एप्पल की सप्लायर कंपनी विस्ट्रॉन ने वाइस प्रेसिडेंट को निकाला, नहीं दिए थे कर्मचारियों के पूरे पैसे!

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वेबवार्ता डेस्क: ताइवान की कंपनी विस्ट्रॉन कॉरपोरेशन ने कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट विन्सेंट ली को नौकरी से निकाल दिया है। उनकी ज़िम्मेदारी भारत में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग के बिज़नेस को देखने की थी।

यह कदम पिछले दिनों कर्नाटक के कोलार (Kolar, Karnataka) में कंपनी के आइफ़ोन प्लांट (iPhone Plant) में तोड़फोड़ के बाद उठाया है। विस्ट्रॉन (Wistron Corporation) ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि कर्मचारियों ने ये कदम उनके पूरे पैसे ना मिलने और काम की खराब स्थिति की वजह से उठाया था। कंपनी ने अपने बयान में सभी कर्मचारीयों से माफी (Apology) भी मांगी है।

क्या है मामला?

विस्ट्रॉन कॉर्प (Wistron Corporation) ने 12 दिसंबर को ताइवान स्टॉक एक्सचेंज (Taiwan Stock Exchange) को कोलार ज़िले के नरसापुरा के अपने आईफोन विनिर्माण संयंत्र (iPhone Manufacturing Plant) में हिंसा की जानकारी दी थी। कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि उन्हें सही तरीके से वेतन नहीं दिया जाता है। यह भी शिकायत थी कि महिलाओं को नियुक्त किया जाता है, लेकिन उनके लिए उचित व्यवस्था नहीं है। उनसे आठ के बजाय 12 घंटे काम लिया जाता है। कंपनी की तरफ से उनकी तमाम शिकायतों को अनसुना किया जाता रहा और एक दिन कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। बता दें कि विस्ट्रॉन की पांच-छह कंपनियों के साथ आउटसोर्सिंग व्यवस्था (Outsourcing Facility) है जिसके तहत कुल 8,490 ठेका श्रमिक हैं। इसके अलावा स्थायी कर्मचारियों की संख्या 1,343 है।

घटना के वक्त, लगभग 2,000 कर्मचारियों में से अधिकांश अपनी नाइट-शिफ्ट (Night-Shift) पूरी करने के बाद कंपनी से बाहर निकल रहे थे, तभी वे उग्र हो गए और फर्नीचर, असेंबली इकाइयों को क्षति पहुंचाने पर उतारू हो गए और वाहनों में भी आग लगाने का प्रयास किया। आगजनी के दौरान कुछ साथी कर्मचारियों ने घटना का वीडियो शूट (Video Shoot) कर लिया, जिसमें भीड़ को दरवाजों और शीशों को तोड़ते, कारों को उल्टा करते और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों (Senior Officers Office) को निशाना बनाते हुए देखा गया।

कंपनी को हुआ करीब 437 करोड़ का नुकसान

ताइवान की कंपनी विस्ट्रॉन कॉरपोरेशन (Taiwan’s Wistron Corporation) ने कहा है कि कर्नाटक के कोलार जिले में स्थित उसके संयंत्र (Plant) में कुछ कर्मचारियों द्वारा बकाया वेतन के मुद्दे पर की गई हिंसा के चलते उसे 437 करोड़ रुपये का नुकसान (Loss of 437 Crore) हुआ है। कंपनी के कार्यकारी टी डी प्रशांत (Company’s Executive TD Prashant) ने वेमगल पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत में कहा था कि 412.4 करोड़ रुपये मूल्य के कार्यालय उपकरण, मोबाइल फोन, विनिर्माण मशीनरी और संबंधित उपकरण नष्ट हो गए। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 10 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है, करीब 60 लाख रुपये की कार क्षतिग्रस्त हुईं हैं और 1.5 करोड़ रुपये का सामान चोरी हुआ है या खो गया है।