जल्द भारत नहीं आ रहा भगोड़ा विजय माल्या, जानें कैसे फैली ये अफवाह

New Delhi: शराब कारोबारी और भगोड़े विजय माल्या (Vijay Mallya) के किसी भी समय भारत आने की खबरें बुधवार रात को छाई रहीं। अब लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी ने इसका खंडन किया है। एक टीवी चैनल ने तो यहां तक दावा किया कि माल्या भारत आने के लिए विमान में बैठ गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार माल्या (Vijay Mallya) की पर्सनल असिस्टेंट (निजी सहायक) ने बताया कि वो प्रत्यर्पण से संबंधित किसी भी घटनाक्रम से अनभिज्ञ थीं। उन्होंने बुधवार देर रात कहा, ‘मुझे आज रात उनके वापस जाने की जानकारी नहीं है।’

इसी बीच भारतीय उच्चायोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि 64 वर्षीय भगोड़े काराबोरी (Vijay Mallya) को लंदन से भारत नहीं लाया जाएगा और न ही ऐसा जल्दी ही होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अभी उसके प्रत्यर्पण की कोई गुंजाइश नहीं है। मीडिया ने सीबीआई के पुराने बयानों के अनुसार खबरें प्रकाशित की। परिस्थिति नहीं बदली हैं। इसमें अभी समय लगेगा।

माल्या के भारत आने में देरी की एक वजह गृह सचिव प्रीति पटेल द्वारा कानूनी कारणों की वजह से प्रत्यर्पण पर हस्ताक्षर न करना है। ऐसा इसलिए क्योंकि अटकलें हैं कि वह शरण के लिए आवेदन कर सकता है और ब्रिटेन की अदालत में अभी उसके खिलाफ कुछ मामले लंबित हैं।

बता दें कि रिपोर्ट्स में कहा गया था कि कारोबारी माल्या सीबीआई और ईडी के साथ आएगा। चूंकि कानूनी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया खत्म हो गई है इसलिए उसे अदालत में पेश करने के बाद मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा जाएगा।

किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या पर देश के 17 बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये बकाया है। वह 2016 में ही भारत छोड़कर ब्रिटेन भाग गया था। भारतीय एजेंसियों ने ब्रिटेन की अदालत से माल्या के प्रत्यर्पण की अपील की और लंबी लड़ाई के बाद वहां की अदालत ने 14 मई को माल्या के भारत प्रत्यर्पण की अपील पर मुहर लगा दी थी।

माल्या 2016 से ही ब्रिटेन में रह रहा है। माल्या पर आरोप हैं कि उसने करीब 17 बैंकों को धोखा देकर कर्ज लिया। माल्या ने कर्ज का एक हिस्सा विदेश में कंपनियों के खाते में ट्रांसफर कर दिया। दरअसल माल्या के प्रत्यर्पण की बड़ी अड़चन 14 मई को दूर हो गई थी। उस समय माल्या प्रत्यर्पण के खिलाफ केस हार गया था।

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