग्‍स मिले। सिर्फ रिकॉर्ड के लिए, यह आइटम एमडी था और वह 5 ग्राम है।’

खान ने कबूल की चरस लेने की बात
देसाई ने आगे कहा, ‘विक्रांत कोकीन के साथ पकड़े गए और उनसे कथ‍ित तौर पर चरस जैसा पदार्थ भी बरामद किया गया। इश्मीत सिंह के पास से उन्हें गुलाबी रंग की 15 गोलियां मिलीं- एक्स्टसी। फिर उन्होंने एक और छापा मारा जहां बिक्री और खरीद के लिए कथित तौर पर पैसा रखा था। दो और लोग, जिनका विवरण संदिग्धों से मेल खाता था, को एनसीबी ने टर्मिनल पर रोका। वे दोनों आर्यन खान और अरबाज मर्चेंट थे। पंचनामा के मुताबिक, आईओ ने पूछा कि क्या उनके पास ड्रग्स है। उन्होंने स्वीकार किया कि चरस है। मर्चेंट ने स्वीकार किया कि वह खान के साथ चरस का सेवन कर रहे थे। खान से पूछने पर उन्‍होंने भी कहा कि उन्‍होंने चरस लिया है। अध‍िकारियों ने ड्रग्‍स जब्‍त कर सील कर दिया।’

आर्यन के पास नहीं निकला ड्रग्‍स
सीनियर एडवोकेट ने कहा, ‘जब सीक्रेट इन्‍फर्मेशन की बात आती है तो इस्‍तेमाल, खरीद-बिक्री और सेवन का इनपुट मिलता है यानी इस बार इन्‍हें दी गई जानकारी गलत थी। हो सकता है कि किसी ने आपसे कहा हो कि आर्यन के पास ड्रग्स है, वह इसका सेवन करेगा लेकिन यह गलत निकला। उन्होंने लोगों की पहचान ऐसे की, जैसे उनके पास फोटोज हैं लेकिन यह एजेंसियों की खुफिया जानकारी है। वे कई बार बहुत अच्छा काम भी करते हैं। वे ये सब जानते होंगे, आर्यन को पकड़ना चाहते होंगे लेकिन उनके पास कुछ नहीं था। ऐसे में एजेंसी के पास जो भी जानकारी थी, वह झूठी थी।’

अब तक तीन लोगों से ही हुई जब्‍ती
अमित देसाई ने कहा, ‘क्रूज पर कम्‍बाइंड सर्च किया गया। उन्हें अरबाज मर्चेंट के पास से 6 ग्राम चरस मिली। पहला फैक्‍ट जो पंचनामा में गौर करने वाला है कि आर्यन के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई। इस पर कोई बहस नहीं है, यह स्वीकार किया जाता है और निर्विवाद है। मर्चेंट से जो मात्रा बरामद हुई, वह बहुत छोटी है। शुरुआती जानकारी से शुरू करते हैं, सेवन, बिक्री और खपत, ये तीन पॉइंट्स हैं लेकिन अभी तक तीन लोगों से ही जब्‍ती हुई है, आर्यन के पास से कुछ नहीं मिला है।’

एनसीबी ने किया कॉपी और पेस्‍ट
वकील ने कहा, ‘वॉट्सऐप चैट पर तस्वीरें हैं। उन्होंने कहा कि वे और लोगों को गिरफ्तार कर रहे हैं और इसके बाद आर्यन को सोमवार तक के लिए रिमांड पर लिया गया। अगली तारीख, 5 और गिरफ्तार किए गए और इंटरनैशनल लिंक्‍स से जोड़कर एनसीबी ने हिरासत की मांग की। फिर उन्हें 7 अक्टूबर तक के लिए रिमांड पर लिया गया था। यह तब हुआ जब रिमांड में केवल एक व्यक्ति था जिसका नाम अचित है। एनसीबी ने रिमांड को कॉपी और पेस्‍ट किया। अब जो गिरफ्तारियां हो रही हैं, वह क्रूज मामले से अलग हैं। आर्यन और अरबाज के बयान पर अचित को अरेस्‍ट किया गया लेकिन यह गिरफ्तारी क्रूज केस में एफआईआर के लिए हुई थी। चोकर, इश्मीत, सतेजा, जसवाल को आर्यन के साथ जोड़ा गया। अच‍ित से क्रॉस क्‍वेश्‍चन के लिए खान की रिमांड की मांग की गई।’

अदालत को रखना पड़ता है तथ्‍यों का ध्‍यान

देसाई ने आगे कहा, ‘जब एनसीबी पार्टियों के लिए कानूनी कार्रवाई करती है तो अदालत को तथ्यों को ध्यान में रखना पड़ता है, न कि बिग पिक्‍चर कि वे बहुत से लोगों को पकड़ रहे हैं जो एक अच्छा काम है। ध्‍यान देने वाली बात यह भी है कि आप वहां उन लोगों को नहीं ला सकते, जो केस से जुड़े हुए नहीं हैं। इसे साजिश कहा जाता है। उस रविवार को सिर्फ इन्हीं लोगों को गिरफ्तार किया गया था जबकि पंचनामा में और भी लोग हैं, जिन्‍हें ड्रग्‍स लेने, बेचने और खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पहला सवाल, जिस पर विचार किया जाना चाहिए (बेशक जमानत का, क्योंकि इसमें 1 साल की सजा है) आर्यन का ड्रग्‍स सेवन में शामिल होना, उनके पास बिक्री के लिए कोई पदार्थ नहीं था और न ही कोई पैसा था, इसलिए कोई खरीद नहीं हो सकती है। जब्ती के संबंध में पंचानामा में खान का कोई संबंध नहीं दिखाया गया है, बस एक मुहावरा लिखा गया है ‘के संबंध में।’

आर्यन का धमेचा से कोई संबंध नहीं
देसाई ने कहा, ‘रिमांड आदेश में बताया गया है कि कितनी मात्रा में ड्रग्‍स बरामद किया गया। जब आर्यन खान की बात आई तो उसके पास से कुछ बरामद नहीं हुआ। मर्चेंट के पास से मात्र 6 ग्राम चरस ही बरामद हुआ। धमेचा से क्‍या हुआ, मुझे नहीं पता। 13 ग्राम कोकीन आर्यन के पास से नहीं निकला, न ही मेफेड्रोन की गोलियां। उनके पास कुछ नहीं था। उनके पास कैश भी नहीं था। जाहिर है कि उनके पास ड्रग्स लेने या बेचने की कोई योजना नहीं थी। पंचनामा और बाकी सब चीजों के अनुसार, आर्यन ने स्वीकार किया कि अरबाज सेवन करने के लिए चरस ले जा रहा था। अब पंचनामों में मामले किस तरह दाख‍िल किए जाते हैं, यह अलग से बहस का मुद्दा है। आर्यन के ख‍िलाफ बहुत से बहुत यही मामला बनता है। आर्यन, मर्चेंट और धमेचा को शाम 7 बजे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। आर्यन को 3 अक्टूबर को 02:00 बजे गिरफ्तार दिखाया गया था। पंचनामा में खान और मर्चेंट के बीच रिलेशन दिखाया गया है लेकिन धमेचा से कोई संबंध नहीं है। मैं उसके फैक्‍ट्स नहीं जानता कि वह उस वक्‍त कहां थीं और उसके साथ क्या हुआ, क्या परिस्थितियां थीं।’

आर्यन के बाद बयान के बाद नहीं हुई पूछताछ

देसाई ने कोर्ट में कहा, ‘5 और 6 अक्टूबर को और लोगों को गिरफ्तार किया गया था लेकिन मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि आर्यन के मूल बयान के बाद आगे कोई पूछताछ नहीं हुई, इसलिए एनसीबी को रिमांड नहीं दिया गया था और न्‍याय‍िक हिरासत में भेजा गया। यह जमानत के लिए जरूरी है, इसलिए मजिस्ट्रेट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मजिस्ट्रेट ने कहा कि लोगों को समन भेजा गया, जांच की गई और इसलिए अब पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं है।’

देसाई ने पढ़ा एनसीबी का जवाब
देसाई ने कोर्ट में एनसीबी का जवाब पढ़ते हुए कहा, ‘वे इन फैक्‍ट्स को सभी लोगों से संबंध में रख रहे हैं। अब तक 20 लोग गिरफ्तार हुए हैं। वे इंटरनैशनल ड्रग ट्रैफिकिंग का आरोप लगा रहे हैं। उनके पास एक विदेशी नागरिक भी गिरफ्तार है। जवाब में उन्होंने कई आरोपियों का जिक्र किया है लेकिन आरोप तो बहुत हैं। वे यहां किसका जिक्र कर रहे हैं? यह एक बहुत अच्छी तरह से तैयार किया गया उत्तर है। आर्यन और अरबाज के बीच दोस्ती से कोई इनकार नहीं कर रहा है। दोनों साथ में बड़े हुए हैं। वे जवाब में कह रहे हैं कि ‘उनका कनेक्‍शन है और क्‍लोज नेक्‍सस है’ लेकिन इसमें ‘वे’ कौन हैं? खान और मर्चेंट। हम इस जवाब में हर समय ‘अवैध तस्करी’ शब्‍द देख रहे हैं। उन्होंने यह सब आर्यन खान पर डाल दिया। मुझे विश्वास है कि वे जानते हैं कि यह एक गंभीर अपराध है। एनडीपीएस अधिनियम में अवैध तस्करी क्या है, यह कानून का एक शब्द है, यह कोई आकस्मिक शब्द नहीं है। एनडीपीएस ऐक्ट को अंदर से जानने वाली एनसीबी को पता होना चाहिए कि अवैध तस्करी क्या है। इस लड़के पर अवैध तस्करी का आरोप लगाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के संदर्भ में यह ‘स्वाभाविक रूप से बेतुका’ है।’

जिम्‍मेदार एजेंसी एनसीबी कह रही अवैध तस्‍करी की बात
देसाई ने कहा, ‘आर्यन के पास से कोई जब्‍ती नहीं हुई है। वे कह रहे हैं कि धमेचा और गोमित आदि से वसूली हुई है। इस लड़के से कुछ भी नहीं, वह क्रूज पर भी नहीं था और वे कहते हैं कि ये अवैध तस्करी में शामिल है। वे ड्रग्‍स की खरीद-बिक्री ही नहीं, उसे बनाए जाने की भी बात कर रहे हैं जबकि आर्यन के खिलाफ कुछ भी नहीं है। यह एक जिम्मेदार एजेंसी है। वे अवैध तस्करी कह रहे हैं और इससे निपटने वाली एकमात्र प्रावधान धारा 27ए है। 2 अक्टूबर को 4:50 से 3 अक्टूबर को 2:00 बजे के बीच आर्यन की तलाशी ली जा रही थी? उन्होंने उनका मोबाइल फोन ले लिया लेकिन उन्होंने 27ए नहीं लगाया क्योंकि वे जानते हैं कि आर्यन अवैध तस्करी में शामिल नहीं है। जिन अन्य को गिरफ्तार किया गया है, उनमें से केवल दो पर 27ए (चोकर और जसवाल) के तहत मामला दर्ज किया गया। जवाब में जो भी मीलॉर्ड्स ‘अवैध’ के लिए पढ़ेंगे, कृपया ध्यान रखें कि खान को 27ए के लिए गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने आर्यन से दोबारा पूछताछ नहीं की। पूछताछ में उन्हें केवल अचित के साथ एक चीज मिली, जिनके पास 2.6 ग्राम चरस था जो कि अवैध नहीं है।’

कोर्ट में पढ़ी गई आर्यन की जमानत अर्जी
देसाई ने कोर्ट में आर्यन की जमानत अर्जी पढ़ी। देसाई ने आर्यन के हवाले से पढ़ा, ‘जब मुझे गिरफ्तार किया गया तो गिरफ्तारी ज्ञापन में धाराओं का उल्लेख किया गया था। मुझे केवल एनडीपीएस अधिनियम की धारा 27, 20 (बी), 28, 29, 8 (सी) के तहत गिरफ्तार किया गया था। धारा 20(बी) कब्जा, खरीद, बिक्री, ड्रग्‍स बनाने, कुछ भी मुझ पर लागू नहीं होता है। मुझे नहीं पता कि यह कैसे लागू होता है। केवल एक अन्य बात है जो बयान है और जो स्वीकार्य नहीं हैं। हम जमानत पर हैं। 20 (बी), पंचनामा में है और हमें यह अध‍िकार मिलता है। वॉट्सऐप चैट होने के बावजूद 27A लागू नहीं होता है। धारा 28 का एक अटेम्‍प्‍ट है, भले ही मर्चेंट कथित रूप से चरस के साथ पाया गया हो। धारा 29 साजिश से जुड़ा है जो इनका बड़ा मामला है लेकिन आर्यन की गिरफ्तारी साजिश के आरोप में यानी धारा 29 के तहत नहीं हुई है। जब दूसरे लोगों की गिरफ्तारियां अलग पंचनामा के तहत है तो वे कैसे जुड़े हुए हैं? मांगे जाने के बाद ही पंचनामा दिया गया, कोई साजिश नहीं है। मर्चेंट के पास उनके खुद के सेवन के लिए ड्रग्‍स थे लेकिन वह कोई साजिश नहीं है। उन्हें 8 (सी), 20 (बी) और 27 के तहत गिरफ्तार किया गया था।’

कोर्ट में पेश किया गया चार्ट
देसाई ने कोर्ट में एक चार्ट प्रेजेंट किया जिसमें यह दिखाया गया है कि आर्यन को कैसे गिरफ्तार किया गया था। देसाई ने कोर्ट में अगस्त के डिसिल्वा मामले का हवाला दिया। उन्‍होंने कहा, ‘एनसीबी को अपराधों को अलग-अलग रखना चाहिए था, भले ही यह उनका विवेकाधिकार हो। इन आरोपों के साथ इस मामले में मुकदमे में आरोप तय करना अराजक होगा। मैं फिर कह रहा हूं कि आर्यन के पास से कोई जब्‍ती नहीं हुई है। एक साल तक की अधिकतम सजा के साथ अब हिरासत की कोई आवश्यकता नहीं है। कुछ तो करना ही होगा क्‍योंकि यह तरीका नहीं है। हां, वे युवा हैं और ऐसा कर रहे हैं लेकिन कई देशों में यह पदार्थ कानूनी है। वह हिरासत में हैं और उन्होंने अपना सबक सीख लिया है। वह पेडलर नहीं हैं। उन्होंने काफी सहा है।’